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बिजली विभाग की बदहाली, स्टोर पड़ा खाली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:59 AM IST
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bitut bibhag, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। जिले के शहरी व ग्रामीण विद्युत सब स्टेशनों में लगी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर मशीन (वीसीबी) और ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीन (ओसीबी) के जरूरी उपकरण स्टोर में उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते सब स्टेशनों पर मशीनों के खराब होने पर विभागीय अधिकारी दूसरे सब स्टेशनों की पुरानी मशीनों के पुर्जे लगाकर जुगाड़ से काम चला रहे हैं।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न क्षमता के 12 विद्युत सब स्टेशनों में गल्ला मंडी स्थित 66 केवी सब स्टेशन, नझाई बाजार 33 केवी, बाइपास 33 केवी, बिरधा 33 केवी, पाली 33 केवी, महरौनी 33 केवी, मड़ावरा, सोजना 33 केवी, बानपुर 33 केवी, बांसी 33 केवी, तालबेहट 66 केवी व माताटीला 33 केवी सब स्टेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं के घर रोशन किए जा रहे हैं। हर सब स्टेशन पर चार से पांच फीडरों की ओसीबी या फिर वीसीबी मशीनें लगी हुई हैं।
इनमें से अधिकांश स्टेशनों पर पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों से काम चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से मशीनों में आए दिन फाल्ट के कारण उस क्षेत्र की बिजली घंटों बाधित हो जाती है। लेकिन, फाल्ट की स्थिति में इन मशीनों के आंतरिक उपकरण विद्युुत स्टोर में उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर मशीनों के आंतरिक पुर्जों में मेल व फीमेल कांटेक्ट, स्प्रिंग व वाल्व पिन ही खराब होते हैं।
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स्टोर में सामान उपलब्ध नहीं होने के चलते विभागीय अधिकारी व कर्मचारी दूसरे सब स्टेेशन पर रखी पुरानी मशीनों के उपकरण मंगाकर मशीनों से काम ले रहे हैं। वहीं, स्थिति नाजुक होने पर जिन सब स्टेशनों पर नई वीसीबी मशीनें लगाई गई हैं, उनकी गारंटी पीरियड पर कंपनी से नए उपकरण मंगाकर मशीनों को सुधार दिया जाता है।
पुराने पुर्जो के बल पर चल रहीं मशीनों के बार-बार खराब होने के कारण उपभोक्ताओं को घंटों बिन बिजली के गुजारने पड़ रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के चलते विद्युत स्टोर में विद्युत उपकरण उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
ओसीबी या वीसीबी मशीनों का सामान विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं कराया गया है। विभाग द्वारा डिमांड आने पर नई मशीनों को उपलब्ध कराया जाता है। चार पांच सालों से मशीनों के उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
रामगुलाम, विद्युत स्टोर इंचार्ज।
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न क्षमता के 12 विद्युत सब स्टेशनों में गल्ला मंडी स्थित 66 केवी सब स्टेशन, नझाई बाजार 33 केवी, बाइपास 33 केवी, बिरधा 33 केवी, पाली 33 केवी, महरौनी 33 केवी, मड़ावरा, सोजना 33 केवी, बानपुर 33 केवी, बांसी 33 केवी, तालबेहट 66 केवी व माताटीला 33 केवी सब स्टेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं के घर रोशन किए जा रहे हैं। हर सब स्टेशन पर चार से पांच फीडरों की ओसीबी या फिर वीसीबी मशीनें लगी हुई हैं।
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इनमें से अधिकांश स्टेशनों पर पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों से काम चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से मशीनों में आए दिन फाल्ट के कारण उस क्षेत्र की बिजली घंटों बाधित हो जाती है। लेकिन, फाल्ट की स्थिति में इन मशीनों के आंतरिक उपकरण विद्युुत स्टोर में उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर मशीनों के आंतरिक पुर्जों में मेल व फीमेल कांटेक्ट, स्प्रिंग व वाल्व पिन ही खराब होते हैं।
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स्टोर में सामान उपलब्ध नहीं होने के चलते विभागीय अधिकारी व कर्मचारी दूसरे सब स्टेेशन पर रखी पुरानी मशीनों के उपकरण मंगाकर मशीनों से काम ले रहे हैं। वहीं, स्थिति नाजुक होने पर जिन सब स्टेशनों पर नई वीसीबी मशीनें लगाई गई हैं, उनकी गारंटी पीरियड पर कंपनी से नए उपकरण मंगाकर मशीनों को सुधार दिया जाता है।
पुराने पुर्जो के बल पर चल रहीं मशीनों के बार-बार खराब होने के कारण उपभोक्ताओं को घंटों बिन बिजली के गुजारने पड़ रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के चलते विद्युत स्टोर में विद्युत उपकरण उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
ओसीबी या वीसीबी मशीनों का सामान विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं कराया गया है। विभाग द्वारा डिमांड आने पर नई मशीनों को उपलब्ध कराया जाता है। चार पांच सालों से मशीनों के उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
रामगुलाम, विद्युत स्टोर इंचार्ज।