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Lalitpur News: प्रदेश सरकार नहीं सुलझा सकी विवाद, केंद्र की दखल से उड़ान भरेगा हवाई जहाज

Tue, 22 Nov 2022 11:52 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 11:52 PM IST
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The state government could not resolve the dispute, the airplane will fly with the intervention of the center
ललितपुर। जिले में हवाई अड्डे का निर्माण हवा में लटकता नजर आ रहा है। हवाई पट्टी की जमीन को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में चल रहा विवाद दूर नहीं हो पा रहा है। शासन स्तर पर दोनों मंत्रालय के बीच हुए विवाद को कई बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका। ऐसे में अब इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। अब दोनों मंत्रालयों में आपसी सहमति न बनी, तो हवाई अड्डे का काम प्रभावित होना तय है। हालांकि अफसर दोनों मंत्रालय केंद्र सरकार के होने से जल्द सहमति बनने की बात कह रहे हैं।
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जिले में दो साल पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई अड्डे का निर्माण कराने की घोषणा की थी। जिसके बाद जिला प्रशासन को भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने गल्लामंडी के सामने स्थित हवाई पट्टी और उससे लगे गांव सेवनी में कुल 390 एकड़ जमीन चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा। शासन के निर्देश पर अक्तूबर 2021 में भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया। अफसरों ने भूमि अधिगहण के दौरान सरकारी भूमि का अधिग्रहण कर लिया।
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जैसे ही अफसर हवाई पट्टी की भूमि का अधिग्रहण करने पहुंचे तो रक्षा मंत्रालय ने इस 78 एकड़ जमीन को अपना बताते हुए काम रुकवा दिया। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय तक पहुंचा तो मंत्रालय ने जमीन को लेकर राज्यपाल के वर्ष 1985 के आदेश का हवाला दिया। जिसमें राज्यपाल ने हवाई पट्टी को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नाम किया था। मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय को कुछ भी देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद इस जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका और मामला शासन के पास पहुंच गया।
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इसके बाद शासन स्तर पर निरंतर बैठकों का दौर शुरू हुआ, लेकिन मामला नहीं सुलझ सका। अब हवाई पट्टी का विवाद राज्य सरकार से केंद्र सरकार के पास पहुंच गया है। इस प्रकरण को अब केंद्र सरकार द्वारा निपटाया जाएगा। हालांकि अफसरों का कहना है कि विवाद से हवाई अड्डा निर्माण में कोई रुकावट नहीं आ रही है। क्योंकि दोनों विभाग केंद्र सरकार के अधीन हैं।
28 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण बाकी
हवाई अड्डा निर्माण के लिए 91 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। अब तक जिला प्रशासन ने 63 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। जबकि 28 हेक्टेयर भूमि को क्रय किया जाना बाकी है।

हवाई पट्टी की 78 एकड़ भूमि का जनपद स्तर से कोई सरोकार नहीं है। केंद्र सरकार स्तर पर यह निर्णय लिया जाएगा। शासन के आदेश पर निजी भूमि क्रय करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।
श्याममणि त्रिपाठी, तहसीलदार सदर
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