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कैरीबैग का मोह नहीं छोड़ पा रहे दुकानदार
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पॉलीथिन में रखकर केला बेचता दुकानदार
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा की जा रही छापेमार कार्रवाई के बाद भी शहर के अधिकतर फुटकर दुकानदार कैरीबैग्स (प्रतिबंधित पॉलीथिन) का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। वे ग्राहकों को खरीदा सामान प्लास्टिक कैरीबैग्स में मुहैया करा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कैरीबैग्स के अन्य विकल्प दुकानों पर रख लिए हैं, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। हकीकत में ऐसे दुकानदार प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का आह्वान देशवासियों से किया है। देश भर में जागरूकता रैली, गोष्ठी जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। यही नहीं, नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथिन और थर्माकोल सामग्री के खिलाफ छापामार कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी दुकानदार कैरीबैग्स का मोह छोड़ नहीं पा रहे हैं। इसमें चाय, दूध, सब्जी और फल दुकानदार से लेकर किराना दुकानदार भी शामिल हैं। इससे बाजार में पॉलीथिन एवं थर्माकोल की सामग्री बाजार में बनी हुई है।
फेरी लगाकर बेची जा रही पॉलीथिन
प्रतिबंधित पॉलिथीन एवं थर्माकोल के कारोबारियों ने बाजार में माल गलाने का तरीका बदल दिया है। अब वह किसी दुकान पर इसे बेचने के लिए नहीं रखे हैं, बल्कि फेरी लगाकर पॉलीथिन को दुकानदार तक पहुंचा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने किराए पर लड़के रखे हैं। इस तरह फेरी के माध्यम से फुटकर दुकानदारों तक पॉलीथिन पहुुंच रही है।
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पहले चालीस रुपये में पॉलीथिन मिल जाती थी, जिससे दिन भर की ग्राहकी हो जाती थी। जबसे पॉलीथिनबंद हुई है, तब से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अब जो विभागीय नियमों के मुताबिक कैरीबैग्स बेचे जा रहे हैं, उनकी कीमत नब्बे रुपये है। विडंबना देखिए कि जो कैरीबैग्स दिए जा रहे हैं, उसे प्लास्टिक बैग में ही दिया जा रहा है। इस पर कोई टोकाटाकी नहीं है। सरकार को सभी पर रोक लगाना चाहिए।
- धर्मेंद्र, ठेला दुकानदार
पॉलीथिन जब से बंद की गई है, तब से अखबार में लपेटकर सामान ग्राहकों को दे रहे हैं। कई ग्राहक पॉलीथिन को प्रतिबंधित किए जाने से खुश हैं। मुझे भी पॉलीथिन बंद होने से कोई दिक्कत नहीं है। हम सरकार के निर्णय के साथ हैं।
- सुधीर शर्मा
पुस्तक विक्रेता
शहर में नब्बे प्रतिशत पॉलीथिन का उपयोग बंद हो गया है, जो रह गए हैं, उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है। जो फेरी दुकानदार पॉलीथिन को बाजार में ला रहे हैं, उन पर नजर रखी जा रही है।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का आह्वान देशवासियों से किया है। देश भर में जागरूकता रैली, गोष्ठी जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। यही नहीं, नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथिन और थर्माकोल सामग्री के खिलाफ छापामार कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी दुकानदार कैरीबैग्स का मोह छोड़ नहीं पा रहे हैं। इसमें चाय, दूध, सब्जी और फल दुकानदार से लेकर किराना दुकानदार भी शामिल हैं। इससे बाजार में पॉलीथिन एवं थर्माकोल की सामग्री बाजार में बनी हुई है।
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फेरी लगाकर बेची जा रही पॉलीथिन
प्रतिबंधित पॉलिथीन एवं थर्माकोल के कारोबारियों ने बाजार में माल गलाने का तरीका बदल दिया है। अब वह किसी दुकान पर इसे बेचने के लिए नहीं रखे हैं, बल्कि फेरी लगाकर पॉलीथिन को दुकानदार तक पहुंचा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने किराए पर लड़के रखे हैं। इस तरह फेरी के माध्यम से फुटकर दुकानदारों तक पॉलीथिन पहुुंच रही है।
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पहले चालीस रुपये में पॉलीथिन मिल जाती थी, जिससे दिन भर की ग्राहकी हो जाती थी। जबसे पॉलीथिनबंद हुई है, तब से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अब जो विभागीय नियमों के मुताबिक कैरीबैग्स बेचे जा रहे हैं, उनकी कीमत नब्बे रुपये है। विडंबना देखिए कि जो कैरीबैग्स दिए जा रहे हैं, उसे प्लास्टिक बैग में ही दिया जा रहा है। इस पर कोई टोकाटाकी नहीं है। सरकार को सभी पर रोक लगाना चाहिए।
- धर्मेंद्र, ठेला दुकानदार
पॉलीथिन जब से बंद की गई है, तब से अखबार में लपेटकर सामान ग्राहकों को दे रहे हैं। कई ग्राहक पॉलीथिन को प्रतिबंधित किए जाने से खुश हैं। मुझे भी पॉलीथिन बंद होने से कोई दिक्कत नहीं है। हम सरकार के निर्णय के साथ हैं।
- सुधीर शर्मा
पुस्तक विक्रेता
शहर में नब्बे प्रतिशत पॉलीथिन का उपयोग बंद हो गया है, जो रह गए हैं, उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है। जो फेरी दुकानदार पॉलीथिन को बाजार में ला रहे हैं, उन पर नजर रखी जा रही है।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद