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सावधान! सड़क के गड्ढे आपको दे सकते है दर्द
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पानी की टंकी के पास हुये गड्डे
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को गड्ढेदार सड़कों पर निकलना पड़ रहा है। शहर के घंटाघर रोड हो या मन्नू पेट्रोल पंप से लेकर शहजाद नदी पुल मार्ग, हर तरफ सड़क पर गहरे गड्ढे अब लोगों को दर्द दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि रीढ़ की हड्डी से संबंधित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। गर्दन की नस चढ़ने, खिंचाव महसूस करने, सिल्प डिस्क जैसी शिकायत को लेकर भी पांच से छह मरीज रोजाना आ रहे हैं।
करीब एक हफ्ते हुई बारिश ने सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। शहर में शायद ही कोई ऐसी सड़क हो जिस पर गड्ढे न हों। कुछ समय पहले नगदर पालिका ने बनाई वीआईपी रोड (पुलिस लाइन मार्ग) की गिट्टी तो पहली बारिश में ही उखड़ गई। इस कारण इस मार्ग के से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उधर, घंटाघर रोड की स्थित तो और भी खराब है। इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। अमर उजाला ने जब इस सड़क का हाल प्रकाशित किया तो बारिश रुकते ही डामर मिली गिट्टी कुछ गड्ढों में डलवाकर अफसरों ने गड्ढा मुक्त सड़क बनाने का प्रयास किया। उधर, मुन्नू पेट्रोल पंप से लेकर शहजाद नदी पुल तक जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। मंगलवार को गड्ढों में पड़कर एक चालक की बाइक सड़क पर खराब हो गई। वहीं, पानी की बड़ी टंकी से लेकर प्रधान डाकघर तक वाहन चालक हिचकोले खाकर निकल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन गड्ढों में डामरयुक्त गिट्टी भरी है जो बारिश होने पर गड्ढों से निकलने लगी है। इससे नागरिकों को गड्ढों से छुटकारा फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा है। गड्ढों वाली सड़क से गुजर रहे तमाम लोगों की रीढ़ की हड्डी में परेशानी, सिल्प डिस्क, गर्दन में खिचांव जैसी परेशानी आने लगी है। ऐसे लोग हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना सात-आठ मरीज इस तरह की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। इस तरह महीने में दो सैकड़ा से अधिक मरीज नए आ रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर चिकित्सक लोगों को धीमा वाहन चलाने व गड्ढे से बचाव करने के लिए कह रहे हैं।
शहर में डीएम आवास वाली सड़क को छोड़ दें तो बाकी अन्य सड़कों की हालत बेहद खराब है। किसी में छोटे तो किसी में बड़े गड्ढे हो गए हैं। -त्रिदेव दुबे
सरकार हर साल गड्ढामुक्त सड़क का अभियान चलाती है, लेकिन गड्ढे ज्यादा दिन तक भरे नहीं रह पाते हैं और दुबारा उनमें गड्ढे होने लगते हैं। - कुंदन कुशवाहा
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मन्नू पेट्रोल पंप से लेकर गल्ला मंडी की सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों को भरा गया है तो अब सड़क पर कीचड़ की समस्या हो गई है। - रामजीवन
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पानी की बड़ी टंकी से लेकर घंटाघर तक सड़कें छलनी हो गई है। इन गड्ढों से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। गड्ढे भरने के नाम पर औपचारिकता की जा रही है।-रूप सिंह
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वीआईपी सड़क पर हटाई जा रही बिखरी गिट्टी
वीआईपी सड़क वर्णी चौराहा से कचहरी चौराहे तक जगह-जगह बिखरी गिट्टी सफाई कर्मी किनारे की ओर ढ़ेर लगा देते हैं, जिसे नगर पालिका द्वारा भरा जा रहा है।
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रीढ़ की हड्डी से संबंधित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कुछ गर्दन की नस चढ़ने, खिचांव महसूस करने, सिल्प डिस्क जैसी शिकायत को लेकर भी मरीज आ रहे हैं। यदि धीमा वाहन चलाया जाए और गड्ढा से बचाव किया जाए तो इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
