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मरीजों से लेन-देन की शिकायत मिली तो होगी कठोर कार्रवाई : डीएम
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- परिसर में अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक और सीसीटीवी बढ़ाने के भी दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मरीजों को जांच व अन्य सुविधाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएं। बेहतर उपचार पर ध्यान दिया जाए किसी भी प्रकार के लेने-देन की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह बात जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण में कही।
जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को अचानक मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश न करे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने कहा जिन चिकित्सकों की आवश्यकता है, शासन से पत्राचार कर तैनाती का प्रयास किया जाए।
निरीक्षण में ग्राम चिरौला निवासी रामदेवी से जानकारी ली, प्रसूता को वार्ड में भर्ती कराने के लिए सीएमएस को निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों से बात कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी। उपचार व बेड, जांच, भोजन आदि की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इमरजेंसी द्वार पर खुले क्षेत्र को जाली से कवर कराएं। इससे कचरा न डाला जाए। ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे, साथ ही जरनल वार्ड, महिला, पुरुष व आयुष्मान वार्ड के निरीक्षण किया।
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उन्होंने औषधीय भंडार कक्ष में एक्सपायरी दवाओं का भी रिकॉर्ड रखने व ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक में 94 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया। इसके साथ ही नए भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला, सीएमएस डॉ. गजेंद्र सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीके राज, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य चिकित्सक व कर्मचारी रहे।
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जब तीमारदार ने डीएम से पूछा, ''साहब पैसे काय के लगत''
बृहस्पतिवार को हुए निरीक्षण में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के उस समय हाथ पांव फूल गए, जब ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम डोंगराखुर्द निवासी तीमारदार ने जिलाधिकारी से पूछा कि साहब पैसे काय के लगत। तीमारदार ने बताया कि 12500 रुपये बाहर एक मेडिकल स्टोर पर जमा कराए हैं। पैसे जमा कराने के साथ कहा था सामान दिया जाएगा। पैसे जमा करने के बाद सामान नहीं दिया। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य से जानकारी ली और जांच कराने का आश्वासन दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मरीजों को जांच व अन्य सुविधाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएं। बेहतर उपचार पर ध्यान दिया जाए किसी भी प्रकार के लेने-देन की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह बात जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने मेडिकल कॉलेज के औचक निरीक्षण में कही।
जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को अचानक मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में अनाधिकृत व्यक्ति प्रवेश न करे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने कहा जिन चिकित्सकों की आवश्यकता है, शासन से पत्राचार कर तैनाती का प्रयास किया जाए।
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निरीक्षण में ग्राम चिरौला निवासी रामदेवी से जानकारी ली, प्रसूता को वार्ड में भर्ती कराने के लिए सीएमएस को निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों से बात कर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी। उपचार व बेड, जांच, भोजन आदि की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इमरजेंसी द्वार पर खुले क्षेत्र को जाली से कवर कराएं। इससे कचरा न डाला जाए। ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे, साथ ही जरनल वार्ड, महिला, पुरुष व आयुष्मान वार्ड के निरीक्षण किया।
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उन्होंने औषधीय भंडार कक्ष में एक्सपायरी दवाओं का भी रिकॉर्ड रखने व ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक में 94 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया। इसके साथ ही नए भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक शुक्ला, सीएमएस डॉ. गजेंद्र सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीके राज, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल सहित अन्य चिकित्सक व कर्मचारी रहे।
जब तीमारदार ने डीएम से पूछा, ''साहब पैसे काय के लगत''
बृहस्पतिवार को हुए निरीक्षण में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के उस समय हाथ पांव फूल गए, जब ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम डोंगराखुर्द निवासी तीमारदार ने जिलाधिकारी से पूछा कि साहब पैसे काय के लगत। तीमारदार ने बताया कि 12500 रुपये बाहर एक मेडिकल स्टोर पर जमा कराए हैं। पैसे जमा कराने के साथ कहा था सामान दिया जाएगा। पैसे जमा करने के बाद सामान नहीं दिया। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य से जानकारी ली और जांच कराने का आश्वासन दिया।