फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Soil is becoming sick due to increasing use of chemical fertilizers

Lalitpur News: रासायनिक खादों के बढ़ते प्रयोग से माटी हो रही बीमार

Mon, 25 Nov 2024 05:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2024 05:39 AM IST
विज्ञापन
Soil is becoming sick due to increasing use of chemical fertilizers
सुरेंद्र सिंह
विज्ञापन

ललितपुर। फसल का उत्पादन बढ़ाने की आस में किसान लगातार रसायनिक खादों का प्रयोग कर रहा हैं, लेकिन अब माटी बीमार होने लगी है। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के आंकड़ों पर गौर करें तो सभी छह विकास खंडों में जीवांश कार्बन व फास्फेट, मध्यम और नाइट्रोजन न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है, जबकि माटी उत्तम स्थित किसी ब्लॉक क्षेत्र में नहीं मिली। इसे लेकर कृषि वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि किसानों को डीएपी और यूरिया की जगह अब जैविक खाद का प्रयोग करना चाहिए अन्यथा भविष्य में माटी बंजर होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
यहां करीब 3,51,015 हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल है, जिसमें किसान रबी, खरीफ और जायद की फसलों में लगातार डीएपी व यूरिया का प्रयोग कर रहा है। इसका असर अब माटी पर दिखने लगा है। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में इस साल अलग-अलग ब्लॉक क्षेत्रों की मिट्टी का सैंपल लेकर परीक्षण किया गया तो आंकड़े चौंकाने वाले सामने आए हैं।
विज्ञापन

सबसे खराब स्थिति नाइट्रोजन की आई है। सभी ब्लॉकों में नाइट्रोजन न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है जबकि फास्फेट और जीवांश कार्बन मध्यम स्तर पर पहुंच गई है। इसका असर गेहूं व अन्य फसलों के उत्पादन पर पड़ने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान इन पोषक तत्वों की भरपाई के लिए जिस तरह से डीएपी और यूरिया का प्रयोग कर रहा है, उससे भविष्य में जमीन बंजर होने से कृषि वैज्ञानिक भी इंकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों को जैविक खादों में गोबर, केंचुआ व मुर्गा की खाद डालकर पोषक तत्वों की कमी पूरी करना चाहिए, अन्यथा में फसलों की पैदावार भी प्रभावित हो सकती है।

उप कृषि निदेशक बसंत कुमार दुबे का कहना है कि किसान अपनी फसलों की पैदावार बढ़ाने व मिट्टी के पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए जागरूक हो जाएं। खेत की मिट्टी का परीक्षण कराएं। परीक्षण के आधार पर तत्वों की कमी के लिए विशेषज्ञों से सलाह लेकर कार्य करें, इससे मिट्टी बीमार नहीं होगी। (संवाद)क
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed