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स्टेशन रोड बनता जा रहा ‘काल’
Thu, 14 Mar 2019 12:51 AM IST
Pragyan dubey
lalitpur
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Published by: Pragyan dubey
Updated Thu, 14 Mar 2019 12:51 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। तुवन चौराहा से रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग लोगों के लिए ‘काल’ बनता जा रहा है। इस मार्ग पर तेज रफ्तार से बाइक चला रहे युवा यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क पर डिवाइडर, स्पीड ब्रेकर और संकेतक नहीं होने के कारण भी दुघर्टनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। एक महीने में दस से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसमें तीन मौतें और कई लोग घायल हुए हैं।
तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन तिराहा तक सड़क मार्ग सबसे व्यस्ततम मार्ग है। लेकिन, इस मार्ग पर युवा मनमाने तरीके से बाइक का फर्राटा भर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। तेज रफ्तार वाहन चलाकर युवा यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर हैं। इस मार्ग पर सुबह छह बजे से बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। सड़क से रात्रि आठ बजे तक व्यस्त है, जिसमें वर्णी चौराहा, क्षेत्रपाल मंदिर के सामने रोड, जिला परिषद, कृष्णा टाकीज और स्टेशन तिराहा से देवगढ़ रोड पर युवाओं में तेज रफ्तार वाहन चलाने की होड़ लगी रहती है। इसी वजह से वर्णी चौराहा से कृष्णा टाकीज और स्टेशन तिराहा से देवगढ़ क्रॉसिंग के मध्य सबसे अधिक वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इस रोड पर तेज रफ्तार वाहन चालकों पर नियंत्रण में यातायात पुलिस की लचर प्रणाली के साथ ही सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और स्थानीय कमियां भी बड़ा कारण है। इस कारण यहां आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को अपनी जिंदगी गवानी पड़ रही है, जबकि कई शारीरिक रूप से लाचार हो गए हैं। तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा और क्षेत्रपाल मंदिर से कृष्णा टाकीज होते हुए स्टेशन तिराहा तक जहां अधिकांश व्यापारी अपने दुकानों का सामान फुटपाथ पर सजा कर अतिक्रमण किए रहते हैं, वहीं खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों द्वारा अपने वाहनों को सड़क किनारे पार्क करने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने के दौरान ऐसी जगहों पर अचानक गुंजाइश की कमी होने के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
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पिछले एक महीने में ही दस से अधिक बड़ी वाहन दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक घायल हो चुके हैं।
यह हो चुकीं घटनाएं
तीन मार्च को मोहल्ला गांधीनगर निवासी राजेश अग्रवाल उर्फ राजू रात दस बजे अपने पुत्र के साथ स्कूटी पर सवार होकर घर का सामान लेने बाजार जा रहे थे कि तभी कृष्णा टाकी के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर घायल हो गए थे। पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें झांसी रेफर किया गया था। वहां से उन्हें दिल्ली ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। 21 फरवरी को स्कूटी पर सवार मोहल्ला आजादपुरा निवासी सुशील नामदेव अपने पांच वर्षीय पुत्र अंश नामदेव को ट्यूशन से लेकर घर जा रहे थे कि जिला परिषद के पास ही एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी, जिसमें उनके बच्चे की मौत हो गई थी। जबकि वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका झांसी में इलाज चल रहा है। पांच दिन पहले जाखलौन के थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की कार एक तेज रफ्तार बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बिजली के खंभे से टकरा गई थी, जिसमें वह खुद घायल हो गए थे। इसी प्रकार पिछले वर्ष ही अपनी ही शादी का कार्ड देने आया एक नवयुवक की भी कृष्णा टाकीज के पास ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वहीं, देवगढ़ रोड पर ही एक छात्रा की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि इससे पूर्व वर्ष 2014 में तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा के मध्य सिद्ध सागर एकेडमी के पास तेज रफ्तार एक डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार नई बस्ती निवासी रश्मि तिवारी की मौत हो गई थी। इस प्रकार सड़क पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो पुलिस प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
तेज रफ्तार वाहन चालकों पर नियंत्रण के लिए चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, इसमें तेज रफ्तार वाहनों के चालान किए जाएंगे और आपस में रेस करते पाए जाने वाले लोगों के वाहनों को सीज किया जाएगा। अभियान चलाकर फुटपाथ पर अतिक्रमण को हटवाया जाएगा और यातायात नियमों के पालन कराए जाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक
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तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन तिराहा तक सड़क मार्ग सबसे व्यस्ततम मार्ग है। लेकिन, इस मार्ग पर युवा मनमाने तरीके से बाइक का फर्राटा भर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। तेज रफ्तार वाहन चलाकर युवा यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर हैं। इस मार्ग पर सुबह छह बजे से बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। सड़क से रात्रि आठ बजे तक व्यस्त है, जिसमें वर्णी चौराहा, क्षेत्रपाल मंदिर के सामने रोड, जिला परिषद, कृष्णा टाकीज और स्टेशन तिराहा से देवगढ़ रोड पर युवाओं में तेज रफ्तार वाहन चलाने की होड़ लगी रहती है। इसी वजह से वर्णी चौराहा से कृष्णा टाकीज और स्टेशन तिराहा से देवगढ़ क्रॉसिंग के मध्य सबसे अधिक वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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इस रोड पर तेज रफ्तार वाहन चालकों पर नियंत्रण में यातायात पुलिस की लचर प्रणाली के साथ ही सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और स्थानीय कमियां भी बड़ा कारण है। इस कारण यहां आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को अपनी जिंदगी गवानी पड़ रही है, जबकि कई शारीरिक रूप से लाचार हो गए हैं। तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा और क्षेत्रपाल मंदिर से कृष्णा टाकीज होते हुए स्टेशन तिराहा तक जहां अधिकांश व्यापारी अपने दुकानों का सामान फुटपाथ पर सजा कर अतिक्रमण किए रहते हैं, वहीं खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों द्वारा अपने वाहनों को सड़क किनारे पार्क करने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने के दौरान ऐसी जगहों पर अचानक गुंजाइश की कमी होने के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
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पिछले एक महीने में ही दस से अधिक बड़ी वाहन दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक घायल हो चुके हैं।
यह हो चुकीं घटनाएं
तीन मार्च को मोहल्ला गांधीनगर निवासी राजेश अग्रवाल उर्फ राजू रात दस बजे अपने पुत्र के साथ स्कूटी पर सवार होकर घर का सामान लेने बाजार जा रहे थे कि तभी कृष्णा टाकी के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर घायल हो गए थे। पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें झांसी रेफर किया गया था। वहां से उन्हें दिल्ली ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। 21 फरवरी को स्कूटी पर सवार मोहल्ला आजादपुरा निवासी सुशील नामदेव अपने पांच वर्षीय पुत्र अंश नामदेव को ट्यूशन से लेकर घर जा रहे थे कि जिला परिषद के पास ही एक ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी, जिसमें उनके बच्चे की मौत हो गई थी। जबकि वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका झांसी में इलाज चल रहा है। पांच दिन पहले जाखलौन के थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की कार एक तेज रफ्तार बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बिजली के खंभे से टकरा गई थी, जिसमें वह खुद घायल हो गए थे। इसी प्रकार पिछले वर्ष ही अपनी ही शादी का कार्ड देने आया एक नवयुवक की भी कृष्णा टाकीज के पास ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वहीं, देवगढ़ रोड पर ही एक छात्रा की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि इससे पूर्व वर्ष 2014 में तुवन चौराहा से वर्णी चौराहा के मध्य सिद्ध सागर एकेडमी के पास तेज रफ्तार एक डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार नई बस्ती निवासी रश्मि तिवारी की मौत हो गई थी। इस प्रकार सड़क पर दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो पुलिस प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
तेज रफ्तार वाहन चालकों पर नियंत्रण के लिए चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, इसमें तेज रफ्तार वाहनों के चालान किए जाएंगे और आपस में रेस करते पाए जाने वाले लोगों के वाहनों को सीज किया जाएगा। अभियान चलाकर फुटपाथ पर अतिक्रमण को हटवाया जाएगा और यातायात नियमों के पालन कराए जाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
- कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक