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अब किसान पट्टे पर दे सकेंगे जमीन
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 12 Feb 2016 12:55 AM IST
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ललितपुर। राजस्व दिवस के अवसर पर डीएम ने राजस्व संहिता के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्व संहिता बन जाने से 39 अनुपयोगी कानून समाप्त हो गए हैं। इसका फायदा आम आदमी, गरीब और किसान को मिल सकेगा। अब उन्हें कचहरी व अदालत की अनावश्यक भागदौड़ से छूट मिलेगी। ऐसे किसान जो स्वयं खेती नहीं कर सकते, वह अपनी जमीन पट्टे पर दे सकेंगे।
बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डा. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता के लागू होने से राजस्व अधिकारी न्यायिक अलग कैडर होगा, जो सिर्फ राजस्व वादों का निस्तारण करेंगे। खतौनी में हर खातेदार के हिस्से का उल्लेख होगा और कई कास्तकारों वाले हर नंबर का भौतिक विभाजन किया जाएगा। नामांतरण व इससे जुड़ी कार्रवाई के लिए शुल्क तय किए जाएंगे। राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों का निराकरण होगा और भूल सुधार की जा सकेगी। इसके साथ ही आबादी का सर्वे कराकर इसका पूरा ब्योरा तैयार हो सकेगा। अब जमीन खाली होने पर ही पट्टा किया जा सकेगा और आवंटित भूमि में बराबर का हिस्सा मिलेगा। पट्टे के पात्र व्यक्ति की भूमि का स्वामित्व उसे समय से प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भूमि प्रबंधक समिति यदि अपने दायित्व में विफल रहती है तो उसे उसके अधिकार से वंचित करने से पहले सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। ऐसे आसामी, जिन्हें जमीन पर अधिकार नहीं मिलता है, उन्हें असंक्रमणीय भूमिधर का अधिकार मिलेगा जो बाद में संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार पा जाएंगे। सरकार को यह भी अधिकार होगा कि वह आवश्यकतानुसार जमीन की श्रेणी बदल सके। गैर कृषि जमीन को गैर कृषि घोषित करने भर से उसका लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उससे जुड़े कार्य करने होंगे। राजस्व संहिता के अधिनियमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि धारा 143 की घोषणा के बाद भी अकृषि भूमि को दाखिल खारिज किया जा सकेगा और सीलिंग सीमा से अधिक जमीन खरीदने पर रोक रहेगी। अनुसूचित जाति के भूमिधर जिलाधिकारी की अनुमति और शर्तों का पालन करते हुए अपनी जमीन गैर दलितों को भी बेच सकेंगे।
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संहिता में यह भी प्रावधान किया गया है कि लोगों की उपयोगिता की जमीन को भी सरकार जरूरत पड़ने पर बेच सकेगी। राजस्व संहिता के अहम प्रावधानों में विशेष उल्लेखनीय यह है कि अविवाहित पुत्री को प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी बनाया गया है। यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी ने अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा किया है, उसे हटाया जा सकेगा और 50 हजार रुपये से कम बकाया पर गिरफ्तारी नहीं होगी। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, एसडीएम ललितपुर रमेश चंद्र, एसडीएम तालबेहट रत्नाकर मिश्र, डीजीसी सिविल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
इनका किया गया सम्मान
राजस्व दिवस के अवसर पर डीएम ने राजस्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए लेखपाल अनिल कुमार राय, प्रेमदास, मुन्नीलाल, नंदलाल, श्री देवशरन, तीरथ सिंह, शिवशंकर झा, परशुराम, नाथू राम पाल और मनोज कुमार श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
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बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डा. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता के लागू होने से राजस्व अधिकारी न्यायिक अलग कैडर होगा, जो सिर्फ राजस्व वादों का निस्तारण करेंगे। खतौनी में हर खातेदार के हिस्से का उल्लेख होगा और कई कास्तकारों वाले हर नंबर का भौतिक विभाजन किया जाएगा। नामांतरण व इससे जुड़ी कार्रवाई के लिए शुल्क तय किए जाएंगे। राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों का निराकरण होगा और भूल सुधार की जा सकेगी। इसके साथ ही आबादी का सर्वे कराकर इसका पूरा ब्योरा तैयार हो सकेगा। अब जमीन खाली होने पर ही पट्टा किया जा सकेगा और आवंटित भूमि में बराबर का हिस्सा मिलेगा। पट्टे के पात्र व्यक्ति की भूमि का स्वामित्व उसे समय से प्रदान किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि भूमि प्रबंधक समिति यदि अपने दायित्व में विफल रहती है तो उसे उसके अधिकार से वंचित करने से पहले सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। ऐसे आसामी, जिन्हें जमीन पर अधिकार नहीं मिलता है, उन्हें असंक्रमणीय भूमिधर का अधिकार मिलेगा जो बाद में संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार पा जाएंगे। सरकार को यह भी अधिकार होगा कि वह आवश्यकतानुसार जमीन की श्रेणी बदल सके। गैर कृषि जमीन को गैर कृषि घोषित करने भर से उसका लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उससे जुड़े कार्य करने होंगे। राजस्व संहिता के अधिनियमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि धारा 143 की घोषणा के बाद भी अकृषि भूमि को दाखिल खारिज किया जा सकेगा और सीलिंग सीमा से अधिक जमीन खरीदने पर रोक रहेगी। अनुसूचित जाति के भूमिधर जिलाधिकारी की अनुमति और शर्तों का पालन करते हुए अपनी जमीन गैर दलितों को भी बेच सकेंगे।
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संहिता में यह भी प्रावधान किया गया है कि लोगों की उपयोगिता की जमीन को भी सरकार जरूरत पड़ने पर बेच सकेगी। राजस्व संहिता के अहम प्रावधानों में विशेष उल्लेखनीय यह है कि अविवाहित पुत्री को प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी बनाया गया है। यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी ने अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा किया है, उसे हटाया जा सकेगा और 50 हजार रुपये से कम बकाया पर गिरफ्तारी नहीं होगी। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, एसडीएम ललितपुर रमेश चंद्र, एसडीएम तालबेहट रत्नाकर मिश्र, डीजीसी सिविल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
इनका किया गया सम्मान
राजस्व दिवस के अवसर पर डीएम ने राजस्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए लेखपाल अनिल कुमार राय, प्रेमदास, मुन्नीलाल, नंदलाल, श्री देवशरन, तीरथ सिंह, शिवशंकर झा, परशुराम, नाथू राम पाल और मनोज कुमार श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।