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Lalitpur News: सीडीओ के बिना अनुमति के ध्वस्त हो गया पुराना कोतवाल आवास
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- गैर कानूनी तरीके से ध्वस्त इमारत पर प्रशासन के एक्शन का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के बीचों-बीच जिला पंचायत की बेशकीमती भूमि है, इसका हाल ही में ध्वस्तीकरण कर दिया गया है। लेकिन जब ध्वस्तीकरण निविदा निकाली गई, तो उसकी शिकायत आईजीआरएस पर की गई। शिकायत निस्तारण में यह कहा कि ध्वस्तीकरण के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो बिना मुख्य विकास अधिकारी के बिना किसी अनुशंसा इस इमारत को ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही शासन से अनुमति भी नहीं ली गई है।
पुराना कोतवाल आवास प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। ध्वस्तीकरण के लिए जब जिला पंचायत ने निविदा निकाली, तो उसकी शिकायत आजादपुरा निवासी आरिफ ने आईजीआरएस पर की, जिसमें आरोप लगाया कि बिना शाासन की अनुमति के यह ध्वस्तीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, इस इमारत को जर्जर बताते हुए, इसके ध्वस्त करने का कारण बताया, साथ ही ध्वस्तीकरण के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन की बता जवाब में कही गई। लेकिन यह इमारत को ध्वस्त भी कर दिया गया, लेकिन मुख्य विकास अधिकारी के पास अभी तक कोई पत्रावली नहीं पहुंची। जिला पंचायत की यह कारगुजारी अब प्रकाश में आने लगी है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन जिला पंचायत के इस गैर कानूनी कृत्य पर क्या कार्रवाई अमल में लाता है।
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जिला पंचायत के पुराना कोतवाल आवास के संबंध में कोई भी पत्रावली नहीं आई है, यह कब ध्वस्त किया गया, इसका पता नहीं है। इस प्रकरण संबंध में जिला पंचायत से जानकारी ली जाएगी।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के बीचों-बीच जिला पंचायत की बेशकीमती भूमि है, इसका हाल ही में ध्वस्तीकरण कर दिया गया है। लेकिन जब ध्वस्तीकरण निविदा निकाली गई, तो उसकी शिकायत आईजीआरएस पर की गई। शिकायत निस्तारण में यह कहा कि ध्वस्तीकरण के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा जाएगा। लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो बिना मुख्य विकास अधिकारी के बिना किसी अनुशंसा इस इमारत को ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही शासन से अनुमति भी नहीं ली गई है।
पुराना कोतवाल आवास प्रकरण ने अब नया मोड़ ले लिया है। ध्वस्तीकरण के लिए जब जिला पंचायत ने निविदा निकाली, तो उसकी शिकायत आजादपुरा निवासी आरिफ ने आईजीआरएस पर की, जिसमें आरोप लगाया कि बिना शाासन की अनुमति के यह ध्वस्तीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, इस इमारत को जर्जर बताते हुए, इसके ध्वस्त करने का कारण बताया, साथ ही ध्वस्तीकरण के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन की बता जवाब में कही गई। लेकिन यह इमारत को ध्वस्त भी कर दिया गया, लेकिन मुख्य विकास अधिकारी के पास अभी तक कोई पत्रावली नहीं पहुंची। जिला पंचायत की यह कारगुजारी अब प्रकाश में आने लगी है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन जिला पंचायत के इस गैर कानूनी कृत्य पर क्या कार्रवाई अमल में लाता है।
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जिला पंचायत के पुराना कोतवाल आवास के संबंध में कोई भी पत्रावली नहीं आई है, यह कब ध्वस्त किया गया, इसका पता नहीं है। इस प्रकरण संबंध में जिला पंचायत से जानकारी ली जाएगी।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी