{"_id":"5ecac16a8ebc3e9085018675","slug":"teashers-get-intrusted-in-online-courses-lalitpur-news-jhs1674789138","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन कोर्स सीखने में बढ़ी शिक्षकों की दिलचस्पी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन कोर्स सीखने में बढ़ी शिक्षकों की दिलचस्पी
विज्ञापन
ललितपुर। रविवार को लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन व शिक्षकों द्वारा आरंभिक भाषा ऑनलाइन कोर्स से संबंधित समझ व कोर्स पर ऑनलाइन परिचर्चा की गई। इस दौरान बताया कि आरंभिक भाषा शिक्षण कोर्स के दौरान पांच सप्ताह प्रतिभागी ऑनलाइन कार्य करेंगे। जिसमें उन्हें पांच मॉड्यूल पर काम करना होगा। प्रत्येक मॉड्यूल में नियम सिद्धांत होंगे, जो बच्चों के सीखने- सिखाने की प्रक्रिया को समझने में सहायक होंगे।
एससीईआरटी उप्र के संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में ललितपुर जिले के साथ अन्य जनपदों के अध्यापक ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी का निर्माण करते हैं, उसमें हमें विशेष तौर पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हम जिस स्तर पर कार्य कर रहे हैं, वह उद्देश्य हम अपने कार्य के माध्यम से प्राप्त कर सकें, हमें यह ध्यान रखना चाहिए।
समूह में सभी की भागीदारी एक समान हो। सभी एक तरह से एकजुट होकर कार्य करें, तभी हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल हो पाएंगे। प्रतिभागी आरंभिक भाषा शिक्षण में ऑनलाइन पांच सप्ताह तक कार्य करेंगे। जिसमें उन्हें पांच मॉड्यूल पर काम करना होगा। प्रत्येक मॉड्यूल में अपने-अपने नियम सिद्धांत होंगे, जो बच्चे के सीखने-सिखाने की क्रिया को समझेंगे। प्रत्येक मॉड्यूल में एक क्विज हर प्रतिभागी को करना अनिवार्य होगा, उसके पश्चात ही वह प्रतिभागी अगले मॉड्यूल तक पहुंच पाएगा। इसके बाद कुछ असाइनमेंट भी इससे जुड़े हुए प्रतिभागियों को करने होंगे। इन समस्त गतिविधियों को अपने मेंटर के माध्यम से संबंधित संस्थान को भेजने होंगे। संपूर्ण कोर्स की समाप्ति के पश्चात लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को स्तर एक व स्तर दो के प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक करने पर प्राप्त होंगे। परिचर्चा के दौरान ललितपुर से 24 जालौन व फतेहपुर जिले से एक-एक शिक्षक ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एससीईआरटी उप्र के संयुक्त निदेशक अजय कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में ललितपुर जिले के साथ अन्य जनपदों के अध्यापक ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी का निर्माण करते हैं, उसमें हमें विशेष तौर पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हम जिस स्तर पर कार्य कर रहे हैं, वह उद्देश्य हम अपने कार्य के माध्यम से प्राप्त कर सकें, हमें यह ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
समूह में सभी की भागीदारी एक समान हो। सभी एक तरह से एकजुट होकर कार्य करें, तभी हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल हो पाएंगे। प्रतिभागी आरंभिक भाषा शिक्षण में ऑनलाइन पांच सप्ताह तक कार्य करेंगे। जिसमें उन्हें पांच मॉड्यूल पर काम करना होगा। प्रत्येक मॉड्यूल में अपने-अपने नियम सिद्धांत होंगे, जो बच्चे के सीखने-सिखाने की क्रिया को समझेंगे। प्रत्येक मॉड्यूल में एक क्विज हर प्रतिभागी को करना अनिवार्य होगा, उसके पश्चात ही वह प्रतिभागी अगले मॉड्यूल तक पहुंच पाएगा। इसके बाद कुछ असाइनमेंट भी इससे जुड़े हुए प्रतिभागियों को करने होंगे। इन समस्त गतिविधियों को अपने मेंटर के माध्यम से संबंधित संस्थान को भेजने होंगे। संपूर्ण कोर्स की समाप्ति के पश्चात लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को स्तर एक व स्तर दो के प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक करने पर प्राप्त होंगे। परिचर्चा के दौरान ललितपुर से 24 जालौन व फतेहपुर जिले से एक-एक शिक्षक ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन