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Lalitpur News: बारिश में भरभराकर गिरा कच्चा मकान
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पुलवारा। कस्बा बार में चार दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार दोपहर कन्या प्राथमिक विद्यालय के पास रहने वाले शिवाकांत सेन का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा बच गया। मकान गिरने से घरेलू सामान मलबे में दब गया और परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया।
शिवाकांत ने बताया कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे मकान का एक हिस्सा गिरने की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो एक तरफ की आधे से अधिक दीवार ढह चुकी थी और दूसरी दीवार में दरारें आ गई थीं। बारिश से बचाव के लिए मकान पर पन्नी भी डाल रखी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पूरा मकान ढह गया। कुछ दिन पहले उसका एक अन्य कच्चा मकान भी गिर गया था, जिसमें वह मवेशियों को बांधता था।
पीड़ित ने बताया कि वह पहले रोडवेज बस में परिचालक था। वर्ष 2022 में बसों का संचालन बंद होने के बाद रोजगार छिन गया। इसके बाद से वह किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। उसका बेटा रोजगार के लिए गुजरात गया था और पैसे भेजकर परिवार की मदद करता था। नौ अगस्त को गुजरात के भरूच जिले में मोटरसाइकिल से हादसा होने के बाद उसे उपचार के लिए घर लौटना पड़ा। इलाज में भी काफी खर्च हो रहा है। ऐसे में परिवार पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और अब मकान गिरने से परेशानी और बढ़ गई है।
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पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर आर्थिक सहायता देने और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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शिवाकांत ने बताया कि बुधवार सुबह करीब पांच बजे मकान का एक हिस्सा गिरने की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो एक तरफ की आधे से अधिक दीवार ढह चुकी थी और दूसरी दीवार में दरारें आ गई थीं। बारिश से बचाव के लिए मकान पर पन्नी भी डाल रखी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पूरा मकान ढह गया। कुछ दिन पहले उसका एक अन्य कच्चा मकान भी गिर गया था, जिसमें वह मवेशियों को बांधता था।
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पीड़ित ने बताया कि वह पहले रोडवेज बस में परिचालक था। वर्ष 2022 में बसों का संचालन बंद होने के बाद रोजगार छिन गया। इसके बाद से वह किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। उसका बेटा रोजगार के लिए गुजरात गया था और पैसे भेजकर परिवार की मदद करता था। नौ अगस्त को गुजरात के भरूच जिले में मोटरसाइकिल से हादसा होने के बाद उसे उपचार के लिए घर लौटना पड़ा। इलाज में भी काफी खर्च हो रहा है। ऐसे में परिवार पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और अब मकान गिरने से परेशानी और बढ़ गई है।
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पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर आर्थिक सहायता देने और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है।