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अमझरा गोशाला में पहुंचे तीन हजार प्रवासी मजदूर
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अमझरा गौशाला के अंदर जाते बाहर से आए लोग
- फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द। तीन दिन से अमझरा बार्डर पर उमड़ी प्रवासी मजदूरों की भीड़ से गोशाला में जगह कम पड़ गई और मजदूरों को जंगल में सड़क किनारे रात बितानी पड़ी। अब अमझरा गोशाला में तीन हजार से अधिक प्रवासी मजदूर पहुंच गए हैं, जबकि अभी तक बार्डर से चालीस हजार से अधिक मजदूर निकल चुके हैं।
गोशाला में ठहरे मजदूरों को मात्र पानी पीने के लिए एक टैंकर की व्यवस्था की गई है। टैंकर पर भीड़ जमा हो गई तो लोगों ने गायों के लिए बनी हौदी का पानी पीकर प्यास बुझाई। दो दिन में 50 सरकारी बसों से मजदूरों को जिला प्रशासन द्वारा भिजवाजा गया, लेकिन लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। मध्यप्रदेश के सागर जिले से मप्र शासन द्वारा बसों से हजारों मजदूरों को अमझरा बार्डर पर छुड़वाया जा रहा है, इससे यहां पर भीड़ लगातार बढ रही है। कुछ लोगों को हाइवे से निकल रहे वाहनों को रुकवाकर पुलिस ने भिजवाया। इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में मजदूर अमझरा गोशाला में रुके हुए हैं। लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आ रहे हैं, जिससे अमझरा घाटी बार्डर पर हजारों की संख्या में मजदूरों की भीड़ बढ रही है।
प्रयागराज जा रहे
3500 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से 40 लोग गाड़ी से सूरत से चलकर प्रयागराज जा रहे हैं। गुलाम अली ने बताया कि इस गाड़ी में बैठने में दिक्कतें हो रही हैं, क्योंकि पैर पसारने को जगह नहीं है। दिन में तेज धूप पड़ने से गाड़ी बहुत तपती है तो गर्मी लगती है। लंबा सफर बड़ी चुनौतियों भरा है। इसी तरह एक पिकअप मुंबई से गोरखपुर गई है, इसमें डबल पार्टीसन करके पचास सवारियों को बैठाकर ले जाया गया।
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झारखंड व बिहार के मजदूर हैं परेशान
24 लोग मुंबई से पैदल चलकर आए हैं। बैजनाथ राम का कहना है कि वहां पर मिस्त्री का काम करते थे, जैसे ही लॉकडाउन हो गया तो ठेकेदार ने भगा दिया। तीन- तीन माह की मजदूरी नहीं दी। दो दिन गोशाला में ठहरे तो स्थानीय लोगों ने भगा दिया कि बिहार व झारखंड वालों को कोई साधन नहीं है। अब पैदल चल रहे हैं।
250 वाहनों से निकले दस हजार मजदूर
आठ प्रांतों से मजदूर निजी वाहन किराए पर करके आ रहे हैं तो कई लोग पैदल चलकर आ रहे हैं। चार दिन में करीब बीस हजार मजदूर प्राइवेट वाहनों से निकले हैं। पचास सरकारी बसों से 2500 लोग भिजवाए गए हैं।
मध्य प्रदेश शासन ने दस बसों से लगभग पांच सौ लोगों को अमझरा बार्डर पर छुड़वा दिया है। इससे फिर से भीड़ बढ़ने लगी है। किसी भी व्यक्ति को पैदल नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी को साधन उपलब्ध कराकर छुड़वाया जा रहा है।
- फूल सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली
दो दिन में पचास सरकारी बसों से मजदूरों को गृह जनपदों में भिजवाजा गया है। कुछ लोगों को हाइवे से निकल रहे बाहनों को रुकवाकर भिजवाया गया। अमझरा बार्डर से अभी तक चालीस हजार से अधिक मजदूर निकल गए हैं। मध्य प्रदेश से लगातार भीड़ बढ़ रही है, जिसे कंट्रोल कर गोशाला में रोका जा रहा है। - अभिषेक कुमार सिंह, तहसीलदार पाली
