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पॉक्सो एक्ट में तीन वर्ष की सजा
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ललितपुर। थाना बानपुर अंतर्गत खेत पर बकरियां चरा रही एक किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चंद्रमोहन श्रीवास्तव की अदालत ने एक व्यक्ति को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए एक तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक रमेश कुमार सिंह के अनुसार चार वर्ष पहले थाना बानपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 30 मार्च 2016 को उसकी बेटी (13) अपने खेत पर बकरियां चरा रही थी। तभी गांव का खेमचंद आया और बुरी नीयत से उसकी बेटी का हाथ पकड़कर खेत पर बने टपरे में ले जाने लगा। जिस पर उसकी बेटी चिल्लाई तो उसकी पत्नी मौके पर पहुंची और उसको खेमचंद से छुड़ाया। जिस पर खेमचंद उससे गाली गलौज कर मौके से भाग गया। उसने इसकी शिकायत थाने में की। बानपुर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
बुधवार को न्यायाधीश चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष की ओर से दी गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त खेमचंद को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दस हजार अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी आदेश किया कि जुर्माना की राशि में 80 प्रतिशत राशि पीड़ित किशोरी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक रमेश कुमार सिंह के अनुसार चार वर्ष पहले थाना बानपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 30 मार्च 2016 को उसकी बेटी (13) अपने खेत पर बकरियां चरा रही थी। तभी गांव का खेमचंद आया और बुरी नीयत से उसकी बेटी का हाथ पकड़कर खेत पर बने टपरे में ले जाने लगा। जिस पर उसकी बेटी चिल्लाई तो उसकी पत्नी मौके पर पहुंची और उसको खेमचंद से छुड़ाया। जिस पर खेमचंद उससे गाली गलौज कर मौके से भाग गया। उसने इसकी शिकायत थाने में की। बानपुर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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बुधवार को न्यायाधीश चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष की ओर से दी गईं दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त खेमचंद को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दस हजार अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी आदेश किया कि जुर्माना की राशि में 80 प्रतिशत राशि पीड़ित किशोरी को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
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