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नवनिर्वाचित जिपं सदस्य की उपचार के दौरान जबलपुर में मौत
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मड़ावरा (ललितपुर)। मड़ावरा से नवनिर्वाचित जिला पंचायत एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजकुमारी सिंह की रविवार की सुबह मध्य प्रदेश के जबलपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। बीते 19 दिन पहले ही उनके पति भाजपा नेता दीवान विक्रम सिंह की भी कोरोना से ठीक होने के दो दिन बाद घर में हालत बिगड़ने से मौत हो गई थी। पंचायत चुनाव के बाद पति-पत्नी दोनों कोरोना पॉजीटिव हो गए थे।
थाना मदनपुर के अंतर्गत ग्राम मदनपुर के दीवान परिवार से भाजपा नेता दीवान विक्रम सिंह की पत्नी राजकुमारी सिंह इस बार मड़ावरा सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती थीं लेकिन पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले ही दोनों पति-पत्नी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे और दोनों का उपचार झांसी में कराया गया। पंचायत चुनाव के घोषणा के समय ही दोनों कोरोना बीमारी को मात देकर वापस घर भी लौट आए थे। इसके दो दिन बाद ही बीते पांच मई को अचानक हालत बिगड़ने के बाद दीवान विक्रम सिंह की मौत हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई थी। पति की मौत से व्यथित पत्नी की भी अचानक से हालत बिगड़ गई, जिस पर परिजनों द्वारा स्थानीय चिकित्सकों की देखरेख में उपचार कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें परिजन उपचार के लिए जबलपुर ले गए, जहां सोमवार की सुबह नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य राजकुमारी सिंह का निधन हो गया। वह वर्ष 2006 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बनीं थीं। उधर, बीते 19 दिन में दीवान परिवार की दो राजनीतिक हस्तियों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक है।
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2310 वोटों से हासिल की थी जीत
इस वर्ष जिला पंचायत चुनाव के दौरान राजकुमारी सिंह भाजपा से मिली टिकट पर मड़ावरा क्षेत्र से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य को चुनाव में हराकर जीत दर्ज की थी। वह अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी सुधा गौरी शंकर सोनी से 2310 वोटों से विजयी घोषित हुई थीं। इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें सर्वाधिक 7022 मत राजकुमारी सिंह को मिले थे।
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बेटे ने कहा, निगेटिव होने बाद बिगड़ी थी हालत
दिवंगत राजकुमारी सिंह के पुत्र मोंटी सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद से उनके माता-पिता कोरोना पॉजिटिव हो गए थे लेकिन वह दोनों कोरोना से ठीक हो गए थे और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। इसके बाद भी उनकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।
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दीवान परिवार का मदनपुर का राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में रहा योगदान
मदनपुर के दीवान परिवार का राजनीति एवं शिक्षा के क्षेत्र में खासा योगदान रहा। जनपद में जब राजनीति की एक धुरी बुंदेला परिवार था तब दूसरी धुरी मदनपुर के दीवान परिवार को माना जाता था। परिवार से सर्वप्रथम दीवान रघुनाथ सिंह महरौनी सीट पर बामसेफ से विधायक बने। बाद में बसपा के संस्थापक कांशीराम के साथ हो गए। दीवान रघुनाथ सिंह ने मदनपुर में शिक्षा के उन्नयन के लिए शिशु मंदिर की स्थापना की और बाद में मड़ावरा व ललितपुर में भी विद्यालयों का संचालन किया। दीवान रघुनाथ सिंह के ज्येष्ठ पुत्र दीवान महेंद्र प्रताप सिंह अच्छे रसूखदार व्यक्तित्व रहे। उनके तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से अच्छे संबंध रहे। भाजपा की दिग्गज नेत्री साध्वी उमा भारती के संपर्क में भी रहे। मध्यप्रदेश के दमोह से सांसद का चुनाव लड़े लेकिन विफल रहे। स्थानीय राजनीति में दबदबा रहा और चचेरे भाई देवेंद्र सिंह को महरौनी सीट से विधानसभा भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवान विक्रम सिंह, रघुनाथ सिंह के मझले पुत्र थे, जो महरौनी सीट से तीन बार विधायक का चुनाव लड़े लेकिन विधानसभा नहीं पहुंच सके। दीवान परिवार की अगली पीढ़ी में विक्रम सिंह के ज्येष्ठ पुत्र दिग्विजय सिंह उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे। पिछले पंचायत चुनावों में मड़ावरा क्षेत्र प्रमुख का चुनाव लड़े थे लेकिन समीकरण नहीं बन सका था।
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थाना मदनपुर के अंतर्गत ग्राम मदनपुर के दीवान परिवार से भाजपा नेता दीवान विक्रम सिंह की पत्नी राजकुमारी सिंह इस बार मड़ावरा सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीती थीं लेकिन पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले ही दोनों पति-पत्नी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे और दोनों का उपचार झांसी में कराया गया। पंचायत चुनाव के घोषणा के समय ही दोनों कोरोना बीमारी को मात देकर वापस घर भी लौट आए थे। इसके दो दिन बाद ही बीते पांच मई को अचानक हालत बिगड़ने के बाद दीवान विक्रम सिंह की मौत हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई थी। पति की मौत से व्यथित पत्नी की भी अचानक से हालत बिगड़ गई, जिस पर परिजनों द्वारा स्थानीय चिकित्सकों की देखरेख में उपचार कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें परिजन उपचार के लिए जबलपुर ले गए, जहां सोमवार की सुबह नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य राजकुमारी सिंह का निधन हो गया। वह वर्ष 2006 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी बनीं थीं। उधर, बीते 19 दिन में दीवान परिवार की दो राजनीतिक हस्तियों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक है।
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2310 वोटों से हासिल की थी जीत
इस वर्ष जिला पंचायत चुनाव के दौरान राजकुमारी सिंह भाजपा से मिली टिकट पर मड़ावरा क्षेत्र से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य को चुनाव में हराकर जीत दर्ज की थी। वह अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी सुधा गौरी शंकर सोनी से 2310 वोटों से विजयी घोषित हुई थीं। इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें सर्वाधिक 7022 मत राजकुमारी सिंह को मिले थे।
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बेटे ने कहा, निगेटिव होने बाद बिगड़ी थी हालत
दिवंगत राजकुमारी सिंह के पुत्र मोंटी सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद से उनके माता-पिता कोरोना पॉजिटिव हो गए थे लेकिन वह दोनों कोरोना से ठीक हो गए थे और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। इसके बाद भी उनकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।
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दीवान परिवार का मदनपुर का राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में रहा योगदान
मदनपुर के दीवान परिवार का राजनीति एवं शिक्षा के क्षेत्र में खासा योगदान रहा। जनपद में जब राजनीति की एक धुरी बुंदेला परिवार था तब दूसरी धुरी मदनपुर के दीवान परिवार को माना जाता था। परिवार से सर्वप्रथम दीवान रघुनाथ सिंह महरौनी सीट पर बामसेफ से विधायक बने। बाद में बसपा के संस्थापक कांशीराम के साथ हो गए। दीवान रघुनाथ सिंह ने मदनपुर में शिक्षा के उन्नयन के लिए शिशु मंदिर की स्थापना की और बाद में मड़ावरा व ललितपुर में भी विद्यालयों का संचालन किया। दीवान रघुनाथ सिंह के ज्येष्ठ पुत्र दीवान महेंद्र प्रताप सिंह अच्छे रसूखदार व्यक्तित्व रहे। उनके तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से अच्छे संबंध रहे। भाजपा की दिग्गज नेत्री साध्वी उमा भारती के संपर्क में भी रहे। मध्यप्रदेश के दमोह से सांसद का चुनाव लड़े लेकिन विफल रहे। स्थानीय राजनीति में दबदबा रहा और चचेरे भाई देवेंद्र सिंह को महरौनी सीट से विधानसभा भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवान विक्रम सिंह, रघुनाथ सिंह के मझले पुत्र थे, जो महरौनी सीट से तीन बार विधायक का चुनाव लड़े लेकिन विधानसभा नहीं पहुंच सके। दीवान परिवार की अगली पीढ़ी में विक्रम सिंह के ज्येष्ठ पुत्र दिग्विजय सिंह उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे। पिछले पंचायत चुनावों में मड़ावरा क्षेत्र प्रमुख का चुनाव लड़े थे लेकिन समीकरण नहीं बन सका था।