फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Six sentenced to seven years in prison for threatening to kill

Lalitpur News: जान से मारने की धमकी देने में छह को सात वर्ष की सजा

Fri, 20 Feb 2026 12:17 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:17 AM IST
विज्ञापन
Six sentenced to seven years in prison for threatening to kill
- न्यायालय ने आठ वर्ष पुराने मामले में सुनाई सजा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश विकास कुमार की अदालत ने महरौनी क्षेत्र के ग्राम करौंदा में आठ वर्ष पहले महिला को पीटने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में छह आरोपियों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। इनमें तीन अभियुक्तों को 16-16 हजार रुपये और तीन पर 19-19 हजार रुपये अर्थदंड भरना होगा।
महरौनी क्षेत्र के ग्राम करौंदा निवासी बबली पुत्री याकूब अली ने 11 जनवरी 2018 को कोतवाली महरौनी में तहरीर देकर बताया था कि 11 जनवरी को लगभग बारह बजे दोपहर उसके गांव में विकास कार्यों की जांच करने के लिए टीम आई थी, जिसमें तुलसा ने विकास कार्यों की जांच कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। जिस पर टीम ने तुलसा को मौके पर बुलाया, जिसके साथ वह भी गई थी। टीम पूछताछ कर रही थी कि तभी विपक्षी गनेश पुत्र हरजू, तेजराम पुत्र गनेश, दीवान पुत्र गनेश और राघवेंद्र पुत्र मुनी लोधी, राजू पुत्र देव सिंह और हल्काई पुत्र देवसिंह एक राय होकर मौके पर आए और उन लोगों को गालियां देने लगे। मना करने पर तुलसा व उसे जमीन पर पटककर व खींचकर मंदिर तक मारते हुए ले गए। यदि गांव के लोग उसे न बचाते तो उसे काफी पिटाई करते। उसे बचाने संतोष, रईसा और जगभाान आए तो उन्हें राघवेंद्र, राजू और हलकाईं ने मारा पीटा। जिससे वह लोग भागकर जमनी के मकान में छिप गए, तो सभी लोगों ने उन्हें मकान में से खींचकर दोबारा पीटा, जिससे उसके कान के बाला गिर गए। भीड़ देखकर वे उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
विज्ञापन

महरौनी पुलिस ने सभी केे खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों गनेश अहिरवार, तेजराम अहिरवार और दीवान अहिरवार को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के कारावास और 16-16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं इसी मामले में तीन अन्य आरोपियों राघवेंद्र सिंह लोधी, राजेंद्र सिंह लोधी उर्फ राजू एवं इंद्रपाल सिंह उर्फ हलकाई को एससीएसटी एक्ट में भी दोषी पाया, उक्त तीनों को सात-सात वर्ष के कारावास और 19-19 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को सात-सात वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि न्यायालय ने अभियुक्तों की पहले की सजा और बार-बार अपराध करने पर गंभीर अपराध मानते हुए कठोर कार्रवाई की है, जिससे अपराध करने वालों को सीख मिल सके। बताया कि महरौनी थाने में वर्ष 2012 के मामले में न्यायालय द्वारा पहले ही गनेश, तेजराम और दीवान को 24 अगस्त 2022 को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed