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बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में किया प्रदर्शन
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ललितपुर। जनपद बलिया में सक्रिय नकल माफियाओं की पोल खोलने एवं इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला समाचार पत्र के माध्यम से उजागर करने वाले पत्रकारों के साथ बलिया प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
शहर के कंपनी बाग में बैठक में पत्रकारों के साथ हुई उत्पीड़न की घटना की निंदा की गई। कंपनी बाग से पत्रकार एकता जिंदाबाद, पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करो के नारे लगाते हुए पत्रकार कचहरी चौराहे से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि बलिया में प्रशासन नकल विहीन परीक्षा कराने में नाकाम रहा है। बलिया में इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय का पेपर लीक हो गया था। जिसकी खबर प्रकताशित होने पर अपनी नाकामी को छिपाते हुए बलिया प्रशासन ने पत्रकारों को असंवैधानिक तरीके से बिना जांच कराए गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता का खुलेआम हनन है। पत्रकारों ने पेपर लीक मामले की सघन जांच कराते हुए दोषी नकल माफियाओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर पत्रकारों की शीघ्र रिहाई के साथ दर्ज मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग की।
पत्रकारों ने यह भी कहा कि प्रदेश में हो रही पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए और उन्हें समुचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए। विभिन्न समाचार पत्रों और चैनलों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर पर सूचीबद्ध किया जाए। उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन किया जाए। किसी भी पत्रकार की तब तक गिरफ्तारी न की जाए, जब तक पुलिस के उच्च अधिकारी द्वारा उस प्रकरण की जांच न कर लें। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुरेश प्रकाश कौंतेय, अखिलेश जैन, आशाराम तिवारी, आनंद प्रकाश गुप्ता, राजू तिवारी, अवतार यादव, रमेश श्रीवास्तव, विकास सोनी, केहर रैकवार, शंकर लाल, मनीष नायक, शैलू पुरोहित, विशाल शांडिल्य, कपिल नायक, रामरतन राय, द्वारका रैकवार, आशीष गुप्ता, हरिओम चौरसिया, आशीष रिछारिया, मनोज पुरोहित मौजूद रहे।
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शहर के कंपनी बाग में बैठक में पत्रकारों के साथ हुई उत्पीड़न की घटना की निंदा की गई। कंपनी बाग से पत्रकार एकता जिंदाबाद, पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करो के नारे लगाते हुए पत्रकार कचहरी चौराहे से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि बलिया में प्रशासन नकल विहीन परीक्षा कराने में नाकाम रहा है। बलिया में इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय का पेपर लीक हो गया था। जिसकी खबर प्रकताशित होने पर अपनी नाकामी को छिपाते हुए बलिया प्रशासन ने पत्रकारों को असंवैधानिक तरीके से बिना जांच कराए गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता का खुलेआम हनन है। पत्रकारों ने पेपर लीक मामले की सघन जांच कराते हुए दोषी नकल माफियाओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर पत्रकारों की शीघ्र रिहाई के साथ दर्ज मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग की।
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पत्रकारों ने यह भी कहा कि प्रदेश में हो रही पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए और उन्हें समुचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए। विभिन्न समाचार पत्रों और चैनलों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर पर सूचीबद्ध किया जाए। उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन किया जाए। किसी भी पत्रकार की तब तक गिरफ्तारी न की जाए, जब तक पुलिस के उच्च अधिकारी द्वारा उस प्रकरण की जांच न कर लें। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुरेश प्रकाश कौंतेय, अखिलेश जैन, आशाराम तिवारी, आनंद प्रकाश गुप्ता, राजू तिवारी, अवतार यादव, रमेश श्रीवास्तव, विकास सोनी, केहर रैकवार, शंकर लाल, मनीष नायक, शैलू पुरोहित, विशाल शांडिल्य, कपिल नायक, रामरतन राय, द्वारका रैकवार, आशीष गुप्ता, हरिओम चौरसिया, आशीष रिछारिया, मनोज पुरोहित मौजूद रहे।
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