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मनरेगा में धांधली रोकेगा ‘भुवन’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:05 AM IST
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mnrega, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। मनरेगा में होने वाले फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय हाईटेक तकनीक का सहारा लेगा। जल्द ही ग्रामीण विकास मंत्रालय व इसरो भुवन नाम का एक मोबाइल एप लांच करेगा, जिसमें मनरेगा में होने वाली कामों की सारी जानकारी अपलोड की जाएगी। इस एप से मजदूरों को होने वाली परेशानियों को काफी हद तक रोका जा सकेगा। भुवन एप लांच होने के बाद संबंधित अधिकारी भी कामों में लेटलतीफी नहीं कर पाएंगे।
मनरेेगा में काम करने वाले मजदूरों के साथ अब रोजगार सेवक व कर्मचारियों को फर्जीवाड़ा करना भारी पड़ेगा। रोजगार सेवक व अधिकारियों को काम निर्धारित अवधि में पूरा करके इसकी जानकारी एप पर अपलोड करना होगी। डाटा अपलोड होते ही कहीं से भी काम की जानकारी एक क्लिक करके देखी जा सकती है। भुवन एप के लांच होते ही मनरेगा के कामों में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह एप 1 नवंबर से शुरू करने की जोर शोर से तैयारी चल रही है। अगले हफ्ते जनपद से पांच मास्टर्स ट्रेनर्स को लखनऊ भेजा जा रहा है, जहां पर उन्हें इस एप को संचालित करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मनरेगा के माध्यम से गांवों में कुएं खुदवाना, सड़क निर्माण, तालाब निर्माण जैसे कई काम आधे मजदूरी से व आधे मशीनों से करवा लिए जाते थे। इन्हीं कामों में हो रही धांधली पर रोक लगाने के लिए भुवन एप को लांच किया जा रहा है।
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एप इस तरह करेगा काम
रोजगार सहायक अपने मोबाइल में एप डाउनलोड करेंगे। मनरेेगा से होने वाले कामों की फोटो खींचकर संपूर्ण जानकारी एप पर अपलोड करनी होगी। इस काम का निरीक्षण करने के बाद अधिकारी ओके रिपोर्ट बनाएंगे। इसके बाद यह जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी। इस एप की एक खासियत यह भी होगी कि अब झूठी शिकायतें दर्ज नहीं की जा सकेंगी। इस एप के माध्यम से अधिकारी कम्प्यूटर पर ही देखकर मामले की जांच कर सकेंगे। जांच में अगर काम अधूरा मिला या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
भुवन एप को 1 नवंबर से लांच करने की तैयारी चल रही है। एप के शुरू होने के बाद मनरेगा के कामों में होने वाली डुप्लीकेसी को रोका जा सकेगा। मनरेगा के कामों को आनलाइन कहीं से भी जांचा जा सकेगा। जनपद से पांच लोगों को ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। यह मास्टर्स ट्रेनर्स प्रशिक्षित होने के बाद रोजगार सहायक को प्रशिक्षण देंगे।
नरेंद्र देव द्विवेदी उपायुक्त श्रम रोजगार
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मनरेेगा में काम करने वाले मजदूरों के साथ अब रोजगार सेवक व कर्मचारियों को फर्जीवाड़ा करना भारी पड़ेगा। रोजगार सेवक व अधिकारियों को काम निर्धारित अवधि में पूरा करके इसकी जानकारी एप पर अपलोड करना होगी। डाटा अपलोड होते ही कहीं से भी काम की जानकारी एक क्लिक करके देखी जा सकती है। भुवन एप के लांच होते ही मनरेगा के कामों में पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह एप 1 नवंबर से शुरू करने की जोर शोर से तैयारी चल रही है। अगले हफ्ते जनपद से पांच मास्टर्स ट्रेनर्स को लखनऊ भेजा जा रहा है, जहां पर उन्हें इस एप को संचालित करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मनरेगा के माध्यम से गांवों में कुएं खुदवाना, सड़क निर्माण, तालाब निर्माण जैसे कई काम आधे मजदूरी से व आधे मशीनों से करवा लिए जाते थे। इन्हीं कामों में हो रही धांधली पर रोक लगाने के लिए भुवन एप को लांच किया जा रहा है।
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एप इस तरह करेगा काम
रोजगार सहायक अपने मोबाइल में एप डाउनलोड करेंगे। मनरेेगा से होने वाले कामों की फोटो खींचकर संपूर्ण जानकारी एप पर अपलोड करनी होगी। इस काम का निरीक्षण करने के बाद अधिकारी ओके रिपोर्ट बनाएंगे। इसके बाद यह जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी। इस एप की एक खासियत यह भी होगी कि अब झूठी शिकायतें दर्ज नहीं की जा सकेंगी। इस एप के माध्यम से अधिकारी कम्प्यूटर पर ही देखकर मामले की जांच कर सकेंगे। जांच में अगर काम अधूरा मिला या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
भुवन एप को 1 नवंबर से लांच करने की तैयारी चल रही है। एप के शुरू होने के बाद मनरेगा के कामों में होने वाली डुप्लीकेसी को रोका जा सकेगा। मनरेगा के कामों को आनलाइन कहीं से भी जांचा जा सकेगा। जनपद से पांच लोगों को ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। यह मास्टर्स ट्रेनर्स प्रशिक्षित होने के बाद रोजगार सहायक को प्रशिक्षण देंगे।
नरेंद्र देव द्विवेदी उपायुक्त श्रम रोजगार