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टिड्डी दल का पसंदीदा भोजन बना ‘पीपल का पत्ता’
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टिड्डी
- फोटो : ??????
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ललितपुर। किसानों के लिए खतरा बना टिड्डी दल अभी पीछा छोड़ने वाला नहीं है। टिड्डी दल के आने की संभावना बनी हुई है। टिड्डी दल के मध्यप्रदेश के रास्ते जिले में प्रवेश की संभावना है। पहले आशंका जताई थी कि टिड्डी दल सब्जियों की फसलों को चट कर सकता है, लेकिन, टिड्डी दल ने सब्जियों पर कम भरोसा जताया है। बल्कि, टिड्डी दल की सर्वाधिक पसंद पीपल का हरा पत्ता बना हुआ है।
टिड्डीदल यदि किसी खेत में लगी फसल पर हमला करता है, तो किसान जब तब भगाने का इंतजाम करता, तब तक टिड्डीदल उसकी फसल का सफाया कर देते हैं। लेकिन जिले के किसान खुशकिस्मत हैं कि टिड्डी दलों ने उनकी फसल पर हमला नहीं किया। करोड़ों की संख्या में उड़कर टिड्डी दल कई बार जिले में आया, लेकिन हर बार ऊपर ही ऊपर उड़कर चला गया या फिर मारा गया। किसानों की सब्जी की फसल को नुकसान नहीं पहुंचा। इसकी वजह पीपल का पेड़ रहा है। जब भी टिड्डी दल शाम को जिले में रुका तो वह ज्यादातर पीपल के पेड़ों पर ही रुका और पत्ते को ही भोजन बनाया और स्थिति यह बनी कि जिस पीपल के पेड़ पर टिड्डियों का डेरा रहा, उन्होंने पांच मिनट में पीपल के पत्तों को चट गए। यही वजह रही कि जिले में जो भी टिड्डी दल आया, उसने फसलों पर हमला नहीं किया, बल्कि पीपल के पेड़ पर इत्मिनान से पत्तों का भोजन किया।
मैंने जो अनुभव किया है उसके अनुसार टिड्डियों का सर्वाधिक पसंदीदा भोजन पीपल का पत्ता रहा है। शायद यही वजह है कि टिड्डियों ने सब्जियों के खेतों पर हमला नहीं किया, इससे किसानों को नुकसान ना के बराबर हुआ है। जिस पीपल के पेड़ पर टिड्डियों का बसेरा रहा, उसके पत्ते उन्होंने पांच मिनट के अंदर ही चट कर दिए। - गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
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टिड्डीदल यदि किसी खेत में लगी फसल पर हमला करता है, तो किसान जब तब भगाने का इंतजाम करता, तब तक टिड्डीदल उसकी फसल का सफाया कर देते हैं। लेकिन जिले के किसान खुशकिस्मत हैं कि टिड्डी दलों ने उनकी फसल पर हमला नहीं किया। करोड़ों की संख्या में उड़कर टिड्डी दल कई बार जिले में आया, लेकिन हर बार ऊपर ही ऊपर उड़कर चला गया या फिर मारा गया। किसानों की सब्जी की फसल को नुकसान नहीं पहुंचा। इसकी वजह पीपल का पेड़ रहा है। जब भी टिड्डी दल शाम को जिले में रुका तो वह ज्यादातर पीपल के पेड़ों पर ही रुका और पत्ते को ही भोजन बनाया और स्थिति यह बनी कि जिस पीपल के पेड़ पर टिड्डियों का डेरा रहा, उन्होंने पांच मिनट में पीपल के पत्तों को चट गए। यही वजह रही कि जिले में जो भी टिड्डी दल आया, उसने फसलों पर हमला नहीं किया, बल्कि पीपल के पेड़ पर इत्मिनान से पत्तों का भोजन किया।
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मैंने जो अनुभव किया है उसके अनुसार टिड्डियों का सर्वाधिक पसंदीदा भोजन पीपल का पत्ता रहा है। शायद यही वजह है कि टिड्डियों ने सब्जियों के खेतों पर हमला नहीं किया, इससे किसानों को नुकसान ना के बराबर हुआ है। जिस पीपल के पेड़ पर टिड्डियों का बसेरा रहा, उसके पत्ते उन्होंने पांच मिनट के अंदर ही चट कर दिए। - गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
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