{"_id":"691791d8be411159dc0d5abc","slug":"the-court-made-two-non-advocates-remove-their-black-coats-and-issued-a-warning-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-146126-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: कोर्ट ने उतरवाए दो गैर अधिवक्ताओं के काले कोट, दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: कोर्ट ने उतरवाए दो गैर अधिवक्ताओं के काले कोट, दी चेतावनी
विज्ञापन
- उच्च न्यायालय ने गैर अधिवक्ताओं को काले कोट में कचहरी परिसर में प्रवेश पर लगाई है रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत में काले कोट पहनाकर जाना दो लोगों को महंगा पड़ गया। न्यायाधीश ने दोनों के काले कोट उतरवाए और नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बीते दिनों उच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें गैर अधिवक्ताओं को अधिवक्ता गणवेश यानि काले कोट में कचहरी परिसर या न्यायालय में बैठने या प्रवेश की अनुमति नहीं है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जनपद न्यायालय द्वारा पंजीकृत अधिवक्ताओं, क्लर्क व मुंशी के नए परिचय पत्र भी वितरण हो चुके हैं। ऐसे में जिला बार एसोसिएशन ने भी बयान जारी करते हुए बताया था कि जनपद न्यायालय में ऐसे अधिवक्ता जिनके सीओपी नंबर निर्गत हो चुके हैं, मात्र वही अधिवक्ता न्यायालय में वकालत का व्यवसाय करने के लिए अधिकृत हैं।
ऐसे में शुक्रवार को एडीजे एससीएसटी न्यायालय में दो युवक जो अधिवक्ता नहीं हैं और न ही उन्हाेंने एलएलबी की है। यहां तक कि इनमें एक युवक एक मामले में खुद ही आरोपी है, वह भी अपने अन्य साथी के साथ न्यायालय में अधिवक्ता की वेशभूषा में यानि काले कोट पहनकर न्यायालय में पहुंच गए। जब मामले की सुनवाई चल रही थी, तब यह दोनों न्यायाधीश के समक्ष अपना पक्ष रखने लगे। इस पर न्यायालय ने उनके अधिवक्ता होने के बारे में पू्छा तो दोनों सकपका गए और खुद के अधिवक्ता होने से इंकार कर दिया। इस पर न्यायाधीश ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और उनके काले कोट न्यायालय में ही उतरवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत में काले कोट पहनाकर जाना दो लोगों को महंगा पड़ गया। न्यायाधीश ने दोनों के काले कोट उतरवाए और नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बीते दिनों उच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें गैर अधिवक्ताओं को अधिवक्ता गणवेश यानि काले कोट में कचहरी परिसर या न्यायालय में बैठने या प्रवेश की अनुमति नहीं है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जनपद न्यायालय द्वारा पंजीकृत अधिवक्ताओं, क्लर्क व मुंशी के नए परिचय पत्र भी वितरण हो चुके हैं। ऐसे में जिला बार एसोसिएशन ने भी बयान जारी करते हुए बताया था कि जनपद न्यायालय में ऐसे अधिवक्ता जिनके सीओपी नंबर निर्गत हो चुके हैं, मात्र वही अधिवक्ता न्यायालय में वकालत का व्यवसाय करने के लिए अधिकृत हैं।
विज्ञापन
ऐसे में शुक्रवार को एडीजे एससीएसटी न्यायालय में दो युवक जो अधिवक्ता नहीं हैं और न ही उन्हाेंने एलएलबी की है। यहां तक कि इनमें एक युवक एक मामले में खुद ही आरोपी है, वह भी अपने अन्य साथी के साथ न्यायालय में अधिवक्ता की वेशभूषा में यानि काले कोट पहनकर न्यायालय में पहुंच गए। जब मामले की सुनवाई चल रही थी, तब यह दोनों न्यायाधीश के समक्ष अपना पक्ष रखने लगे। इस पर न्यायालय ने उनके अधिवक्ता होने के बारे में पू्छा तो दोनों सकपका गए और खुद के अधिवक्ता होने से इंकार कर दिया। इस पर न्यायाधीश ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और उनके काले कोट न्यायालय में ही उतरवाए।
विज्ञापन