डॉ. एमसी गुप्ता, चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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करीब एक हफ्ते हुई बारिश ने सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। शहर में शायद ही कोई ऐसी सड़क हो जिस पर गड्ढे न हों। कुछ समय पहले नगदर पालिका ने बनाई वीआईपी रोड (पुलिस लाइन मार्ग) की गिट्टी तो पहली बारिश में ही उखड़ गई। इस कारण इस मार्ग के से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उधर, घंटाघर रोड की स्थित तो और भी खराब है। इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। अमर उजाला ने जब इस सड़क का हाल प्रकाशित किया तो बारिश रुकते ही डामर मिली गिट्टी कुछ गड्ढों में डलवाकर अफसरों ने गड्ढा मुक्त सड़क बनाने का प्रयास किया। उधर, मुन्नू पेट्रोल पंप से लेकर शहजाद नदी पुल तक जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। मंगलवार को गड्ढों में पड़कर एक चालक की बाइक सड़क पर खराब हो गई। वहीं, पानी की बड़ी टंकी से लेकर प्रधान डाकघर तक वाहन चालक हिचकोले खाकर निकल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन गड्ढों में डामरयुक्त गिट्टी भरी है जो बारिश होने पर गड्ढों से निकलने लगी है। इससे नागरिकों को गड्ढों से छुटकारा फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा है। गड्ढों वाली सड़क से गुजर रहे तमाम लोगों की रीढ़ की हड्डी में परेशानी, सिल्प डिस्क, गर्दन में खिचांव जैसी परेशानी आने लगी है। ऐसे लोग हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना सात-आठ मरीज इस तरह की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। इस तरह महीने में दो सैकड़ा से अधिक मरीज नए आ रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर चिकित्सक लोगों को धीमा वाहन चलाने व गड्ढे से बचाव करने के लिए कह रहे हैं।
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शहर में डीएम आवास वाली सड़क को छोड़ दें तो बाकी अन्य सड़कों की हालत बेहद खराब है। किसी में छोटे तो किसी में बड़े गड्ढे हो गए हैं। -त्रिदेव दुबे
सरकार हर साल गड्ढामुक्त सड़क का अभियान चलाती है, लेकिन गड्ढे ज्यादा दिन तक भरे नहीं रह पाते हैं और दुबारा उनमें गड्ढे होने लगते हैं। - कुंदन कुशवाहा
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मन्नू पेट्रोल पंप से लेकर गल्ला मंडी की सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों को भरा गया है तो अब सड़क पर कीचड़ की समस्या हो गई है। - रामजीवन
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पानी की बड़ी टंकी से लेकर घंटाघर तक सड़कें छलनी हो गई है। इन गड्ढों से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। गड्ढे भरने के नाम पर औपचारिकता की जा रही है।-रूप सिंह
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वीआईपी सड़क पर हटाई जा रही बिखरी गिट्टी
वीआईपी सड़क वर्णी चौराहा से कचहरी चौराहे तक जगह-जगह बिखरी गिट्टी सफाई कर्मी किनारे की ओर ढ़ेर लगा देते हैं, जिसे नगर पालिका द्वारा भरा जा रहा है।
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रीढ़ की हड्डी से संबंधित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कुछ गर्दन की नस चढ़ने, खिचांव महसूस करने, सिल्प डिस्क जैसी शिकायत को लेकर भी मरीज आ रहे हैं। यदि धीमा वाहन चलाया जाए और गड्ढा से बचाव किया जाए तो इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
डॉ. एमसी गुप्ता, चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ

मन्नू पम्प के पास हुये गड्डे और पानी से हुआ कीचड़- फोटो : LALITPUR