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Lalitpur News: नए आरक्षण ने किया सीटों में भारी उलटफेर, सामान्य हुईं चार सीट
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झांसी। नगर निकाय चुनाव के लिए सरकार ने दिसंबर में तय हुए आरक्षण को निरस्त करके बुधवार को नया अनंतिम आरक्षण जारी कर दिया हालांकि इसमें भी महापौर की सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित हो गई लेकिन, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट के आरक्षण में भारी उलट फेर हुआ है। पिछले आरक्षण में झांसी की 13 निकाय सीटों में 10 सीट अनुसूचित जाति वर्ग में आरक्षित कर दी गई थीं लेकिन, नए आरक्षण में सामान्य को चार, पिछड़ा वर्ग को तीन एवं महिला वर्ग में एक सीट आरक्षित की गई। पिछली दफा इन सभी वर्ग को महज एक सीट ही दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में पेच फंसने के बाद सरकार ने पहली दफा ट्रिपल टेस्ट के आधार आरक्षण तय किया। यह आरक्षण अधिनियम में संशोधन के बाद चक्रानुक्रम को शून्य करने के बाद किया गया। नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की ओर से जारी अनंतिम आरक्षण सूची के मुताबिक महापौर सीट अनुसूचित जाति वर्ग में ही आरक्षित रखी गई है। वर्ष 2017 के चुनाव में यह सीट सामान्य थी लेकिन, दिसंबर 2022 में हुए आरक्षण में यह सीट अनुसूचित जाति में चली गई।
इसी तरह नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की पांच सीटों में इस दफा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को दो-दो सीटें एवं अनुसूचित जाति को एक सीट आरक्षित की गई जबकि दिसंबर माह में अनुसूचित जाति को ही तीन सीटें दी गई थीं। सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग को सिर्फ एक-एक सीट ही दी गई थी।
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सबसे गहरा असंतोष नगर पंचायत अध्यक्ष सीट को लेकर सामने आया था। झांसी में कुल सात नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों में से छह सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दी गईं। सिर्फ एक सीट महिला वर्ग को छोड़ी गई लेकिन, नए आरक्षण में भारी उलटफेर कर दिया गया। नए आरक्षण में सामान्य वर्ग के खाते में सर्वाधिक 3 सीटें आई हैं जबकि अनुसूचित जाति को दो, पिछड़ा वर्ग एवं महिला को एक-एक सीट आरक्षित की गई है। वहीं, इस अनंतिम आरक्षण के जारी होने के साथ ही उम्मीदवार सियासी दलों से टिकट हासिल करने की होड़ में जुट गए।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के आरक्षण की अनंतिम सूची
नगर पालिका सीट आरक्षण दिसंबर 2022 मार्च 2023
मऊरानीपुर- अनुसूचित जाति महिला- अनुसूचित जाति
गुरसराय- अनुसूचित जाति अनारक्षित
समथर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग
चिरगांव अन्य पिछड़ा वर्ग महिला अनारक्षित
बरुआसागर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
नगर पंचायत अध्यक्षों की अनंतिम सूची
सीट दिसंबर 2022 मार्च 2023
मोंठ- अनुसूचित जाति महिला
बड़ागांव- महिला पिछड़ा वर्ग महिला
एरच अनुसूचित जाति सामान्य
रानीपुर- अनुसूचित जाति महिला अनुसूचित जाति महिला
कटेरा- अनुसूचित जाति महिला अनुसूचित जाति
गरौठा अनुसूचित जाति सामान्य
टोड़ी फतेहपुर अनुसूचित जाति सामान्य
एक सप्ताह तक दाखिल की जा सकेगी आपत्ति
शासन की ओर से आरक्षण की इस अनंतिम सूची पर आपत्ति जताने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण को लेकर आपत्तियां सिर्फ प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को 6 अप्रैल की शाम छह बजे तक दी जा सकेंगी। यह आपत्ति लिखित अथवा व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर दिया जा सकेगा। इनको निस्तारित करने के बाद अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन होगा।
महापौर सीट दोबारा अनुसूचित कोटे में जाने से फिर मायूस हुए राजनीतिक दिग्गज
