{"_id":"5ebedfc38ebc3e90333701a1","slug":"teacher-duty-change-from-due-to-quarantine-center-lalitpur-news-jhs166817461","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्वारंटीन सेंटरों पर लगे शिक्षकों की बदली जाए ड्यूटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्वारंटीन सेंटरों पर लगे शिक्षकों की बदली जाए ड्यूटी
विज्ञापन
ललितपुर। परिषदीय शिक्षकों ने बीएसए से मिलकर क्वारंटीन सेंटरों पर लगे शिक्षकों की जगह अन्य शिक्षकों को लगाने की मांग की है लेकिन, बीएसए ने उनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इस समय लॉकडाउन की स्थिति है, ऐसे में परिवहन की उचित व्यवस्था नहीं है।
परिषदीय शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने कोविड-19 कोरोना आश्रय स्थलों पर शिक्षकों की मनमाने और भेदभाव पूर्ण तरीके से ड्यूटी लगाई है। केन्द्र और राज्य सरकार के निर्देश हैं कि एक तिहाई कर्मचारी चक्रीय क्रम में बारी-बारी से ड्यूटी करेंगे। इस आदेश के विपरीत जिनकी ड्यूटी लगाई गई है। उनसे लगातार कार्य लिया जा रहा है, जो समानता के न्याय के विपरीत और भेदभाव पूर्ण है।
28 अप्रैल से 12 मई तक यानि 14 दिन की अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षकों को ड्यूटी से अभी तक कार्य मुक्त नहीं किया गया है। इससे शिक्षकों में हताशा और निराशा उत्पन्न हो रही है। आश्रम स्थलों पर लगे शिक्षकों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था भी नहीं है, जिससे संक्रमण की संभावना है। बीमार अथवा आवश्यक कार्य होने पर भी शिक्षकों को कोई अवकाश या राहत नहीं दी जा रही है। इसके अलावा ड्यूटी के दिनों की संख्या निर्धारित नहीं की जा रही है। इस वजह से अधिकांश शिक्षकों में असंतोष है।
विज्ञापन
लिखकर दें शिक्षक तो बदलेंगे ड्यूटी
मांग करने वाले शिक्षक यदि लिखकर दें तो उनकी जगह बदलाव कर सकते हैं। शिक्षकों से लिखित में देने को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई शिक्षक उनके समक्ष नहीं आया है। इसलिए विभाग शिक्षकों को रोटेट करने की स्थिति में नहीं है। जो शिक्षक सेंटरों पर लगे हुए हैं, वे आगे भी काम करते रहेंगे।
- रामप्रवेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
परिषदीय शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने कोविड-19 कोरोना आश्रय स्थलों पर शिक्षकों की मनमाने और भेदभाव पूर्ण तरीके से ड्यूटी लगाई है। केन्द्र और राज्य सरकार के निर्देश हैं कि एक तिहाई कर्मचारी चक्रीय क्रम में बारी-बारी से ड्यूटी करेंगे। इस आदेश के विपरीत जिनकी ड्यूटी लगाई गई है। उनसे लगातार कार्य लिया जा रहा है, जो समानता के न्याय के विपरीत और भेदभाव पूर्ण है।
विज्ञापन
28 अप्रैल से 12 मई तक यानि 14 दिन की अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षकों को ड्यूटी से अभी तक कार्य मुक्त नहीं किया गया है। इससे शिक्षकों में हताशा और निराशा उत्पन्न हो रही है। आश्रम स्थलों पर लगे शिक्षकों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था भी नहीं है, जिससे संक्रमण की संभावना है। बीमार अथवा आवश्यक कार्य होने पर भी शिक्षकों को कोई अवकाश या राहत नहीं दी जा रही है। इसके अलावा ड्यूटी के दिनों की संख्या निर्धारित नहीं की जा रही है। इस वजह से अधिकांश शिक्षकों में असंतोष है।
विज्ञापन
लिखकर दें शिक्षक तो बदलेंगे ड्यूटी
मांग करने वाले शिक्षक यदि लिखकर दें तो उनकी जगह बदलाव कर सकते हैं। शिक्षकों से लिखित में देने को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई शिक्षक उनके समक्ष नहीं आया है। इसलिए विभाग शिक्षकों को रोटेट करने की स्थिति में नहीं है। जो शिक्षक सेंटरों पर लगे हुए हैं, वे आगे भी काम करते रहेंगे।
- रामप्रवेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी