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विपत्ति में सबसे पहले पहुंचना स्वयं सेवकों का कर्तव्य
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:21 AM IST
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ललितपुर (ब्यूरो)। राष्ट्रीय स्वयं संघ द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग शिविर में वक्ताओं ने कहा कि विपत्ति के दौरान संघ के स्वयं सेवकों का सबसे पहले पहुंचने का कर्तव्य है और वह विपत्ति मिटाने में भी सहयोग करते हैं।
मुहल्ला चौबयाना स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयं सेवकों को अच्छे आचरण कर जनसेवा और कर्तव्यों का पालन करते हुए विस्तार से बताया गया। इस दौरान शाखा और बौद्घिक चर्चा कार्यक्रम संचालित किए गए। प्रांत प्रचारक अनिल ने कहा कि संघ की स्थापना डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजया दशमी के दिन वर्ष 1925 में की थी। उस समय 5 से 10 स्वयंसेवकों के साथ शाखा प्रारंभ की थी। आज 50 हजार से अधिक शाखा स्थानों पर लाखों स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। देश में ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में संघ का कार्य पहुंच चुका है। इस दौरान राष्ट्र मजबूत करने का संकल्प लिया।
प्रांत संपर्क प्रमुख शिवकुमार भार्गव ने भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में प्रकाश डाला। इस मौके पर केहर सिंह बुंदेला, रमेश सोनी, सज्जन कुमार शर्मा, आशीष रिछारिया, महेश रिछारिया, अरविंद, पुनीत, महेश, शिवम यादव, रामकुमार, मनोज तिवारी, डा.दीपक चौबे, केसरी, सुभाष जैन, रामगोपाल गोस्वामी, आलोक शर्मा, गौरव नायक, विनोद, अवधेश नामदेव मौजूद रहे।
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मुहल्ला चौबयाना स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सात दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयं सेवकों को अच्छे आचरण कर जनसेवा और कर्तव्यों का पालन करते हुए विस्तार से बताया गया। इस दौरान शाखा और बौद्घिक चर्चा कार्यक्रम संचालित किए गए। प्रांत प्रचारक अनिल ने कहा कि संघ की स्थापना डा. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजया दशमी के दिन वर्ष 1925 में की थी। उस समय 5 से 10 स्वयंसेवकों के साथ शाखा प्रारंभ की थी। आज 50 हजार से अधिक शाखा स्थानों पर लाखों स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। देश में ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों में संघ का कार्य पहुंच चुका है। इस दौरान राष्ट्र मजबूत करने का संकल्प लिया।
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प्रांत संपर्क प्रमुख शिवकुमार भार्गव ने भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में प्रकाश डाला। इस मौके पर केहर सिंह बुंदेला, रमेश सोनी, सज्जन कुमार शर्मा, आशीष रिछारिया, महेश रिछारिया, अरविंद, पुनीत, महेश, शिवम यादव, रामकुमार, मनोज तिवारी, डा.दीपक चौबे, केसरी, सुभाष जैन, रामगोपाल गोस्वामी, आलोक शर्मा, गौरव नायक, विनोद, अवधेश नामदेव मौजूद रहे।
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