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दो विभागों में फंसकर रह गया सफाई का काम
lalitpur
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:35 AM IST
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administration
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर में अवरुद्ध पुलियों की सफाई दो विभागों में फंसकर रह गई है। नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी एक दूसरे के पाले में गेंद डालकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। इससे सफाई व्यवस्थित नहीं हो पा रही है। कचहरी चौराहे स्थित पुलिया की सफाई नहीं हुई है, वहीं स्टेशन रोड पर केनरा बैंक के पास बनी नाली गंदगी से अटी पड़ी हैं। यही नहीं, रेडीमेड प्रसाधन केंद्र भी क्षतिग्रस्त हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर पालिका परिषद द्वारा वार्डों में स्वास्थ्य नायकों की तैनाती की है, जिनकी निगरानी में सफाई कार्य कराया जा रहा है। कई वार्डों में सफाई के नाम पर रस्म अदायगी की जा रही है। सड़कों पर झाड़ू लगाई जा रही है, लेकिन नालियों की सफाई पर ध्यान नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण कचहरी चौराहा है। यहां नाली की पुलिया के नीचे उचित सफाई नहीं हुई है। इससे गंदे पानी की निकासी संभव नहीं हो पा रही है। कमोवेश यही स्थिति स्टेशन रोड की है। यहां केनरा बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक है, जिसके सामने से नाली की निकली है। इसकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। इससे नाली में कचरा अटा पड़ा हुआ है। यही सड़क किनारे प्रसाधन के लिए एक रेडीमेड प्रसाधन केंद्र रखा है, जो अब क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे राहगीर इसका प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। सदनशाह व आईटीआई के पास की नालियां का भी हाल बुरा है। यह हाल तब है जब शहर में डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारी फैली हुई हैं।
सार्वजनिक शौचालयों का काम अधूरा
शहर में 18 स्थानों सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें अधिकांश शौचालय अब तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। इससे नगरवासियों को आसपास प्रसाधन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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नालियों की सफाई में लगी नाला गैंग
नालियों की सफाई के लिए नाला गैंग बनाई गई है। इसके बाद भी नालियों की उचित सफाई नहीं हो पा रही है।
स्वीकारा चोक पुलियों की नहीं हुई सफाई
शहर में चार-पांच पुलिया चोक हैं, जिनकी सफाई नहीं हो पाई है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है जो पुलिया चोक हैं, वह पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं। इससे सफाई में समस्या आ रही है।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद
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नगर पालिका परिषद द्वारा वार्डों में स्वास्थ्य नायकों की तैनाती की है, जिनकी निगरानी में सफाई कार्य कराया जा रहा है। कई वार्डों में सफाई के नाम पर रस्म अदायगी की जा रही है। सड़कों पर झाड़ू लगाई जा रही है, लेकिन नालियों की सफाई पर ध्यान नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण कचहरी चौराहा है। यहां नाली की पुलिया के नीचे उचित सफाई नहीं हुई है। इससे गंदे पानी की निकासी संभव नहीं हो पा रही है। कमोवेश यही स्थिति स्टेशन रोड की है। यहां केनरा बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक है, जिसके सामने से नाली की निकली है। इसकी महीनों से सफाई नहीं हुई है। इससे नाली में कचरा अटा पड़ा हुआ है। यही सड़क किनारे प्रसाधन के लिए एक रेडीमेड प्रसाधन केंद्र रखा है, जो अब क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे राहगीर इसका प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। सदनशाह व आईटीआई के पास की नालियां का भी हाल बुरा है। यह हाल तब है जब शहर में डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारी फैली हुई हैं।
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सार्वजनिक शौचालयों का काम अधूरा
शहर में 18 स्थानों सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें अधिकांश शौचालय अब तक पूर्ण नहीं हो पाए हैं। इससे नगरवासियों को आसपास प्रसाधन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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नालियों की सफाई में लगी नाला गैंग
नालियों की सफाई के लिए नाला गैंग बनाई गई है। इसके बाद भी नालियों की उचित सफाई नहीं हो पा रही है।
स्वीकारा चोक पुलियों की नहीं हुई सफाई
शहर में चार-पांच पुलिया चोक हैं, जिनकी सफाई नहीं हो पाई है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है जो पुलिया चोक हैं, वह पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं। इससे सफाई में समस्या आ रही है।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद