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सूर्य ग्रहण कल, सात राशियों पर पड़ेगा असर
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सूर्यग्रहण
- फोटो : ??????????
ललितपुर। 21 जून रविवार को सूर्यग्रहण है, यह सूर्यग्रहण भारत में साढ़े तीन घंटे का होगा। ज्योतिषियों के अनुसार सूर्यग्रहण के प्रभाव के दौरान भारत में कोरोना बीमारी ग्रहण के एक माह बाद चरम पर होगी और सितंबर के बाद महामारी का प्रभाव कम होना शुरु होगा।
डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने सूर्य ग्रहण पर शास्त्रीय विश्लेषण कर बताया कि आषाढ़ कृष्ण अमावस्या के दिन रविवार को 21 जून 2020 को चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य होगा। यह ग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार खंड सूर्य ग्रहण की शुरुआत कल रविवार को सुबह 10:18 पर होगा एवं अपराह्न 2:04 बजे तक ग्रहण रहेगा। यह ग्रहण बहुत बड़ी खगोलीय घटना है, क्योंकि सूर्य के साथ एक ही राशि में राहु के स्थित होने से राहु उच्च राशि का मिथुन राशि में सूर्य के साथ इसके अलावा ग्रहण के समय बुध एवं चंद्रमा भी मिथुन राशि पर स्थित है। जब भी एक साथ एक राशि पर चार ग्रहों का योग रहता है। इस चतुर्गृही योग के कारण संपूर्ण मानव जाति के अस्तित्व को खतरा पैदा होता है ,खगोल शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल में सूर्य के वरुण मंडल के समीप होने से भी यह राष्ट्र के लिए बहुत ही हानिकारक है। ग्रहण का फल इस प्रकार है ,भारत चीन तनाव के परिप्रेक्ष्य में ग्रहण के प्रभाव से दुनिया के प्रभावशाली देशों का समर्थन भारत के साथ रहेगा 4 ग्रहों में , चंद्रमा बुध ,शुभ ग्रह हैं अत: युद्ध की संभावना नहीं है,सूर्य एवं राहु पाप ग्रह हैं अत: सीमा पर तनाव बना रहेगा, चीन अपनी भूल स्वीकार कर समझौता का प्रस्ताव भारत के समक्ष प्रस्तुत करेगा, अत: ग्रहण से भारत चीन युद्ध का खतरा नहीं है। कोरोना वायरस की दृष्टि से ग्रहण अनिष्ट फल कारक रहेगा। 21 जून ग्रहण काल के बाद एक माह तक कोरोनावायरस चरम स्थिति पर रहेगा सूर्य के कर्क राशि में भ्रमण के दौरान कोरोना लगातार बढ़ता रहेगा जुलाई एवं अगस्त में स्थिति बहुत खराब होगी,सूर्य जब अपनी राशि सिंह में सितंबर में आएगा तब कोरोनावायरस धीरे धीरे कम हो जाएगा उसकी औषधि एवं नियन्त्रण के अप्रत्याशित उपाय प्राप्त होगे वह नियंत्रण में होगा। वहीं वैदिक विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित पवन शास्त्री ने बताया कि 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले 20 जून की रात दस बजजे से शुरु होगा। सूतक काल में देवालयों के कपाट बंद रहेंगे और घर की ठाकुरवाड़ी में भी पर्दा रहेगा। आवश्यक उपयोगी वस्तुओं में कुशा, तुलसीपत्र डालकर प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण 21 जून को सुबह 10.18 बजे से शुरु होगा। इस दौरान भोजन, शयन एवं मैथुन नहीं करना चाहिए। सूर्यग्रहण के चलते लोगों को स्नान, दान, जाम, तर्पण, भगवान स्मरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन राशि वालों को ग्रहण फल अशुभ है वह ग्रहण काल में बाहर न निकलें, गर्भवती स्त्रियां बाहर न निकलें। पुरुष वर्ग को दान, पुण्य करके शुभ बना सकते हैं। सूतक में बालक, वृद्घ रोगियों को एक प्रहर ही मान्य है। वैश्विक स्तर पर फल उत्तम नहीं है।
इन राशि पर पड़ेगा असर
ज्योतिषी ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि मेष, वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर राशि वालों के लिए सूर्यग्रहण हानिकारक है। ऐसे में इन राशि वालों को सूर्यग्रहण्पा काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए एवं उन्हें अपने इष्टदेव के मन्त्र का जप करना चाहिए। कर्क, तुला, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए यह सूर्यग्रहण शुभ है, लेकिन ग्रहण देखना इन्हें भी वर्जित है। घर में रहकर द्वादसाक्षर मन्त्र का जप करना चाहिए।
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डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने सूर्य ग्रहण पर शास्त्रीय विश्लेषण कर बताया कि आषाढ़ कृष्ण अमावस्या के दिन रविवार को 21 जून 2020 को चूड़ामणि सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य होगा। यह ग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार खंड सूर्य ग्रहण की शुरुआत कल रविवार को सुबह 10:18 पर होगा एवं अपराह्न 2:04 बजे तक ग्रहण रहेगा। यह ग्रहण बहुत बड़ी खगोलीय घटना है, क्योंकि सूर्य के साथ एक ही राशि में राहु के स्थित होने से राहु उच्च राशि का मिथुन राशि में सूर्य के साथ इसके अलावा ग्रहण के समय बुध एवं चंद्रमा भी मिथुन राशि पर स्थित है। जब भी एक साथ एक राशि पर चार ग्रहों का योग रहता है। इस चतुर्गृही योग के कारण संपूर्ण मानव जाति के अस्तित्व को खतरा पैदा होता है ,खगोल शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल में सूर्य के वरुण मंडल के समीप होने से भी यह राष्ट्र के लिए बहुत ही हानिकारक है। ग्रहण का फल इस प्रकार है ,भारत चीन तनाव के परिप्रेक्ष्य में ग्रहण के प्रभाव से दुनिया के प्रभावशाली देशों का समर्थन भारत के साथ रहेगा 4 ग्रहों में , चंद्रमा बुध ,शुभ ग्रह हैं अत: युद्ध की संभावना नहीं है,सूर्य एवं राहु पाप ग्रह हैं अत: सीमा पर तनाव बना रहेगा, चीन अपनी भूल स्वीकार कर समझौता का प्रस्ताव भारत के समक्ष प्रस्तुत करेगा, अत: ग्रहण से भारत चीन युद्ध का खतरा नहीं है। कोरोना वायरस की दृष्टि से ग्रहण अनिष्ट फल कारक रहेगा। 21 जून ग्रहण काल के बाद एक माह तक कोरोनावायरस चरम स्थिति पर रहेगा सूर्य के कर्क राशि में भ्रमण के दौरान कोरोना लगातार बढ़ता रहेगा जुलाई एवं अगस्त में स्थिति बहुत खराब होगी,सूर्य जब अपनी राशि सिंह में सितंबर में आएगा तब कोरोनावायरस धीरे धीरे कम हो जाएगा उसकी औषधि एवं नियन्त्रण के अप्रत्याशित उपाय प्राप्त होगे वह नियंत्रण में होगा। वहीं वैदिक विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित पवन शास्त्री ने बताया कि 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले 20 जून की रात दस बजजे से शुरु होगा। सूतक काल में देवालयों के कपाट बंद रहेंगे और घर की ठाकुरवाड़ी में भी पर्दा रहेगा। आवश्यक उपयोगी वस्तुओं में कुशा, तुलसीपत्र डालकर प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण 21 जून को सुबह 10.18 बजे से शुरु होगा। इस दौरान भोजन, शयन एवं मैथुन नहीं करना चाहिए। सूर्यग्रहण के चलते लोगों को स्नान, दान, जाम, तर्पण, भगवान स्मरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन राशि वालों को ग्रहण फल अशुभ है वह ग्रहण काल में बाहर न निकलें, गर्भवती स्त्रियां बाहर न निकलें। पुरुष वर्ग को दान, पुण्य करके शुभ बना सकते हैं। सूतक में बालक, वृद्घ रोगियों को एक प्रहर ही मान्य है। वैश्विक स्तर पर फल उत्तम नहीं है।
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इन राशि पर पड़ेगा असर
ज्योतिषी ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि मेष, वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर राशि वालों के लिए सूर्यग्रहण हानिकारक है। ऐसे में इन राशि वालों को सूर्यग्रहण्पा काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए एवं उन्हें अपने इष्टदेव के मन्त्र का जप करना चाहिए। कर्क, तुला, कुंभ, मीन राशि वालों के लिए यह सूर्यग्रहण शुभ है, लेकिन ग्रहण देखना इन्हें भी वर्जित है। घर में रहकर द्वादसाक्षर मन्त्र का जप करना चाहिए।
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