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Lalitpur News: ग्राम प्रधान, एपीओ, टीए व सचिव के बयान दर्ज
Mon, 10 Jul 2023 12:33 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:33 AM IST
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शासन की टीम ने मनरेगा में सामान आपूर्ति करने वाली फर्म की जांच की
वित्तीय वर्ष 2020-21 में चार ग्राम पंचायतों में सामान की आपूर्ति में अनियमितता का प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में मनरेगा में हुई अनियमितताओं की जांच करने के लिए शासन की दो सदस्यीय टीम ने जनपद में डेरा डाल दिया है। टीम ने ब्लॉक बिरधा अंतर्गत चार ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020-21 में एक कंपनी के सामान आपूर्ति में भुगतान को लेकर हुई की जांच करते हुए संबंधित ग्राम प्रधान, एपीओ, टीए और सचिव के बयान दर्ज करते हुए अभिलेखों की जांच की।
वर्ष 2020-21 में ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत खितवांस, बंगरिया, ठगारी और सिंगेपुर में मनरेगा के तहत आपूर्ति करने वाली फर्म को लेकर शिकायत हुई थी। जनपद स्तर पर की गई जांच में फर्म का भुगतान रोक दिया गया था। इतना ही नहीं इस मामले में ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी की गई थी। यह मामला तब जनपद में काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद मनरेगा के काम में सामान की आपूर्ति करने वाली फर्म ने 93 लाख रुपये के भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा। जिसमें उसने 18 प्रतिशत जीएसटी सहित भुगतान कराने की मांग की थी। साथ में भुगतान न होने की दशा में कोर्ट में जाने की बात कही थी।
शासन ने इस पत्र को लेकर मनरेगा सेल को इसका मूल्यांकन करने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देशों के क्रम में मनरेगा सेल लखनऊ से एक एपीओ और मनरेगा ग्राम्य विकास जनपद पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम प्रधान, एपीओ, टीए, सचिव के बयान दर्ज कर किए और यह जानकारी की कि उक्त फर्म ने सामान की आपूर्ति की है या नहीं। जांच टीम अब अपनी जांच आख्या रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेगी। जिसके बाद शासन स्तर से उक्त फर्म के भुगतान को लेकर दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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ग्राम सिंगेपुर में हुए भुगतान को लेकर डीएम ने रिकवरी की है जारी
मनरेगा में सामान आपूर्ति में ग्राम पंचायत सिंगेपुर में 36.51 लाख रुपये की गड़बड़ी हुई थी। इसको लेकर पूर्व में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व टीए पर रिकवरी जारी की गई थी। जिसमें तीनों से बराबर-बराबर रुपये जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में हाल ही में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान, सचिव, टीए, बीडीओ, जेई, एपीओ, सहायक लेखाकार और लेखा सहायक से 36.51 लाख रुपये की बराबर-बराबर धनराशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा के कार्य में सामान की आपूर्ति करने वाली फर्म को लेकर हुई शिकायतों पर इसका भुगतान रोक दिया गया था। जिसके बाद फर्म ने भुगतान को लेकर शासन में पत्र दिया था। पत्र के क्रम में मनरेगा सेल लखनऊ से दो सदस्यीय टीम जनपद आई थी। टीम ने यहां पर फर्म के सामान आपूर्ति का मूल्यांकन किया और ग्राम प्रधान, सचिव, एपीओ, टीए के बयान दर्ज किए। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। जिसके बाद शासन दिशा निर्देश जारी करेगा।
रवींद्रवीर यादव, डीसी, मनरेगा
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में चार ग्राम पंचायतों में सामान की आपूर्ति में अनियमितता का प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में मनरेगा में हुई अनियमितताओं की जांच करने के लिए शासन की दो सदस्यीय टीम ने जनपद में डेरा डाल दिया है। टीम ने ब्लॉक बिरधा अंतर्गत चार ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020-21 में एक कंपनी के सामान आपूर्ति में भुगतान को लेकर हुई की जांच करते हुए संबंधित ग्राम प्रधान, एपीओ, टीए और सचिव के बयान दर्ज करते हुए अभिलेखों की जांच की।
वर्ष 2020-21 में ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत खितवांस, बंगरिया, ठगारी और सिंगेपुर में मनरेगा के तहत आपूर्ति करने वाली फर्म को लेकर शिकायत हुई थी। जनपद स्तर पर की गई जांच में फर्म का भुगतान रोक दिया गया था। इतना ही नहीं इस मामले में ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी की गई थी। यह मामला तब जनपद में काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद मनरेगा के काम में सामान की आपूर्ति करने वाली फर्म ने 93 लाख रुपये के भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा। जिसमें उसने 18 प्रतिशत जीएसटी सहित भुगतान कराने की मांग की थी। साथ में भुगतान न होने की दशा में कोर्ट में जाने की बात कही थी।
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शासन ने इस पत्र को लेकर मनरेगा सेल को इसका मूल्यांकन करने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देशों के क्रम में मनरेगा सेल लखनऊ से एक एपीओ और मनरेगा ग्राम्य विकास जनपद पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम प्रधान, एपीओ, टीए, सचिव के बयान दर्ज कर किए और यह जानकारी की कि उक्त फर्म ने सामान की आपूर्ति की है या नहीं। जांच टीम अब अपनी जांच आख्या रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेगी। जिसके बाद शासन स्तर से उक्त फर्म के भुगतान को लेकर दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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ग्राम सिंगेपुर में हुए भुगतान को लेकर डीएम ने रिकवरी की है जारी
मनरेगा में सामान आपूर्ति में ग्राम पंचायत सिंगेपुर में 36.51 लाख रुपये की गड़बड़ी हुई थी। इसको लेकर पूर्व में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व टीए पर रिकवरी जारी की गई थी। जिसमें तीनों से बराबर-बराबर रुपये जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में हाल ही में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान, सचिव, टीए, बीडीओ, जेई, एपीओ, सहायक लेखाकार और लेखा सहायक से 36.51 लाख रुपये की बराबर-बराबर धनराशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा के कार्य में सामान की आपूर्ति करने वाली फर्म को लेकर हुई शिकायतों पर इसका भुगतान रोक दिया गया था। जिसके बाद फर्म ने भुगतान को लेकर शासन में पत्र दिया था। पत्र के क्रम में मनरेगा सेल लखनऊ से दो सदस्यीय टीम जनपद आई थी। टीम ने यहां पर फर्म के सामान आपूर्ति का मूल्यांकन किया और ग्राम प्रधान, सचिव, एपीओ, टीए के बयान दर्ज किए। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। जिसके बाद शासन दिशा निर्देश जारी करेगा।
रवींद्रवीर यादव, डीसी, मनरेगा