{"_id":"634992cce6d2a609f5397063","slug":"sesame-and-soybean-crops-also-destroyed-due-to-rain-lalitpur-news-jhs2309015128","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवशेष फसल को बीते दिनों हुई बारिश ने किया बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवशेष फसल को बीते दिनों हुई बारिश ने किया बर्बाद
विज्ञापन
महरौनी। तहसील क्षेत्र में अब खरीफ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि सितंबर माह की बारिश के बाद जो फसल अवशेष रह गई थी उसे पांच से 11 अक्तूबर तक हुई बारिश ने खत्म कर दिया। किसानों ने मुख्यमंत्री से सभी छोटे व बड़े किसानों को मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है।
महरौनी तहसील क्षेत्र में खरीफ की फसल में उड़द व मूंग खेत में तैयार हो गई थी सितंबर माह में फसल पकने के बाद किसान उसकी कटाई और मड़ाई की तैयारी कर रहा था तभी लगातार बारिश ने फसल को बर्बाद कर दिया, कटी फसल खेतों में सड़ गई थी। अधिक बारिश होने पर तिल की फसलों की जड़ सड़कर सूख गई। किसान उड़द, मूंग, तिल की फसल नष्ट हो जाने पर सोयाबीन की फसल की आस लगाए बैठा था लेकिन जैसे ही सोयाबीन की फसल पक कर कटाई के लिए तैयार हुई तो पांच से 11 अक्तूबर तक मूसलाधार बारिश ने सोयाबीन की फसल भी नष्ट हो गई है। खरीफ की प्रमुख चार पैदावार में उड़द, मूंग, तिल और सोयाबीन की फसलों के सड़ जाने किसान परेशान है। अब किसान के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। किसानों ने छोटे बड़े सभी वर्ग के किसानों को मुख्यमंत्री से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अतिवृष्टि ने खरीफ में बोई गई उड़द व मूंग के बाद तिल व सोयाबीन की फसल भी नष्ट हो गई। अब हम क्या करे कुछ समझ में नहीं आता है।-फूला निवासी खिरिया भारन जू
विज्ञापन
हम तीन भाई हैं पिता के नाम 12 एकड़ जमीन है पूरी जमीन में उड़द व सोयाबीन बोया था बारिश में पूरी फसल नष्ट हो गई है। -महिपाल सिंह यादव, निवासी गांव अजान
सितंबर व अक्तूबर माह में हुई मूसलाधार बारिश से सारी फसल नष्ट हो गई है। दिवाली से पहले यदि मुआवजा मिल जाए तो किसानों का त्योहार अच्छा हो जाएगा।-घनश्याम कुशवाहा, निवासी जखौरा।
किसान क्रेडिट कार्ड से रुपया निकाल कर खेती की थी। मूसलाधार बारिश से सारी फसल खत्म हो गई है अब कैसे बैंक का कर्जा जमा होगा और कैसे रबी फसल की बुवाई होगी।-रवी नंदन बडौनियां,निवासी समोगर
विज्ञापन
महरौनी तहसील क्षेत्र में खरीफ की फसल में उड़द व मूंग खेत में तैयार हो गई थी सितंबर माह में फसल पकने के बाद किसान उसकी कटाई और मड़ाई की तैयारी कर रहा था तभी लगातार बारिश ने फसल को बर्बाद कर दिया, कटी फसल खेतों में सड़ गई थी। अधिक बारिश होने पर तिल की फसलों की जड़ सड़कर सूख गई। किसान उड़द, मूंग, तिल की फसल नष्ट हो जाने पर सोयाबीन की फसल की आस लगाए बैठा था लेकिन जैसे ही सोयाबीन की फसल पक कर कटाई के लिए तैयार हुई तो पांच से 11 अक्तूबर तक मूसलाधार बारिश ने सोयाबीन की फसल भी नष्ट हो गई है। खरीफ की प्रमुख चार पैदावार में उड़द, मूंग, तिल और सोयाबीन की फसलों के सड़ जाने किसान परेशान है। अब किसान के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। किसानों ने छोटे बड़े सभी वर्ग के किसानों को मुख्यमंत्री से मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
अतिवृष्टि ने खरीफ में बोई गई उड़द व मूंग के बाद तिल व सोयाबीन की फसल भी नष्ट हो गई। अब हम क्या करे कुछ समझ में नहीं आता है।-फूला निवासी खिरिया भारन जू
विज्ञापन
हम तीन भाई हैं पिता के नाम 12 एकड़ जमीन है पूरी जमीन में उड़द व सोयाबीन बोया था बारिश में पूरी फसल नष्ट हो गई है। -महिपाल सिंह यादव, निवासी गांव अजान
सितंबर व अक्तूबर माह में हुई मूसलाधार बारिश से सारी फसल नष्ट हो गई है। दिवाली से पहले यदि मुआवजा मिल जाए तो किसानों का त्योहार अच्छा हो जाएगा।-घनश्याम कुशवाहा, निवासी जखौरा।
किसान क्रेडिट कार्ड से रुपया निकाल कर खेती की थी। मूसलाधार बारिश से सारी फसल खत्म हो गई है अब कैसे बैंक का कर्जा जमा होगा और कैसे रबी फसल की बुवाई होगी।-रवी नंदन बडौनियां,निवासी समोगर