फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The world is full of mysteries, man has not been able to escape from it:

Lalitpur News: संसार रहस्यों से भरा पड़ा, मानव उससे निकल नहीं पाया

Sun, 14 Jan 2024 03:22 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 03:22 PM IST
विज्ञापन
The world is full of mysteries, man has not been able to escape from it:
तालबेहट। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनि विनम्र सागर ने कहा कि 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा पर ऐसा कुछ करें कि मनुष्य ही नहीं पंच स्थावर जीव में भी उत्साह हो। जल, पृथ्वी, अग्नि, वनस्पति और वायु कायिक जीवों पर दया करना विश्व की जिम्मेदारी है। हमारी भावनाओं में उनके प्रति दर्द हो, साधक की तरह पुरुषार्थ करो जिसके लिए गंभीरता लाने की जरूरत है।
विज्ञापन

सुबह मुनि विनम्र सागर महाराज के साथ मुनि निस्वार्थ सागर, मुनि निर्मद सागर, मुनि निसर्ग सागर, मुनि श्रमण सागर एवं क्षुल्लक हीरक सागर के सानिध्य में सामूहिक अभिषेक शांतिधारा पूजन एवं विधान का आयोजन किया। इस मौक़े पर मुनि विनम्र सागर महाराज ने कहा कि संसार रहस्यों से भरा पड़ा है। मानव उसके रहस्यों से नहीं निकल पाया है।
विज्ञापन

दस प्राणायामों में पांच इंद्रियों बाद मनोबल और वचन बल का स्थान आता है, लेकिन आज कल मनुष्य में इनका अभाव है। मानव से अधिक सहन शक्ति और सहनशीलता जानवरों में है लेकिन इंसान की तकलीफ ही संसार का कारण है। क्योंकि वह अपने बल की सुरक्षा के लिए कितने जीवों के बल को तोड़ता है। काया के बल, सक्षमता और सामर्थ्य बनाकर रखो लेकिन दूसरे जीवों के बल को तोड़कर नहीं। दस लाख वनस्पति कायिक जीवों की मर्यादा को बनाकर रखो, उन पर दया दिखाकर अभय दान दो। जैन धर्म में आहार शुद्धि का बहुत बड़ा योगदान है, अहिंसा मय भोजन सर्वज्ञ बनने का निमित्त बनता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भोजन का संबंध लड़ाई और समझौता से है। यदि आहार दया व करुणा से परिपूर्ण है तो निश्चित ही उस परिवार में शांति होगी। कम से कम हिंसा में जीवन गुजार दो और उसका पश्चताप करो। सिद्धालय में सिद्ध बनकर जाने का प्रयास करो। उन्होंने कहा कि स्कूल में पढ़े हुए से जिंदगी नहीं चलती जो वहां पढ़ाया जाता है, उसमें जीवन की सार्थकता नहीं है और जो जिंदगी जीने के लिए जरूरी है वह बच्चे आज कल सुनना नहीं चाहते। इस मौके पर दिगंबर जैन मंदिर समिति, पंचकल्याणक समिति, अहिंसा सेवा संगठन, वीर सेवा दल, जैन युवा सेवा संघ, जैन मिलन सहित समाज के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed