{"_id":"67fd5af26442126fc50515a7","slug":"railways-is-waiting-for-no-objection-from-the-forest-department-for-the-construction-of-the-third-line-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-133378-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: रेलवे को तीसरी लाइन के निर्माण के लिए वन विभाग से अनापत्ति का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: रेलवे को तीसरी लाइन के निर्माण के लिए वन विभाग से अनापत्ति का इंतजार
विज्ञापन
- धौर्रा-जाखलौन के मध्य बनाई जानी है पांच किलोमीटर की घुमावदार तीसरी रेल लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। धौर्रा-जाखलौन के मध्य तीसरी रेल लाइन का निर्माण पांच किलोमीटर तक घुमाकर किया जाना है। इसके लिए रेलवे ने जमीन का चिह्नीकरण कर लिया है और रेलवे को अब प्रशासन से जमीन अधिग्रहण करने और वन विभाग से अनापत्ति का इंतजार है। इसके बाद रेलवे द्वारा यहां तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
झांसी मंडल के ललितपुर सेक्शन में जाखलौन व धौर्रा के बीच को छोड़कर आगौसाद से माताटीला तीसरी रेल लाइन का काम तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन भी किया जाने लगा है, लेकिन जाखलौन व धौर्रा के बीच चांदपुर-जहाजपुर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की जमीन पर निर्माण की अनुमति नहीं मिल सकी थी, जिसके चलते रेलवे को यहां पुरातत्व विभाग की जमीन को छोड़कर जाखलौन से धौर्रा की ओर घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाने का निर्णय लेना पड़ा। रेलवे ने लाइन बिछाने के लिए चार गांव में किसानों की भूमि चिह्नित करने के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित चल रही है। इसके लिए रेलवे और प्रशासन के मध्य किसानों को मुआवजा देने पर भी निर्णय लिया जा चुका है और भूमि अधिग्रहण के संबंध में जिला प्रशासन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही रेलवे द्वारा रेल लाइन निर्माण के लिए चिह्नित पांच किलोमीटर क्षेत्र में वन विभाग से भी अनापत्ति लेने के लिए पत्राचार किया गया है। अब ऐसे में फिलहाल रेलवे द्वारा यहां तीसरी रेल लाइन निर्माण केे लिए भूमि अधिग्रहण को किसानों को मुआवजा देने की जिला प्रशासन के निर्णय और वन विभाग की अनापत्ति का इंतजार किया जा रहा है। यह दोनों प्रक्रियाएं होने के साथ ही रेलवे द्वारा रेल लाइन निर्माण को टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे द्वारा वन विभाग की जितनी जमीन लेगा उसके नियमानुसार दूसरी जगह जमीन देने के लिए भी सहमति बन गई है। ऐसे में अब रेलवे को जल्द ही वन विभाग की अनापत्ति मिलने की उम्मीद है।
-- -- --
जाखलौन से धौर्रा तक घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाई जानी है। भूमि के चिह्नांकन का काम पूरा हो गया है। जमीन का अधिग्रहण का काम प्रशासन स्तर पर प्रक्रिया में है। वन विभाग को भी अनापत्ति के लिए पत्राचार किया है। जल्द ही प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद तीसरी रेल लाइन का काम शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। धौर्रा-जाखलौन के मध्य तीसरी रेल लाइन का निर्माण पांच किलोमीटर तक घुमाकर किया जाना है। इसके लिए रेलवे ने जमीन का चिह्नीकरण कर लिया है और रेलवे को अब प्रशासन से जमीन अधिग्रहण करने और वन विभाग से अनापत्ति का इंतजार है। इसके बाद रेलवे द्वारा यहां तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
झांसी मंडल के ललितपुर सेक्शन में जाखलौन व धौर्रा के बीच को छोड़कर आगौसाद से माताटीला तीसरी रेल लाइन का काम तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन भी किया जाने लगा है, लेकिन जाखलौन व धौर्रा के बीच चांदपुर-जहाजपुर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की जमीन पर निर्माण की अनुमति नहीं मिल सकी थी, जिसके चलते रेलवे को यहां पुरातत्व विभाग की जमीन को छोड़कर जाखलौन से धौर्रा की ओर घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाने का निर्णय लेना पड़ा। रेलवे ने लाइन बिछाने के लिए चार गांव में किसानों की भूमि चिह्नित करने के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित चल रही है। इसके लिए रेलवे और प्रशासन के मध्य किसानों को मुआवजा देने पर भी निर्णय लिया जा चुका है और भूमि अधिग्रहण के संबंध में जिला प्रशासन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही रेलवे द्वारा रेल लाइन निर्माण के लिए चिह्नित पांच किलोमीटर क्षेत्र में वन विभाग से भी अनापत्ति लेने के लिए पत्राचार किया गया है। अब ऐसे में फिलहाल रेलवे द्वारा यहां तीसरी रेल लाइन निर्माण केे लिए भूमि अधिग्रहण को किसानों को मुआवजा देने की जिला प्रशासन के निर्णय और वन विभाग की अनापत्ति का इंतजार किया जा रहा है। यह दोनों प्रक्रियाएं होने के साथ ही रेलवे द्वारा रेल लाइन निर्माण को टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे द्वारा वन विभाग की जितनी जमीन लेगा उसके नियमानुसार दूसरी जगह जमीन देने के लिए भी सहमति बन गई है। ऐसे में अब रेलवे को जल्द ही वन विभाग की अनापत्ति मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जाखलौन से धौर्रा तक घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाई जानी है। भूमि के चिह्नांकन का काम पूरा हो गया है। जमीन का अधिग्रहण का काम प्रशासन स्तर पर प्रक्रिया में है। वन विभाग को भी अनापत्ति के लिए पत्राचार किया है। जल्द ही प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद तीसरी रेल लाइन का काम शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे