{"_id":"450890e526e7a5caf87d52e956e4e6da","slug":"take-special-camp-for-women-diagnosed-with-anemia-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" एनीमिया ग्रसित महिलाओं के लिए लगेंगे विशेष कैंप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनीमिया ग्रसित महिलाओं के लिए लगेंगे विशेष कैंप
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। जिले में कुपोषित बच्चों के साथ ही महिलाएं भी एनीमिया से ग्रसित हैं। ऐसी महिलाओं की जांच शिविर लगाकर की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव ने पिछले दिनों जिले का दौरा किया था। इस दौरान वह विभिन्न गांवों में गए, जहां एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित महिलाएं पाई गई थीं। स्थिति यह थी कि 25 में से 22 महिलाएं एनीमिया से ग्रसित पाई गईं। इसे गंभीरता से लते हुए जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने स्वास्थ्य विभाग पर नाराजी जताते हुए लिखा है कि इससे स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता परिलक्षित होती है।
डीएम ने प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं के साथ- साथ एनीमिया से ग्रसित महिलाओं और कुपोषण से पीड़ित बच्चों की जांच कराकर उनका उपचार एवं समुचित मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एएनएम और आशा के पास भी एक रजिस्टर रहे, जिसमें प्रत्येक महीने एनीमिया से ग्रसित महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को वितरित की जाने वाली दवाओं का विवरण लाभार्थीवार और तिथिवार अंकित किया जाए। जिन गांवों में एनीमिक महिलाओं की संख्या ज्यादा है और कुपोषित बच्चे भी पाए जा रहे हैं, वहां पर विशेष चिकित्सा कैंप लगाया जाए। साथ ही निर्देशित किया कि सकारात्मक परिणाम नहीं आने पर एएनएम और आशा के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की भी गंभीरता से देखभाल की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव ने पिछले दिनों जिले का दौरा किया था। इस दौरान वह विभिन्न गांवों में गए, जहां एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित महिलाएं पाई गई थीं। स्थिति यह थी कि 25 में से 22 महिलाएं एनीमिया से ग्रसित पाई गईं। इसे गंभीरता से लते हुए जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने स्वास्थ्य विभाग पर नाराजी जताते हुए लिखा है कि इससे स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता परिलक्षित होती है।
विज्ञापन
डीएम ने प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं के साथ- साथ एनीमिया से ग्रसित महिलाओं और कुपोषण से पीड़ित बच्चों की जांच कराकर उनका उपचार एवं समुचित मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एएनएम और आशा के पास भी एक रजिस्टर रहे, जिसमें प्रत्येक महीने एनीमिया से ग्रसित महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को वितरित की जाने वाली दवाओं का विवरण लाभार्थीवार और तिथिवार अंकित किया जाए। जिन गांवों में एनीमिक महिलाओं की संख्या ज्यादा है और कुपोषित बच्चे भी पाए जा रहे हैं, वहां पर विशेष चिकित्सा कैंप लगाया जाए। साथ ही निर्देशित किया कि सकारात्मक परिणाम नहीं आने पर एएनएम और आशा के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की भी गंभीरता से देखभाल की जाए।
विज्ञापन