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Lalitpur News: छह गांवों में इस वर्ष चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने के आसार
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ललितपुर। जनपद में 1985 से चकबंदी चल रही है, लेकिन अभी तक 192 गांव में ही चकबंदी पूर्ण हो पाई है। जबकि, 484 गांव इस प्रक्रिया से अछूते हैं। कुछ गांव में 38 साल से चकबंदी चल रही है, लेकिन अभी तक पूर्ण नहीं हुई है। छह गांव में इस वर्ष चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होने के आसार हैं।
जिले में दो गांव ऐसे हैं, जहां 38 साल से चकबंदी चल रही है। चक निर्धारण पूरा न होने से यहां अब तक किसानों को उनकी जमीन की ही जानकारी नहीं हो पा रही है। वहीं, अफसर गांव में विवाद होने की बात कह रहे हैं। वर्ष 1985 से चल रही चकबंदी में तहसील महरौनी और तहसील पाली के दो-दो गांव शामिल हैं। वहीं, तालबेहट तहसील में तो अब तक एक भी गांव में चकबंदी नहीं हुई है।
जनपद में पांच तहसीलों में 747 गांव हैं। चकबंदी प्रक्रिया के तहत किसानों की बिखरी जोत को संकलित कर चक आवंटित किए जाते हैं। चकबंदी प्रक्रिया में वर्ष 2005 के बाद तेजी आई। अभी तक 192 गांवों में चकबंदी पूर्ण हो चुकी है और 77 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत आ गए हैं। तहसील महरौनी के 110, मड़ावरा के 64, पाली के 18 गांव में चकबंदी हो चुकी है। वहीं, तहसील महरौनी के गांव सौजना, बानपुर, तहसील पाली के नाराहट, गौना को 1987 में चकबंदी प्रक्रिया में लाया गया था। अब इन गांवों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अनुमान लगाया जा रहा है मार्च 2026 तक नाराहट, मौगान, बरौनी नकीब, मऊमाफी, छायन, सूरीकलां में चकबंदी पूर्ण कर ली जाएगी। गौना, सौजना में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, तो बानपुर में अंतिम चरण में चल रही है।
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14 गांवों में लेखपाल की कमी के कारण नहीं पा रही चकबंदी
विभाग में स्टॉफ की कमी के चलते 14 ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। इन गांवों में ऐरा, कुंहैड़ी, बगौनी, हंसारा, चढ़रऊ, निवाहो, भड़रऊ, खितवांस, खिरिया छतारा, कुआंतला, बर्जरा, कल्याणपुरा, सतरवांस व झरकौन शामिल हैं। लेखपालों की कमी इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
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दस गांवों में नहीं बनी सहमति
शासन ने नियम लागू किया है कि किसी गांव में चकबंदी करने से पूर्व ग्रामीणों की अनुमति ली जाए। जब तक 75 प्रतिशत लोग सहमत न हों, तब तक चकबंदी प्रक्रिया प्रारंभ न की जाए। हाल में जिला प्रशासन ने दस गांवों को चयनित किया था। लेकिन, 75 प्रतिशत किसानों के सहमत न होने के कारण प्रक्रिया को प्रारंभ नहीं किया गया।
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चकबंदी का विवरण
तहसील - ग्रामों की संख्या - चकबंदी पूर्ण ग्राम - प्रक्रियाधीन ग्राम - चकबंदी से वंचित ग्राम
महरौनी - 146 - 112 - 09 - 25
मड़ावरा - 133 - 64 - 03 - 66
तालबेहट - 169 - 00 - 00 - 169
ललितपुर - 203 - 01 - 58 - 144
पाली - 106 - 19 - 07 - 80
योग - 747 - 196 - 77 - 484
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पिछले वर्ष गुगरवारा, गौना, सुनवाहा, सांकली में चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण किया गया था। इस वर्ष भी छह गांव में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। अब गांवों में 75 प्रतिशत लोगों की सहमति के बाद ही चकबंदी प्रक्रिया को लागू किया जा रहा है।
अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी।
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जिले में दो गांव ऐसे हैं, जहां 38 साल से चकबंदी चल रही है। चक निर्धारण पूरा न होने से यहां अब तक किसानों को उनकी जमीन की ही जानकारी नहीं हो पा रही है। वहीं, अफसर गांव में विवाद होने की बात कह रहे हैं। वर्ष 1985 से चल रही चकबंदी में तहसील महरौनी और तहसील पाली के दो-दो गांव शामिल हैं। वहीं, तालबेहट तहसील में तो अब तक एक भी गांव में चकबंदी नहीं हुई है।
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जनपद में पांच तहसीलों में 747 गांव हैं। चकबंदी प्रक्रिया के तहत किसानों की बिखरी जोत को संकलित कर चक आवंटित किए जाते हैं। चकबंदी प्रक्रिया में वर्ष 2005 के बाद तेजी आई। अभी तक 192 गांवों में चकबंदी पूर्ण हो चुकी है और 77 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत आ गए हैं। तहसील महरौनी के 110, मड़ावरा के 64, पाली के 18 गांव में चकबंदी हो चुकी है। वहीं, तहसील महरौनी के गांव सौजना, बानपुर, तहसील पाली के नाराहट, गौना को 1987 में चकबंदी प्रक्रिया में लाया गया था। अब इन गांवों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अनुमान लगाया जा रहा है मार्च 2026 तक नाराहट, मौगान, बरौनी नकीब, मऊमाफी, छायन, सूरीकलां में चकबंदी पूर्ण कर ली जाएगी। गौना, सौजना में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, तो बानपुर में अंतिम चरण में चल रही है।
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14 गांवों में लेखपाल की कमी के कारण नहीं पा रही चकबंदी
विभाग में स्टॉफ की कमी के चलते 14 ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। इन गांवों में ऐरा, कुंहैड़ी, बगौनी, हंसारा, चढ़रऊ, निवाहो, भड़रऊ, खितवांस, खिरिया छतारा, कुआंतला, बर्जरा, कल्याणपुरा, सतरवांस व झरकौन शामिल हैं। लेखपालों की कमी इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
दस गांवों में नहीं बनी सहमति
शासन ने नियम लागू किया है कि किसी गांव में चकबंदी करने से पूर्व ग्रामीणों की अनुमति ली जाए। जब तक 75 प्रतिशत लोग सहमत न हों, तब तक चकबंदी प्रक्रिया प्रारंभ न की जाए। हाल में जिला प्रशासन ने दस गांवों को चयनित किया था। लेकिन, 75 प्रतिशत किसानों के सहमत न होने के कारण प्रक्रिया को प्रारंभ नहीं किया गया।
चकबंदी का विवरण
तहसील - ग्रामों की संख्या - चकबंदी पूर्ण ग्राम - प्रक्रियाधीन ग्राम - चकबंदी से वंचित ग्राम
महरौनी - 146 - 112 - 09 - 25
मड़ावरा - 133 - 64 - 03 - 66
तालबेहट - 169 - 00 - 00 - 169
ललितपुर - 203 - 01 - 58 - 144
पाली - 106 - 19 - 07 - 80
योग - 747 - 196 - 77 - 484
पिछले वर्ष गुगरवारा, गौना, सुनवाहा, सांकली में चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण किया गया था। इस वर्ष भी छह गांव में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। अब गांवों में 75 प्रतिशत लोगों की सहमति के बाद ही चकबंदी प्रक्रिया को लागू किया जा रहा है।
अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी।