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Lalitpur News: सत्रह साल का चचेरा भाई ही निकला मासूम पवन का हत्यारा

Sat, 10 Jun 2023 11:43 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2023 11:43 PM IST
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Seventeen year old cousin turned out to be the killer of innocent Pawan
ललितपुर। कल्यानपुरा में हुए 12 वर्षीय बालक की हत्या उसके ही 17 साल के चचेरे भाई ने रस्सी से गला घोंटकर की थी। हत्यारा पिता के नाम ट्रैक्टर पर बालक द्वारा हक जताने की बात से खुन्नस में था। पुलिस ने शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए हत्या को अंजाम देने वाले बाल अपचारी चचेरे भाई को पकड़कर न्यायालय में पेश कर दिया।
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गौरतलब है कि कोतवाली के अंतर्गत ग्राम कल्यानपुरा निवासी पवन (12) पुत्र विजय यादव की इसी महीने सात जून को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव 8 जून को मवेशियों के बाड़े में भूसे में दबा मिला था।
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बालक के हत्यारे को पकड़ने के लिए एसपी ने कोतवाली पुलिस को निर्देश दिए थे। जिस पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम घटना की पड़ताल करने में जुटी थी। पुलिस ने परिजनों और गांववालों से पूछताछ कर सुराग तलाशे तो उन्हें मृतक पवन के चचेरे भाई पर शक हुआ।
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शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बाल अपचारी चचेरे भाई को कल्यानपुरा की ओर जाने वाली सड़क के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में बाल अपचारी ने पवन की हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसका कहना है कि उसके पिता के नाम एक ट्रैक्टर है। पवन हर वक्त ट्रैक्टर पर अपना हक जताता था। इसी खुन्नस में उसने रस्सी से गला घोंटकर पवन की हत्या कर दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल रस्सी बरामद कर ली। बाल अपचारी भाई को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे बाल संप्रेक्षण ग्रह भेज दिया गया है।

मृतक बालक के पिता को शुरू से था शक
मृतक पवन के पिता विजय यादव ने बताया कि उन्हें शुरू से ही अपने बड़े भाई के पुत्र पर शक था। इसका कारण था कि जब पवन लापता हुआ तो पवन के साथ उसके बड़े भाई का पुत्र था। गांववालों ने बताया था कि दोनों ने एक दुकान से कुरकुरे लिए थे और साथ में गए थे। बाद में उसने बेटे को बाड़े में छोड़कर घर आ जाने की बात करने का दावा किया था। उधर, बताया जा रहा है कि पवन को मौत के घाट उतार देने के बाद बाल अपचारी घर पहुंचा था। यहां उसने नहाया और कपड़े बदलने के बाद तैयार होकर लापता पवन को खोजने के लिए निकल गया था।

पिता ने कहा- जेल में मर जाने देना, लेकिन उसे छुड़ाना नहीं
मृतक पवन के पिता विजय यादव व उनके बड़े भाई बलबंत आपस में काफी घुले-मिले हैं। असल में विजय और बलबंत की पांच-पांच पुत्रियां और एक-एक पुत्र है। बलबंत अपने भाई के पुत्र पवन को काफी लाड़ दुलार करता था। जबकि बलबंत के पुत्र को विजय बहुत चाहता था और उसे खर्चा के लिए रुपये देता रहता था। लेकिन, जब हत्या का पता लगा तो बाल अपचारी के पिता ने मृतक पवन के पिता से कहा कि हत्यारे बेटे को जेल में मर जाने देना, लेकिन जेल से छुड़ाना नहीं। अपने भाई की कही गई यह बात विजय ने कोतवाली परिसर में बताई।

उम्र छोटी पर, पूरी रेकी करने के बाद की थी घटना
अपने ही चचेरे भाई की हत्या करने वाला बाल अपचारी कक्षा 11वीं में पढ़ता है। पढ़ने में वह काफी होशियार भी है। लेकिन, हत्या की वारदात को उसने पूरी प्लानिंग और रेकी करने के बाद किया था। सात जून को वह पवन को लेकर बाड़े में लेकर पहुंचा था। यहां जब पवन मवेशियों और बकरियों को बांधने लगा। इस बीच कुछ दूरी पर स्थित खेत पर पवन का पिता विजय जोकि ईंट भट्टा पर काम कर रहा था, बाल अपचारी उसके पास बाइक से पहुंचा। यहां उसने देखा कि विजय काम कर रहा है। इससे वह तत्काल वहां से लौटकर बाड़े में पहुंच गया था। यहां उसने बकरियां बांध रहे पवन को पकड़ा और जमीन पर गिराकर रस्सी से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। लाश को वहीं पास में रखे भूसे में दबा दिया और बाइक लेकर घर पहुंच गया था। रेकी व हत्या की वारदात को उसने कुल 45 मिनट के दौरान अंजाम दे दिया था।
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अब पछता रहा, पूछ रहा फांसी होगी कि उम्रकैद, न मां आई और न ही पिता
चचेरे भाई की हत्या में पकड़ा गया बाल अपचारी अब अपने किए पर पछता रहा है। वह पुलिस वालों से पूछ रहा है कि उसे फांसी होगी या उम्रकैद की सजा। लेकिन, पुलिस व लोग उसके किए गए कृत्य को लेकर उसे कोंसते रहे। उधर, जब बाल अपचारी को पुलिस न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही थी। तब कोतवाली में न तो उसकी मां मौजूद थी और न ही पिता। हालांकि मृतक पवन के पिता, मां और दो बहनें कोतवाली परिसर में मौजूद थीं। लेकिन, उन्हें कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने दूसरे किसी काम से बुलाया था। उन्होंने पुत्र की हत्या करने वाले की ओर देखना तक मुनासिब नहीं समझा।


- कल्यानपुरा में 12 वर्षीय बालक की हत्या उसके ही चचेरे भाई ने की थी। पुलिस ने बाल अपचारी को पकड़ लिया और न्यायालय में पेश किया। मामले की जांच की जा रही है।
अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर
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