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मिर्चवारा गांव के विकास में सत्ता की चाबी भी नहीं आई काम
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मिर्चवारा में बना कच्चा घर
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम मिर्चवारा के कई नेता जिले की राजनीति में केंद्र बिंदु बने हुए हैं, लेकिन वे अपने गांव का पूरा विकास नहीं करा पाए हैं। यहां आज भी कई लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं। आवासीय विद्यालय के आसपास ही सड़क और नाली की समस्या बनी हुई है तो कइयों के पक्के आवास भी नहीं बन सके हैं। वर्तमान में पं. दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय योजना में चयनित होने के बाद भी गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
महरौनी के पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार का नाम बहुजन समाज पार्टी सरकार में ताकतवर नेता के रूप में गिना जाता था। सरकार में रहते उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त हुआ। वह एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे हैं। बदले परिदृश्य में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। वहीं, प्रदेश में सत्तारूढ़ रही समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की कमान आल्हा प्रसाद निरंजन संभाले रहे हैं। इस समय वह भाजपा के नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। वह भी इसी गांव के हैं। कई अन्य नेताओं का भी मिर्चवारा गांव से नाता रहा है, लेकिन यह लोग उस तेजी से गांव का विकास नहीं करा सके।
गांव के मुख्य मार्ग के किनारे जगह-जगह कचरा के ढेर लगे हैं। अंबेडकर पार्क परिसर में कीचड़ पसरा है। हालांकि, रैन बसेरा के रास्ते में मिट्टी भराव कराकर सुगम बना दिया गया है। पशु चिकित्सालय के दरवाजे के ठीक सामने गंदगी पसरी है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय जाने वाले मार्ग में पुलिया के पास गंदे पानी का भराव है। इससे सटे खपरैल वाले घर हैं। वहीं, बगल का मार्ग व नाली कच्ची है। इसके अलावा तमाम लोग आज भी शौचालय एवं पक्के आवास के इंतजार में हैं।
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महत्वपूर्ण बात यह है कि मिर्चवारा ग्राम जनेश्वर मिश्र योजना में शामिल रहा। वर्तमान में पं. दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय योजना में चयनित है। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी आवास बनाए गए हैं। कुछ लोग इस बात से नाराज हैं कि उन्हें सरकार की संचालित योजनाओं की समय से जानकारी नहीं दी जाती है, जिससे वे उनका लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। ग्राम प्रधान इस शिकायत को दूर करने के लिए रिले केंद्र स्थापित करने जा रहे हैं, जिससे योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा सके।
पंद्रह दिन से बिजली की आपूर्ति बाधित है, जिसके चलते फसलों की सिंचाई करने में कठिनाई आ रही है। वर्तमान में पंद्रह दिन ही बिजली की जरूरत है, जब फसल आ जाएगी तो फिर बिजली मिलने का क्या मतलब रह जाएगा?
- इंद्रपाल सिंह
सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। आवास व शौचालय के लिए फार्म भरे थे, लेकिन दोनों योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है। इस वजह से परेशान हो रहे हैं।
- रामकंकन
सड़क अब तक सीसी नहीं हो सकी है। आवास व शौचालय की समस्या बनी हुई है। एक-दो बार इन योजनाओं का लाभ लेने का प्रयास किया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल पाई।
- लखन
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पास नई बस्ती बसती जा रही है। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे लगे हैं तो कई स्थान छोड़ दिए गए हैं। इस तरह बस्ती बिजली से रोशन नहीं हो पा रही है।
- बृजकिशोर
नाली के अभाव में घरों से निकलने वाला गंदा पानी एक गड्ढे में जमा हो रहा है। बारिश के समय घर के दरवाजे के आगे पानी भर जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना व स्वच्छ भारत मिशन में अभी तक उसका चयन नहीं हो सका है। इससे आवास व शौचालय पक्के नहीं हो सके हैं।
- पुष्पेंद्र
गांव में कौन सी योजना आ रही है, इसका पता ही नहीं चलता है। यही वजह है कि उसका अभी तक पक्का आवास निर्मित नहीं हो पाया है।
- दामोदर
सरकार ने गांव को साफ-सुथरा बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम चलाया। इसके तहत घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया, लेकिन उसे शौचालय के लिए अनुदान नहीं मिल पाया।
- दिनेश कुमार
सरकारें चाहती हैं कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों तक पहुंचे, लेकिन कम ही लोगों को इसका लाभ मिल पाता है। विशेषकर न तो पेंशन और न ही शौचालय के लिए अनुदान का लाभ मिल पा रहा है।
- लटोरे
जो लोग जनप्रतिनिधियों के करीब रहते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहले मिल जाता है। बाकी लोगों का नंबर बंद में आता है। हमें न तो पेंशन मिल रही है और न ही शौचालय का अनुदान प्राप्त हो पाया है।
- कुंदनलाल
आवास के लिए फार्म भरने से क्या होता है? जब गांव के अधिकारी व प्रतिनिधि चाहेंगे, तभी उन्हें लाभ मिल पाएगा। वरना, फार्म भरते रहेंगे और योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- शांति
गांव में सुनने के लिए मिलता है कि फलां योजना आ गई, उसका पैसा अब आने वाला है। इन योजनाओं में कब लाभार्थियों के नाम चयनित हो जाते, यह पता नहीं चलता है। यही कारण है कि शौचालय व आवास योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
- मनोहर
ग्राम में जिम केंद्र की स्थापना, झूूलों से लैस खेल का मैदान, तीन मंजिला किसान भवन, पंद्रह सौ मीटर सीसी मार्ग, सोलर पैनल, अंत्येष्टि स्थल, मुंडन संस्कार स्थल, पानी की टंकी, नवीन प्राथमिक स्कूल में आरओ वाटर सोलर पैनल से लैस, स्कूलों में शौचालयों का कायाकल्प, मुख्यमंत्री आवास योजना में 28 आवास, पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना में किसानों का पौधरोपण, अच्छी नस्लों की भैंसे, भूसाघर और देशी खाद के लिए शेड बनवाए। दुर्गा मंदिर जाने वाले मार्ग को सीसी कराने की योजना है। गांव के विकास में भाजपा नेता आल्हा प्रसाद निरंजन व पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार का भी सहयोग रहा है।
- भारती निरंजन
ग्राम प्रधान, मिर्चवारा
ग्राम मिर्चवारा में करीब एक करोड़ रुपये के कार्य कराए हैं। महरौनी मार्ग से मुकुंदी चौकीदार के कुआं तक 400 मीटर सीसी रोड, डा अंबेडकर पार्क की चहारदीवारी और रैन बसेरा, बरूआ नाला पर 48 रुपये लाख की लागत से पुल, डेढ़ सौ मीटर सीसी सड़क पर पडोरिया बाग दुर्गा मंदिर के पास 48 लाख रुपये से पुलिया निर्माण एवं 200 मीटर सड़क का निर्माण कराया। जब मैं विधायक था, उस समय विपक्ष में रहते हुए केवल विधायक निधि से ही कार्य कराए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए पूरे जिले में काफी काम कराया।
- फेरन लाल अहिरवार, पूर्व विधायक महरौनी
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महरौनी के पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार का नाम बहुजन समाज पार्टी सरकार में ताकतवर नेता के रूप में गिना जाता था। सरकार में रहते उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त हुआ। वह एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे हैं। बदले परिदृश्य में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। वहीं, प्रदेश में सत्तारूढ़ रही समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की कमान आल्हा प्रसाद निरंजन संभाले रहे हैं। इस समय वह भाजपा के नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। वह भी इसी गांव के हैं। कई अन्य नेताओं का भी मिर्चवारा गांव से नाता रहा है, लेकिन यह लोग उस तेजी से गांव का विकास नहीं करा सके।
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गांव के मुख्य मार्ग के किनारे जगह-जगह कचरा के ढेर लगे हैं। अंबेडकर पार्क परिसर में कीचड़ पसरा है। हालांकि, रैन बसेरा के रास्ते में मिट्टी भराव कराकर सुगम बना दिया गया है। पशु चिकित्सालय के दरवाजे के ठीक सामने गंदगी पसरी है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय जाने वाले मार्ग में पुलिया के पास गंदे पानी का भराव है। इससे सटे खपरैल वाले घर हैं। वहीं, बगल का मार्ग व नाली कच्ची है। इसके अलावा तमाम लोग आज भी शौचालय एवं पक्के आवास के इंतजार में हैं।
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महत्वपूर्ण बात यह है कि मिर्चवारा ग्राम जनेश्वर मिश्र योजना में शामिल रहा। वर्तमान में पं. दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय योजना में चयनित है। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी आवास बनाए गए हैं। कुछ लोग इस बात से नाराज हैं कि उन्हें सरकार की संचालित योजनाओं की समय से जानकारी नहीं दी जाती है, जिससे वे उनका लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। ग्राम प्रधान इस शिकायत को दूर करने के लिए रिले केंद्र स्थापित करने जा रहे हैं, जिससे योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा सके।
पंद्रह दिन से बिजली की आपूर्ति बाधित है, जिसके चलते फसलों की सिंचाई करने में कठिनाई आ रही है। वर्तमान में पंद्रह दिन ही बिजली की जरूरत है, जब फसल आ जाएगी तो फिर बिजली मिलने का क्या मतलब रह जाएगा?