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गोशाला में ठहरे मजदूरों को मात्र पानी पीने के लिए एक टैंकर की व्यवस्था की गई है। टैंकर पर भीड़ जमा हो गई तो लोगों ने गायों के लिए बनी हौदी का पानी पीकर प्यास बुझाई। दो दिन में 50 सरकारी बसों से मजदूरों को जिला प्रशासन द्वारा भिजवाजा गया, लेकिन लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। मध्यप्रदेश के सागर जिले से मप्र शासन द्वारा बसों से हजारों मजदूरों को अमझरा बार्डर पर छुड़वाया जा रहा है, इससे यहां पर भीड़ लगातार बढ रही है। कुछ लोगों को हाइवे से निकल रहे वाहनों को रुकवाकर पुलिस ने भिजवाया। इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में मजदूर अमझरा गोशाला में रुके हुए हैं। लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आ रहे हैं, जिससे अमझरा घाटी बार्डर पर हजारों की संख्या में मजदूरों की भीड़ बढ रही है।
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प्रयागराज जा रहे
3500 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से 40 लोग गाड़ी से सूरत से चलकर प्रयागराज जा रहे हैं। गुलाम अली ने बताया कि इस गाड़ी में बैठने में दिक्कतें हो रही हैं, क्योंकि पैर पसारने को जगह नहीं है। दिन में तेज धूप पड़ने से गाड़ी बहुत तपती है तो गर्मी लगती है। लंबा सफर बड़ी चुनौतियों भरा है। इसी तरह एक पिकअप मुंबई से गोरखपुर गई है, इसमें डबल पार्टीसन करके पचास सवारियों को बैठाकर ले जाया गया।
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झारखंड व बिहार के मजदूर हैं परेशान
24 लोग मुंबई से पैदल चलकर आए हैं। बैजनाथ राम का कहना है कि वहां पर मिस्त्री का काम करते थे, जैसे ही लॉकडाउन हो गया तो ठेकेदार ने भगा दिया। तीन- तीन माह की मजदूरी नहीं दी। दो दिन गोशाला में ठहरे तो स्थानीय लोगों ने भगा दिया कि बिहार व झारखंड वालों को कोई साधन नहीं है। अब पैदल चल रहे हैं।
250 वाहनों से निकले दस हजार मजदूर
आठ प्रांतों से मजदूर निजी वाहन किराए पर करके आ रहे हैं तो कई लोग पैदल चलकर आ रहे हैं। चार दिन में करीब बीस हजार मजदूर प्राइवेट वाहनों से निकले हैं। पचास सरकारी बसों से 2500 लोग भिजवाए गए हैं।
मध्य प्रदेश शासन ने दस बसों से लगभग पांच सौ लोगों को अमझरा बार्डर पर छुड़वा दिया है। इससे फिर से भीड़ बढ़ने लगी है। किसी भी व्यक्ति को पैदल नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी को साधन उपलब्ध कराकर छुड़वाया जा रहा है।
- फूल सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली
दो दिन में पचास सरकारी बसों से मजदूरों को गृह जनपदों में भिजवाजा गया है। कुछ लोगों को हाइवे से निकल रहे बाहनों को रुकवाकर भिजवाया गया। अमझरा बार्डर से अभी तक चालीस हजार से अधिक मजदूर निकल गए हैं। मध्य प्रदेश से लगातार भीड़ बढ़ रही है, जिसे कंट्रोल कर गोशाला में रोका जा रहा है। - अभिषेक कुमार सिंह, तहसीलदार पाली

अमझरा गौशाला में लगी बाहर से आए लोगों की भीड़- फोटो : LALITPUR

अमझरा में पुलिस के सामने ट्रक के उपर बैठकर निकलते लोग- फोटो : LALITPUR