महापौर सीट अनुसूचित जाति में ही दोबारा आरक्षित कर दिए जाने से राजनीतिक दिग्गज फिर से मायूस हो गए। दिसंबर में हुए आरक्षण के चलते चुनावी मैदान से बाहर हो गए दिग्गजों के मन में आस जाग गई थी। उनको उम्मीद थी कि दोबारा आरक्षण होने से उनकी किस्मत पलट सकती है। एक हद तक उनकी उम्मीद पूरी भी हुई लेकिन, आखिरी समय में किस्मत ने उनको दोबारा दगा दे दिया। दोबारा आरक्षण होने पर भी महापौर सीट अनुसूचित जाति वर्ग में आरक्षित हो गई। महापौर सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित किए जाने से तमाम राजनीतिक दिग्गजों को गहरा झटका लगा है।
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सुप्रीम कोर्ट में पेच फंसने के बाद सरकार ने पहली दफा ट्रिपल टेस्ट के आधार आरक्षण तय किया। यह आरक्षण अधिनियम में संशोधन के बाद चक्रानुक्रम को शून्य करने के बाद किया गया। नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की ओर से जारी अनंतिम आरक्षण सूची के मुताबिक महापौर सीट अनुसूचित जाति वर्ग में ही आरक्षित रखी गई है। वर्ष 2017 के चुनाव में यह सीट सामान्य थी लेकिन, दिसंबर 2022 में हुए आरक्षण में यह सीट अनुसूचित जाति में चली गई।
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इसी तरह नगर पालिका परिषद अध्यक्ष की पांच सीटों में इस दफा सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को दो-दो सीटें एवं अनुसूचित जाति को एक सीट आरक्षित की गई जबकि दिसंबर माह में अनुसूचित जाति को ही तीन सीटें दी गई थीं। सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग को सिर्फ एक-एक सीट ही दी गई थी।
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सबसे गहरा असंतोष नगर पंचायत अध्यक्ष सीट को लेकर सामने आया था। झांसी में कुल सात नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों में से छह सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दी गईं। सिर्फ एक सीट महिला वर्ग को छोड़ी गई लेकिन, नए आरक्षण में भारी उलटफेर कर दिया गया। नए आरक्षण में सामान्य वर्ग के खाते में सर्वाधिक 3 सीटें आई हैं जबकि अनुसूचित जाति को दो, पिछड़ा वर्ग एवं महिला को एक-एक सीट आरक्षित की गई है। वहीं, इस अनंतिम आरक्षण के जारी होने के साथ ही उम्मीदवार सियासी दलों से टिकट हासिल करने की होड़ में जुट गए।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के आरक्षण की अनंतिम सूची
नगर पालिका सीट आरक्षण दिसंबर 2022 मार्च 2023
मऊरानीपुर- अनुसूचित जाति महिला- अनुसूचित जाति
गुरसराय- अनुसूचित जाति अनारक्षित
समथर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग
चिरगांव अन्य पिछड़ा वर्ग महिला अनारक्षित
बरुआसागर अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
नगर पंचायत अध्यक्षों की अनंतिम सूची
सीट दिसंबर 2022 मार्च 2023
मोंठ- अनुसूचित जाति महिला
बड़ागांव- महिला पिछड़ा वर्ग महिला
एरच अनुसूचित जाति सामान्य
रानीपुर- अनुसूचित जाति महिला अनुसूचित जाति महिला
कटेरा- अनुसूचित जाति महिला अनुसूचित जाति
गरौठा अनुसूचित जाति सामान्य
टोड़ी फतेहपुर अनुसूचित जाति सामान्य
एक सप्ताह तक दाखिल की जा सकेगी आपत्ति
शासन की ओर से आरक्षण की इस अनंतिम सूची पर आपत्ति जताने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण को लेकर आपत्तियां सिर्फ प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को 6 अप्रैल की शाम छह बजे तक दी जा सकेंगी। यह आपत्ति लिखित अथवा व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर दिया जा सकेगा। इनको निस्तारित करने के बाद अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन होगा।
महापौर सीट दोबारा अनुसूचित कोटे में जाने से फिर मायूस हुए राजनीतिक दिग्गज
महापौर सीट अनुसूचित जाति में ही दोबारा आरक्षित कर दिए जाने से राजनीतिक दिग्गज फिर से मायूस हो गए। दिसंबर में हुए आरक्षण के चलते चुनावी मैदान से बाहर हो गए दिग्गजों के मन में आस जाग गई थी। उनको उम्मीद थी कि दोबारा आरक्षण होने से उनकी किस्मत पलट सकती है। एक हद तक उनकी उम्मीद पूरी भी हुई लेकिन, आखिरी समय में किस्मत ने उनको दोबारा दगा दे दिया। दोबारा आरक्षण होने पर भी महापौर सीट अनुसूचित जाति वर्ग में आरक्षित हो गई। महापौर सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित किए जाने से तमाम राजनीतिक दिग्गजों को गहरा झटका लगा है।