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Lalitpur News: धन की कमी नहीं, फिर भी पर्यटन विकास योजनाएं लटकीं1
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां पर्यटन विकास की 14 योजनाएं स्वीकृत हैं। 22 करोड़ 20 लाख की लागत से इन परियोजनाओं को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को मिली है। शासन ने धनराशि भी स्वीकृत कर दी है, लेकिन यह योजनाएं अधर में हैं।
आठ परियोजनाओं का कार्य आचार संहिता लागू होने से पूर्व प्रारंभ हो गया था, लेकिन तीन माह में इनकी प्रगति नगण्य है। जो परियोजनाएं चल रही हैं, उनमें बालाबेहट किले को जाने वाला मार्ग, पार्किंग व यात्री सुविधाओं के कार्य, सौंरई किले का पर्यटन विकास, मड़ावरा किले तक जाने वाला मार्ग, बानपुर किले का पर्यटन विकास, अमझरा घाटी का सुंदरीकरण, देवा मंदिर में पर्यटन विकास, बंदरगुढ़ा, चंडी मंदिर धाम, गिन्नौट बाग व करकरावल जलप्रपात का पर्यटन विकास के कार्य शामिल हैं।
वहीं सीडीओ केके पांडे का कहना है कि पर्यटन विकास कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा है। सभी कार्य जनवरी 2025 से पहले पूरे होने हैं, निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करा लिए जाएंगे। ं
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ललितपुर। यहां पर्यटन विकास की 14 योजनाएं स्वीकृत हैं। 22 करोड़ 20 लाख की लागत से इन परियोजनाओं को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को मिली है। शासन ने धनराशि भी स्वीकृत कर दी है, लेकिन यह योजनाएं अधर में हैं।
आठ परियोजनाओं का कार्य आचार संहिता लागू होने से पूर्व प्रारंभ हो गया था, लेकिन तीन माह में इनकी प्रगति नगण्य है। जो परियोजनाएं चल रही हैं, उनमें बालाबेहट किले को जाने वाला मार्ग, पार्किंग व यात्री सुविधाओं के कार्य, सौंरई किले का पर्यटन विकास, मड़ावरा किले तक जाने वाला मार्ग, बानपुर किले का पर्यटन विकास, अमझरा घाटी का सुंदरीकरण, देवा मंदिर में पर्यटन विकास, बंदरगुढ़ा, चंडी मंदिर धाम, गिन्नौट बाग व करकरावल जलप्रपात का पर्यटन विकास के कार्य शामिल हैं।
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वहीं सीडीओ केके पांडे का कहना है कि पर्यटन विकास कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा है। सभी कार्य जनवरी 2025 से पहले पूरे होने हैं, निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करा लिए जाएंगे। ं
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