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Lalitpur News: 228 हेक्टेयर भूमि पर होगा पौधरोपण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में करीब 111 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग बनाने के लिए वन भूमि का अधिग्रहण व वहां लगे पेड़ों को काटा गया था, इसके बदले में जनपद में पौधरोपण करने के लिए 228 हेक्टेयर भूमि मिली है। इस भूमि पर वन विभाग अब पौधरोपण की तैयारी कर रहा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने 28 मई 2018 को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की दाईं पटरी के निर्माण की घोषणा की थी। वन विभाग ने अब पेड़ कटान की अनुमति दे दी है। इसके एवज में जनपद में 228 हेक्टेयर भूमि दी गई है। 35 हेक्टेयर भूमि बार रेंज अंतर्गत दी गई है, तो बाकी 193 हेक्टेयर भूमि ललितपुर रेंज अंतर्गत ग्राम धौजरी, कपासी, जाखलौन आदि क्षेत्रों में दी गई है। इस पर पौधरोपण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस जमीन पर छायादार विशेष पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को होने वाली क्षति की प्रतिपूर्ति हो सके।
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कांवड़ मार्ग निर्माण के दौरान पर्यावरण को पहुंची क्षति के एवज में ललितपुर में 228 हेक्टेयर भूमि मिली है। इसमें पौधरोपण कराया जाएगा।
सिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी।
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ललितपुर। मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में करीब 111 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग बनाने के लिए वन भूमि का अधिग्रहण व वहां लगे पेड़ों को काटा गया था, इसके बदले में जनपद में पौधरोपण करने के लिए 228 हेक्टेयर भूमि मिली है। इस भूमि पर वन विभाग अब पौधरोपण की तैयारी कर रहा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने 28 मई 2018 को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की दाईं पटरी के निर्माण की घोषणा की थी। वन विभाग ने अब पेड़ कटान की अनुमति दे दी है। इसके एवज में जनपद में 228 हेक्टेयर भूमि दी गई है। 35 हेक्टेयर भूमि बार रेंज अंतर्गत दी गई है, तो बाकी 193 हेक्टेयर भूमि ललितपुर रेंज अंतर्गत ग्राम धौजरी, कपासी, जाखलौन आदि क्षेत्रों में दी गई है। इस पर पौधरोपण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस जमीन पर छायादार विशेष पौधे लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को होने वाली क्षति की प्रतिपूर्ति हो सके।
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कांवड़ मार्ग निर्माण के दौरान पर्यावरण को पहुंची क्षति के एवज में ललितपुर में 228 हेक्टेयर भूमि मिली है। इसमें पौधरोपण कराया जाएगा।
सिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी।