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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में मरम्मत के बाद भी शुरू नहीं हो सकी लिफ्ट
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- रैंप के सहारे पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल काॅलेज के पुराने भवन (जिला अस्पताल) में लिफ्ट की मरम्मत कर दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में लिफ्ट बंद पड़ी हुई है। ऐसे में मरीजों को रैंप के सहारे प्रथम व द्वितीय तल पर पहुंचना पड़ रहा है। तीमारदार न होने की स्थिति में मरीजों को आने जाने में परेशानी बढ़ जाती है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों को प्रथम व द्वितीय तल पर पहुंचने के लिए लिफ्ट की सुविधा की गई थी। शुरुआत में लिफ्ट चली, इससे मरीज स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के साथ प्रथम व द्वितीय तल पर आवागमन कर रहे थे। कुछ ही माह बाद लिफ्ट खराब हो गई थी, तब से लगभग एक दशक तक बंद पड़ी रही। बीते वर्षों में जिला अस्पताल के उच्चीकृत होकर मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने पर लिफ्ट संचालन की आस जगी। कॉलेज प्रशासन ने पुराने भवन की मरम्मत के साथ ही लिफ्ट की भी मरम्मत करा दी। इसके पुराने पार्ट को बदलकर नए पार्ट लगा दिए गए हैं। अब लिफ्ट की मरम्मत कर दी गई।
लेकिन संचालन न होने से मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के सहारे मरीजों को रैंप से वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, ओपीडी परिसर में जाना पड़ रहा है। ऐसे में मरीज के साथ अधिक तीमारदार होने पर तो सुविधा होती है, लेकिन कम तीमारदार या महिला तीमारदार होने पर आवागमन में समस्या होती है। इसके बाद भी लिफ्ट को चालू नहीं कराया गया है।
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लिफ्ट की मरम्मत कराई गई है। बाकी बचे मरम्मत का कार्य पूर्ण होते ही चालू करा दिया जाएगा। - डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल काॅलेज के पुराने भवन (जिला अस्पताल) में लिफ्ट की मरम्मत कर दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में लिफ्ट बंद पड़ी हुई है। ऐसे में मरीजों को रैंप के सहारे प्रथम व द्वितीय तल पर पहुंचना पड़ रहा है। तीमारदार न होने की स्थिति में मरीजों को आने जाने में परेशानी बढ़ जाती है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों को प्रथम व द्वितीय तल पर पहुंचने के लिए लिफ्ट की सुविधा की गई थी। शुरुआत में लिफ्ट चली, इससे मरीज स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के साथ प्रथम व द्वितीय तल पर आवागमन कर रहे थे। कुछ ही माह बाद लिफ्ट खराब हो गई थी, तब से लगभग एक दशक तक बंद पड़ी रही। बीते वर्षों में जिला अस्पताल के उच्चीकृत होकर मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने पर लिफ्ट संचालन की आस जगी। कॉलेज प्रशासन ने पुराने भवन की मरम्मत के साथ ही लिफ्ट की भी मरम्मत करा दी। इसके पुराने पार्ट को बदलकर नए पार्ट लगा दिए गए हैं। अब लिफ्ट की मरम्मत कर दी गई।
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लेकिन संचालन न होने से मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के सहारे मरीजों को रैंप से वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, ओपीडी परिसर में जाना पड़ रहा है। ऐसे में मरीज के साथ अधिक तीमारदार होने पर तो सुविधा होती है, लेकिन कम तीमारदार या महिला तीमारदार होने पर आवागमन में समस्या होती है। इसके बाद भी लिफ्ट को चालू नहीं कराया गया है।
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लिफ्ट की मरम्मत कराई गई है। बाकी बचे मरम्मत का कार्य पूर्ण होते ही चालू करा दिया जाएगा। - डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज