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Lalitpur News: भावनी बांध के डूब क्षेत्र में आई जमीन का सर्वे कराएगा सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भावनी बांध के डूब क्षेत्र में आई जमीन का सर्वे कराया जाएगा। सिंचाई विभाग ने एक टीम गठित की है। यह टीम डूब क्षेत्र वाले गांवाें में जाकर ऐसे किसानों को चिह्नित करेगी, जिनकी जमीन डूब चुकी है, लेकिन अधिग्रहण नहीं हुआ है। सर्वे के बाद सूची तैयार की जाएगी।
सिंचाई और दूसरी सुविधाओं को लेकर तहसील तालबेहट क्षेत्र में 2012-13 में सजनाम नदी पर 512.74 करोड़ रुपये की लागत से भावनी बांध परियोजना की शुरुआत हुई थी। 15.68 मीटर ऊंचाई वाले इस बांध की लंबाई 4.08 किलोमीटर है। बांध का पूर्ण जलस्तर 309.64 मीटर है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 312.38 मीटर है। बांध परियोजना के लिए ग्राम भावनी के आसपास स्थित करीब एक दर्जन गांव के लोगों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। बांध परियोजना वर्ष 2023 में करीब पूरी हो गई और मानसून सीजन में इसे पूर्ण क्षमता से भरा गया। इससे कई ऐसे किसानों की जमीन पानी में डूब कर प्रभावित हो गई, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला था। ये किसान जिला प्रशासन से डूब क्षेत्र में गई जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया। अब सिंचाई विभाग प्रथम ने एक टीम गठित की है। यह टीम भावनी बांध क्षेत्र में सर्वे कर डूब क्षेत्र में गई जमीन और किसानों को चिन्हित करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद सूची तैयार की जाएगी। जल्द ही इन किसानों को उनकी प्रभावित जमीन का निर्धारित मुआवजा मिल जाएगा।
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प्रधानमंत्री ने किया था बांध का वर्चुअल लोकार्पण
वर्ष 2012-13 में शुरू हुई भावनी बांध परियोजना 2021 में पूरी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनपद महोबा से इस बांध परियोजना का उद्घाटन वर्चुअल तरीके से नवंबर 2021 में किया था। लोकार्पण के दौरान स्थानीय स्तर पर बांध की नहर का पूजन करके नहर गेट खोलकर संचालन किया गया था।
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फैक्ट फाइल
- 23.790 एमसीएम पानी स्टोर करने की क्षमता
- 3800 हेक्टेयर भूमि सिंचित
- 8062 किसान लाभान्वित
- 30000 लोगों को पेयजल
- 29.300 किलोमीटर लंबी नहर
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भावनी बांध को पूर्ण क्षमता से भरे जाने के बाद जो भूमि शेष बची है उसके प्रभावित किसानों के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम बनाई है। यह टीम बांध के भराव क्षेत्र के गांवों में भ्रमण कर प्रभावित किसानों को चिहिंत करेगी।
इं. भागीरथ बरुआ, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम
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ललितपुर। भावनी बांध के डूब क्षेत्र में आई जमीन का सर्वे कराया जाएगा। सिंचाई विभाग ने एक टीम गठित की है। यह टीम डूब क्षेत्र वाले गांवाें में जाकर ऐसे किसानों को चिह्नित करेगी, जिनकी जमीन डूब चुकी है, लेकिन अधिग्रहण नहीं हुआ है। सर्वे के बाद सूची तैयार की जाएगी।
सिंचाई और दूसरी सुविधाओं को लेकर तहसील तालबेहट क्षेत्र में 2012-13 में सजनाम नदी पर 512.74 करोड़ रुपये की लागत से भावनी बांध परियोजना की शुरुआत हुई थी। 15.68 मीटर ऊंचाई वाले इस बांध की लंबाई 4.08 किलोमीटर है। बांध का पूर्ण जलस्तर 309.64 मीटर है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 312.38 मीटर है। बांध परियोजना के लिए ग्राम भावनी के आसपास स्थित करीब एक दर्जन गांव के लोगों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। बांध परियोजना वर्ष 2023 में करीब पूरी हो गई और मानसून सीजन में इसे पूर्ण क्षमता से भरा गया। इससे कई ऐसे किसानों की जमीन पानी में डूब कर प्रभावित हो गई, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला था। ये किसान जिला प्रशासन से डूब क्षेत्र में गई जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे।
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जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया। अब सिंचाई विभाग प्रथम ने एक टीम गठित की है। यह टीम भावनी बांध क्षेत्र में सर्वे कर डूब क्षेत्र में गई जमीन और किसानों को चिन्हित करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद सूची तैयार की जाएगी। जल्द ही इन किसानों को उनकी प्रभावित जमीन का निर्धारित मुआवजा मिल जाएगा।
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प्रधानमंत्री ने किया था बांध का वर्चुअल लोकार्पण
वर्ष 2012-13 में शुरू हुई भावनी बांध परियोजना 2021 में पूरी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनपद महोबा से इस बांध परियोजना का उद्घाटन वर्चुअल तरीके से नवंबर 2021 में किया था। लोकार्पण के दौरान स्थानीय स्तर पर बांध की नहर का पूजन करके नहर गेट खोलकर संचालन किया गया था।
फैक्ट फाइल
- 23.790 एमसीएम पानी स्टोर करने की क्षमता
- 3800 हेक्टेयर भूमि सिंचित
- 8062 किसान लाभान्वित
- 30000 लोगों को पेयजल
- 29.300 किलोमीटर लंबी नहर
भावनी बांध को पूर्ण क्षमता से भरे जाने के बाद जो भूमि शेष बची है उसके प्रभावित किसानों के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम बनाई है। यह टीम बांध के भराव क्षेत्र के गांवों में भ्रमण कर प्रभावित किसानों को चिहिंत करेगी।
इं. भागीरथ बरुआ, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम