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बिना सूचना के अनुपस्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता निलंबित
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ललितपुर। दो दिन पहले तालबेहट टाउन में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे ललितपुर में तैनात अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वह बिना सूचना व बिना अनुमति के अनुपस्थित चल रहे थे, जबकि शासन ने तीस अक्तूबर तक अवकाश पर रोक लगाई गई है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक अमित किशोर द्वारा बुधवार देर रात के बाद करीब डेढ़ बजे तालबेहट टाउन का औचक निरीक्षण किया था। इसमें उन्होंने टाउन में खुद जाकर कटे हुए संयोजनों की जांच की थी, जिसमें कुछ कटे हुए विद्युत संयोजन लोगों द्वारा बिना भुगतान के ही जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इस दौरान झांसी से मुख्य अभियंता एवं ललितपुर के सभी विद्युत अधिकारी उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने जब अधीक्षण अभियंता के बारे में पूछा तो मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि वह बिना सूचना व बिना अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। जिस पर उन्होंने अधीक्षण अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। अब प्रबंध निदेशक से एक पत्र जारी करते हुए बताया कि 12 अक्तूबर को निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता नरेश पाल सिंह विद्युत वितरण मंडल ललितपुर अनुपस्थित पाए गए। उनके अवकाश पर जाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी, जो अनुशासनहीनता में आती है, जबकि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड लखनऊ के अध्यक्ष द्वारा पत्राचार कर 30 सितंबर से तीस अक्तूबर तक किसी को अवकाश न दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया है, जबकि मुख्य अभियंता स्तर से सहायक अभियंता स्तर तक कार्मिकों को प्रबंध निदेशक एवं अवर अभियंता, टीजी-टू, कार्यकारी सहायक एवं अन्य समस्त कार्मिकों को संबंधित मुख्य अभियंता की स्वीकृति के बाद ही अवकाश प्रदान किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त मामले में अधीक्षण अभियंता ललितपुर द्वारा बिना पूर्व अनुमति के कार्यस्थल से अनुपस्थित रहना एवं उनके द्वारा राजस्व वसूली में रुचि नहीं लेने के लिए मुख्य अभियंता झांसी द्वारा उनके निलंबन की संस्तुति की गई है। प्रबंध निदेशक द्वारा अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह के इस कृत्य को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आने के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और इस दौरान उन्हें दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक निदेशक कार्यालय आगरा से संबद्ध कर दिया गया।
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक अमित किशोर द्वारा बुधवार देर रात के बाद करीब डेढ़ बजे तालबेहट टाउन का औचक निरीक्षण किया था। इसमें उन्होंने टाउन में खुद जाकर कटे हुए संयोजनों की जांच की थी, जिसमें कुछ कटे हुए विद्युत संयोजन लोगों द्वारा बिना भुगतान के ही जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इस दौरान झांसी से मुख्य अभियंता एवं ललितपुर के सभी विद्युत अधिकारी उपस्थित थे, लेकिन उन्होंने जब अधीक्षण अभियंता के बारे में पूछा तो मुख्य अभियंता द्वारा बताया गया कि वह बिना सूचना व बिना अनुमति के अनुपस्थित चल रहे हैं। जिस पर उन्होंने अधीक्षण अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। अब प्रबंध निदेशक से एक पत्र जारी करते हुए बताया कि 12 अक्तूबर को निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता नरेश पाल सिंह विद्युत वितरण मंडल ललितपुर अनुपस्थित पाए गए। उनके अवकाश पर जाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी, जो अनुशासनहीनता में आती है, जबकि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड लखनऊ के अध्यक्ष द्वारा पत्राचार कर 30 सितंबर से तीस अक्तूबर तक किसी को अवकाश न दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया है, जबकि मुख्य अभियंता स्तर से सहायक अभियंता स्तर तक कार्मिकों को प्रबंध निदेशक एवं अवर अभियंता, टीजी-टू, कार्यकारी सहायक एवं अन्य समस्त कार्मिकों को संबंधित मुख्य अभियंता की स्वीकृति के बाद ही अवकाश प्रदान किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त मामले में अधीक्षण अभियंता ललितपुर द्वारा बिना पूर्व अनुमति के कार्यस्थल से अनुपस्थित रहना एवं उनके द्वारा राजस्व वसूली में रुचि नहीं लेने के लिए मुख्य अभियंता झांसी द्वारा उनके निलंबन की संस्तुति की गई है। प्रबंध निदेशक द्वारा अधीक्षण अभियंता एनपी सिंह के इस कृत्य को गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आने के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और इस दौरान उन्हें दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक निदेशक कार्यालय आगरा से संबद्ध कर दिया गया।
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