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व्याधि से समाधि की ओर ले जाने का परम साधन है श्रीमद्भागवत कथा : मधुसूदन महाराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
सौजना (ललितपुर)। कथा व्यास मधुसूदन महाराज ने कहा कि व्याधि से समाधि की ओर ले जाने का परम साधन श्रीमद्भागवत कथा है। वह बृहस्पतिवार को ग्राम गौना (कुसमाड़) स्थित बेर के हनुमान जी महाराज मंदिर प्रांगण में भागवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
सागर राजघाट से पधारे कथा व्यास ने कहा कि नारद जी के प्रभाव से व्यास जी के हृदय में श्रीमद्भागवत प्रकट हुई। भागवत के प्रकट होते ही व्यास जी के हृदय में जो मानहीन अवस्था थी, वह शांत हो गई और व्यास जी समाधिस्त हो गए। कथा व्यास ने कहा कि जो भावपूर्वक कथा को श्रवण करता है, आत्मसात करता है वह सांसारिक व्याधियों से मुक्त होकर अंतर्मुखी हो जाता है यानि समाधिस्थ हो जाता है। कथा में ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
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सौजना (ललितपुर)। कथा व्यास मधुसूदन महाराज ने कहा कि व्याधि से समाधि की ओर ले जाने का परम साधन श्रीमद्भागवत कथा है। वह बृहस्पतिवार को ग्राम गौना (कुसमाड़) स्थित बेर के हनुमान जी महाराज मंदिर प्रांगण में भागवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
सागर राजघाट से पधारे कथा व्यास ने कहा कि नारद जी के प्रभाव से व्यास जी के हृदय में श्रीमद्भागवत प्रकट हुई। भागवत के प्रकट होते ही व्यास जी के हृदय में जो मानहीन अवस्था थी, वह शांत हो गई और व्यास जी समाधिस्त हो गए। कथा व्यास ने कहा कि जो भावपूर्वक कथा को श्रवण करता है, आत्मसात करता है वह सांसारिक व्याधियों से मुक्त होकर अंतर्मुखी हो जाता है यानि समाधिस्थ हो जाता है। कथा में ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
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