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Lalitpur News: बिरधा में सरकारी इंटर कॉलेज न होने से भटक रहे छात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिरधा (ललितपुर)। ब्लॉक मुख्यालय पर राजकीय इंटर कॉलेज न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए भटकना पड़ता है। कस्बा में एकमात्र प्राइवेट इंटर कॉलेज है, जिसमें पढ़ने के लिए दूर-दूराज के सैकड़ों छात्र आते हैं, लेकिन निजी विद्यालय की फीस अधिक होने से कई अभिभावक कक्षा आठ के बाद बच्चों की पढ़ाई बंद करा देते हैं। विद्यार्थियों से लेकर अभिभावकों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार सरकारी इंटर कॉलेज खुलवाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बा स्थित प्राइवेट इंटर कॉलेज में बालिका और बालक एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं, इससे बालिकाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली कई गरीब बालिकाओं की पढ़ाई तो कक्षा आठ के बाद ही बंद हो जाती है। बालिका इंटर कॉलेज नहीं होने के कारण कुछ गरीब परिवार अपनी बच्चियों को प्राइवेट कॉलेजों में नहीं पढ़ा पाते। अधिकांश लोगों की जीविका का साधन कृषि है। चार सालों से बुंदेलखंड के लोग पलायन को मजबूर हैं। कस्बा की आबादी 13,000 के आसपास है, जबकि पांच से छह हजार बालक-बालिकाएं प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। एकमात्र स्कूल होने के कारण काफी भीड़ रहती है।
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बिरधा (ललितपुर)। ब्लॉक मुख्यालय पर राजकीय इंटर कॉलेज न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए भटकना पड़ता है। कस्बा में एकमात्र प्राइवेट इंटर कॉलेज है, जिसमें पढ़ने के लिए दूर-दूराज के सैकड़ों छात्र आते हैं, लेकिन निजी विद्यालय की फीस अधिक होने से कई अभिभावक कक्षा आठ के बाद बच्चों की पढ़ाई बंद करा देते हैं। विद्यार्थियों से लेकर अभिभावकों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार सरकारी इंटर कॉलेज खुलवाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बा स्थित प्राइवेट इंटर कॉलेज में बालिका और बालक एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं, इससे बालिकाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली कई गरीब बालिकाओं की पढ़ाई तो कक्षा आठ के बाद ही बंद हो जाती है। बालिका इंटर कॉलेज नहीं होने के कारण कुछ गरीब परिवार अपनी बच्चियों को प्राइवेट कॉलेजों में नहीं पढ़ा पाते। अधिकांश लोगों की जीविका का साधन कृषि है। चार सालों से बुंदेलखंड के लोग पलायन को मजबूर हैं। कस्बा की आबादी 13,000 के आसपास है, जबकि पांच से छह हजार बालक-बालिकाएं प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। एकमात्र स्कूल होने के कारण काफी भीड़ रहती है।
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