- इंद्रपाल सिंह
सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। आवास व शौचालय के लिए फार्म भरे थे, लेकिन दोनों योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है। इस वजह से परेशान हो रहे हैं।
- रामकंकन
सड़क अब तक सीसी नहीं हो सकी है। आवास व शौचालय की समस्या बनी हुई है। एक-दो बार इन योजनाओं का लाभ लेने का प्रयास किया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल पाई।
- लखन
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पास नई बस्ती बसती जा रही है। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे लगे हैं तो कई स्थान छोड़ दिए गए हैं। इस तरह बस्ती बिजली से रोशन नहीं हो पा रही है।
- बृजकिशोर
नाली के अभाव में घरों से निकलने वाला गंदा पानी एक गड्ढे में जमा हो रहा है। बारिश के समय घर के दरवाजे के आगे पानी भर जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना व स्वच्छ भारत मिशन में अभी तक उसका चयन नहीं हो सका है। इससे आवास व शौचालय पक्के नहीं हो सके हैं।
- पुष्पेंद्र
गांव में कौन सी योजना आ रही है, इसका पता ही नहीं चलता है। यही वजह है कि उसका अभी तक पक्का आवास निर्मित नहीं हो पाया है।
- दामोदर
सरकार ने गांव को साफ-सुथरा बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम चलाया। इसके तहत घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया, लेकिन उसे शौचालय के लिए अनुदान नहीं मिल पाया।
- दिनेश कुमार
सरकारें चाहती हैं कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लोगों तक पहुंचे, लेकिन कम ही लोगों को इसका लाभ मिल पाता है। विशेषकर न तो पेंशन और न ही शौचालय के लिए अनुदान का लाभ मिल पा रहा है।
- लटोरे
जो लोग जनप्रतिनिधियों के करीब रहते हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहले मिल जाता है। बाकी लोगों का नंबर बंद में आता है। हमें न तो पेंशन मिल रही है और न ही शौचालय का अनुदान प्राप्त हो पाया है।
- कुंदनलाल
आवास के लिए फार्म भरने से क्या होता है? जब गांव के अधिकारी व प्रतिनिधि चाहेंगे, तभी उन्हें लाभ मिल पाएगा। वरना, फार्म भरते रहेंगे और योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- शांति
गांव में सुनने के लिए मिलता है कि फलां योजना आ गई, उसका पैसा अब आने वाला है। इन योजनाओं में कब लाभार्थियों के नाम चयनित हो जाते, यह पता नहीं चलता है। यही कारण है कि शौचालय व आवास योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।
- मनोहर
ग्राम में जिम केंद्र की स्थापना, झूूलों से लैस खेल का मैदान, तीन मंजिला किसान भवन, पंद्रह सौ मीटर सीसी मार्ग, सोलर पैनल, अंत्येष्टि स्थल, मुंडन संस्कार स्थल, पानी की टंकी, नवीन प्राथमिक स्कूल में आरओ वाटर सोलर पैनल से लैस, स्कूलों में शौचालयों का कायाकल्प, मुख्यमंत्री आवास योजना में 28 आवास, पं. दीनदयाल उपाध्याय योजना में किसानों का पौधरोपण, अच्छी नस्लों की भैंसे, भूसाघर और देशी खाद के लिए शेड बनवाए। दुर्गा मंदिर जाने वाले मार्ग को सीसी कराने की योजना है। गांव के विकास में भाजपा नेता आल्हा प्रसाद निरंजन व पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार का भी सहयोग रहा है।
- भारती निरंजन
ग्राम प्रधान, मिर्चवारा
ग्राम मिर्चवारा में करीब एक करोड़ रुपये के कार्य कराए हैं। महरौनी मार्ग से मुकुंदी चौकीदार के कुआं तक 400 मीटर सीसी रोड, डा अंबेडकर पार्क की चहारदीवारी और रैन बसेरा, बरूआ नाला पर 48 रुपये लाख की लागत से पुल, डेढ़ सौ मीटर सीसी सड़क पर पडोरिया बाग दुर्गा मंदिर के पास 48 लाख रुपये से पुलिया निर्माण एवं 200 मीटर सड़क का निर्माण कराया। जब मैं विधायक था, उस समय विपक्ष में रहते हुए केवल विधायक निधि से ही कार्य कराए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए पूरे जिले में काफी काम कराया।
- फेरन लाल अहिरवार, पूर्व विधायक महरौनी