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चालकों की मनमानी की भेंट चढ़ रही परिवहन निगम की रोडवेज बसें
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ललितपुर। आम लोगों को यातायात की सुविधा के लिए चलाई जा रहीं रोडवेज बसें चालकों की मनमानी की भेंट चढ़ गईं हैं। बस स्टैंड से कुछ बसें निर्धारित समय से पहले अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाती हैं। वहीं, कई बसें स्टैंड पर आने की जगह बीच सड़क से ही अपना रास्ता बदल देती हैं। इससे सवारियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके बावजूद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
जिले में निजी बसों के साथ परिवहन निगम की दो दर्जन रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। बस स्टैंड से प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक बसें पंजीकृत हैं, जो जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही कुछ बसें जिले के समीपवर्ती जनपदों के लिए रवाना होती हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते कई निजी बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में परिवहन निगम द्वारा चलाई जा रहीं दो दर्जन रोडवेज बसेें ही यात्रियों को सहारा हैं, जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय व झांसी के लिए रवाना होती है। इनमें कुछ बसें कानपुर, लखनऊ व प्रयागराज तक के लिए चलाई जा रही हैं।
लेकिन अधिकांश रोडवेज बसें परिचालकों की मनमानी की भेंट चढ़ रही हैं। झांसी से ललितपुर नॉन स्टाप बस, गुढ़ा कानपुर व गुढ़ा से झांसी, पाली, बालाबेहट को संचालित बसें अपने तय समय पर न चलकर चालकों की मनमानी से समय से पहले ही रवाना हो जाती हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इनमें नॉन स्टाफ बस का समय शाम छह बजे ललितपुर से झांसी चलने के लिए है। लेकिन यह बस अपने समय से पहले ही चली जाती है। शाम को आठ बजे ललितपुर से झांसी के लिए जाने वाली गुढ़ा झांसी बस सेवा अपने समय से पहले जा रही है। यह बस लगभग दो माह से अधिक समय से अपने समय पर नहीं जा रही है। जबकि यह बस झांसी की ओर जाने वाली अंतिम बस है। इससे इस बस के इंतजार में कई सवारियां यात्रा करने के लिए इंतजार करतीं है। लेकिन यह बस कभी-कभी तो बस स्टैंड के पहले ही चली जाती है। ऐसे में यात्रीा बसों के इंतजार में बस स्टैंड पर बैठे रहते हैं। बाद में पता चलता है कि बस अभिलाषा पेट्रोल पंप से या जेल चौराहा से ही वापस हो गई है। ऐसे में शाम के समय में यात्री फंस कर रह जाता है। संक्रमण के चलते टिनशेड के नीचे रात गुजारना पड़ती है। अन्यथा में अधिक पैसे खर्च निजी वाहनों के सहारे घर पहुंचना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। इससे चालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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बस स्टैंड पर नहीं होती जांच
मुख्यालय से लगभग दो दर्जन रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। यहां से झांसी व जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बा के लिए चलाई जा रही हैं। लेकिन यहां पर न तो कोई विभागीय अधिकारी निगरानी कर रहे हैं और न ही कोई कर्मचारी देख रहे हैं। इतना ही नहीं बस स्टेंड पर रोडवेज बसों के संचालन की सूची तक नहीं है। इससे चालक अपने मनमाने समय पर से बसों का संचालन कर रहे हैं।
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रोडवेज की बसों के संचालन का समय तय किया गया है। इसके बाद भी चालक मनमाने ढंग से बसों का संचालन कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, झांसी डिपो
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जिले में निजी बसों के साथ परिवहन निगम की दो दर्जन रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। बस स्टैंड से प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक बसें पंजीकृत हैं, जो जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही कुछ बसें जिले के समीपवर्ती जनपदों के लिए रवाना होती हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते कई निजी बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में परिवहन निगम द्वारा चलाई जा रहीं दो दर्जन रोडवेज बसेें ही यात्रियों को सहारा हैं, जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय व झांसी के लिए रवाना होती है। इनमें कुछ बसें कानपुर, लखनऊ व प्रयागराज तक के लिए चलाई जा रही हैं।
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लेकिन अधिकांश रोडवेज बसें परिचालकों की मनमानी की भेंट चढ़ रही हैं। झांसी से ललितपुर नॉन स्टाप बस, गुढ़ा कानपुर व गुढ़ा से झांसी, पाली, बालाबेहट को संचालित बसें अपने तय समय पर न चलकर चालकों की मनमानी से समय से पहले ही रवाना हो जाती हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। इनमें नॉन स्टाफ बस का समय शाम छह बजे ललितपुर से झांसी चलने के लिए है। लेकिन यह बस अपने समय से पहले ही चली जाती है। शाम को आठ बजे ललितपुर से झांसी के लिए जाने वाली गुढ़ा झांसी बस सेवा अपने समय से पहले जा रही है। यह बस लगभग दो माह से अधिक समय से अपने समय पर नहीं जा रही है। जबकि यह बस झांसी की ओर जाने वाली अंतिम बस है। इससे इस बस के इंतजार में कई सवारियां यात्रा करने के लिए इंतजार करतीं है। लेकिन यह बस कभी-कभी तो बस स्टैंड के पहले ही चली जाती है। ऐसे में यात्रीा बसों के इंतजार में बस स्टैंड पर बैठे रहते हैं। बाद में पता चलता है कि बस अभिलाषा पेट्रोल पंप से या जेल चौराहा से ही वापस हो गई है। ऐसे में शाम के समय में यात्री फंस कर रह जाता है। संक्रमण के चलते टिनशेड के नीचे रात गुजारना पड़ती है। अन्यथा में अधिक पैसे खर्च निजी वाहनों के सहारे घर पहुंचना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। इससे चालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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बस स्टैंड पर नहीं होती जांच
मुख्यालय से लगभग दो दर्जन रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। यहां से झांसी व जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बा के लिए चलाई जा रही हैं। लेकिन यहां पर न तो कोई विभागीय अधिकारी निगरानी कर रहे हैं और न ही कोई कर्मचारी देख रहे हैं। इतना ही नहीं बस स्टेंड पर रोडवेज बसों के संचालन की सूची तक नहीं है। इससे चालक अपने मनमाने समय पर से बसों का संचालन कर रहे हैं।
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रोडवेज की बसों के संचालन का समय तय किया गया है। इसके बाद भी चालक मनमाने ढंग से बसों का संचालन कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, झांसी डिपो