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जल्द ही मशीन से मिलेंगे रेल टिकट और पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:54 AM IST
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lalitpur railway
- फोटो : demo
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जल्द ही रेलवे स्टेशन पर टिकट और पानी मशीन से मिलेगा। रेलवे जनरल टिकट की मारामारी दूर करने के लिए आरक्षण कार्यालय में तीन टिकट वेंडिंग मशीन लगाएगी। वहीं आईआरसीटीसी रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर नवीन तकनीकों से लैस वाटर वेंडिंग मशीन लगाएगी।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दो वाटर वेंडिंग मशीनें और दो मशीनें प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर लगाने की योजना है। इनके लिए स्थान को चयनित कर लिया गया है। रेलवे की इस योजना के तहत यात्रियों को एक गिलास शीतल जल एक रुपये में, आधा लीटर पानी तीन रुपये में, एक लीटर पानी पांच रुपये में और एक कैन पानी बीस रुपये में मिलेगा। यात्रियों को मशीन में रुपये डालते ही उतने मूल्य का पानी उपलब्ध हो जाएगा। कई बार स्टेशनों पर वेंडर एक बोतल के निर्धारित दाम से अधिक रुपये ले लेते हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने वाटर वेंडिंग मशीनें लगाने का निर्णय लिया है।
वहीं, रेलवे द्वारा आरक्षण कार्यालय में जनरल रेल टिकट की मारामारी को दूर करने के लिए तीन ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाने का भी निर्णय लिया है। इन मशीनों की सहायता से यात्रियों को स्टेशन का नाम डालने पर एटीएम की तरह रुपये डालने पर टिकट भी उपलब्ध हो जाएगा। यात्रियों को लंबी लाइन में असुविधा नहीं झेलनी होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार वाटर वेंडिंग मशीन और टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित कराने के लिए सर्वे कार्य हो चुका है। बस अब मशीनें ही लगना बाकी हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा शीघ्र ही शुद्ध पेयजल और सुविधायुक्त जनरल टिकट के लिए वाटर वेंडिंग मशीन और टिकट वेंडिंग मशीन लगाई लाएगी।
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ऐसे काम करती है एटीवीएम
एटीवीएम एक टच स्क्रीन टिकटिंग कियोस्क है। इसे स्मार्ट कार्ड और नकद दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। स्मार्ट कार्ड धारक को एटीवीएम पर बने स्लॉट में स्मार्ट कार्ड लगाना होगा। इसके बाद यूजर टच स्क्रीन के माध्यम से रूट और निर्धारित स्टेशन तय करता है। सूचनाएं सुनिश्चित करते ही मशीन से एक टिकट प्रिंट होकर यात्री को मिलेगा। किराये की राशि स्मार्ट कार्ड से डिटेक्ट हो जाएगी। यह स्मार्ट कार्ड टिकट काउंटर से खरीदे जा सकेंगे। बैलेंस खत्म होने पर उसे री-चार्ज कराना पड़ेगा।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दो वाटर वेंडिंग मशीनें और दो मशीनें प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर लगाने की योजना है। इनके लिए स्थान को चयनित कर लिया गया है। रेलवे की इस योजना के तहत यात्रियों को एक गिलास शीतल जल एक रुपये में, आधा लीटर पानी तीन रुपये में, एक लीटर पानी पांच रुपये में और एक कैन पानी बीस रुपये में मिलेगा। यात्रियों को मशीन में रुपये डालते ही उतने मूल्य का पानी उपलब्ध हो जाएगा। कई बार स्टेशनों पर वेंडर एक बोतल के निर्धारित दाम से अधिक रुपये ले लेते हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने वाटर वेंडिंग मशीनें लगाने का निर्णय लिया है।
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वहीं, रेलवे द्वारा आरक्षण कार्यालय में जनरल रेल टिकट की मारामारी को दूर करने के लिए तीन ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाने का भी निर्णय लिया है। इन मशीनों की सहायता से यात्रियों को स्टेशन का नाम डालने पर एटीएम की तरह रुपये डालने पर टिकट भी उपलब्ध हो जाएगा। यात्रियों को लंबी लाइन में असुविधा नहीं झेलनी होगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार वाटर वेंडिंग मशीन और टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित कराने के लिए सर्वे कार्य हो चुका है। बस अब मशीनें ही लगना बाकी हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा शीघ्र ही शुद्ध पेयजल और सुविधायुक्त जनरल टिकट के लिए वाटर वेंडिंग मशीन और टिकट वेंडिंग मशीन लगाई लाएगी।
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ऐसे काम करती है एटीवीएम
एटीवीएम एक टच स्क्रीन टिकटिंग कियोस्क है। इसे स्मार्ट कार्ड और नकद दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। स्मार्ट कार्ड धारक को एटीवीएम पर बने स्लॉट में स्मार्ट कार्ड लगाना होगा। इसके बाद यूजर टच स्क्रीन के माध्यम से रूट और निर्धारित स्टेशन तय करता है। सूचनाएं सुनिश्चित करते ही मशीन से एक टिकट प्रिंट होकर यात्री को मिलेगा। किराये की राशि स्मार्ट कार्ड से डिटेक्ट हो जाएगी। यह स्मार्ट कार्ड टिकट काउंटर से खरीदे जा सकेंगे। बैलेंस खत्म होने पर उसे री-चार्ज कराना पड़ेगा।