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Lalitpur News: एक करोड़ खर्च करके दीवार बन गई, तब मिला काम रोकने का नोटिस

Fri, 31 Mar 2023 12:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Mar 2023 12:38 AM IST
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The wall was built after spending one crore, then got a notice to stop the work
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ने कानपुर-ग्वालियर हाइवे की तरफ जब एक करोड़ रुपये खर्च करके बाउंड्रीवॉल बना दी, तो एनएचएआई ने काम रोकने का नोटिस थमा दिया। कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए एनएचएआई की भूमि सड़क के मध्य से 30 मीटर है। ऐसे में कैंपस में बने 76 आवासों के भी टूटने का खतरा मंडराने लगा है।
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मेडिकल कॉलेज में 17 मई 2018 को कर्मचारी के घर लूटपाट के बाद उसकी पत्नी की हत्या कर दी थी। इसके बाद कर्मचारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए हाइवे की तरफ बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने की मांग की थी। कॉलेज प्रशासन की तरफ से शासन से बजट मांगा गया था। डेढ़ करोड़ रुपये बजट मिलने के बाद दो महीने पहले कॉलेज प्रशासन ने बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कराया। बताया गया कि जब दीवार का 75 फीसदी काम पूरा हो गया और लगभग एक करोड़ रुपये खर्च हो गए, इसके बाद एनएचएआई ने काम रोकने का नोटिस थमा दिया।
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परियोजना निदेशक की तरफ से काॅलेज प्राचार्य को पत्र लिखा गया कि जिस स्थान पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है, उसका अर्जन छह लेन हाइवे बनाने के लिए एनएचएआई द्वारा किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए एनएचएआई की भूमि सड़क के मध्य से 30 मीटर है। ऐसे में निर्माण कार्य रोक दिया जाए। बताया गया कि एनएचएआई ने हाइवे से जिस 30 मीटर भूमि का अधिग्रहण करने की बात कही है, उसमें मेडिकल कॉलेज के टाइप-1 के और टाइप-2 के चार आवास आ रहे हैं।
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ऐसे में काॅलेज प्रशासन की तरफ से भी एनएचएआई से मुआवजा या फिर नए आवास बनाने की शर्त रख दी गई है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि दस्तावेजों में इस बात का उल्लेख है कि अगर आवास टूटेंगे तो एनएचएआई द्वारा इसका मुआवजा दिया जाएगा या फिर नए बनवाए जाएंगे।

वहीं, एनएचएआई के परियोजना निदेशक सुनील कुमार जैन ने कहा कि फाइल देखने पर पता चला है कि जमीन अधिग्रहण के बाद आवास या फिर बाउंड्रीवॉल टूटने पर मुआवजा देने का प्रावधान है। चूंकि, हाइवे के किनारे सर्विस लेन बनी हुई है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि बिना मेडिकल कॉलेज की भूमि लिए छह लेन का हाइवे बनाया जाए।
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