{"_id":"587140db4f1c1b01791585ae","slug":"promotional-material-shall-not-without-the-permission-of-the-building-owner","type":"story","status":"publish","title_hn":"भवन स्वामी की अनुमति के बिना नहीं लगेगी प्रचार सामग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भवन स्वामी की अनुमति के बिना नहीं लगेगी प्रचार सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:56 AM IST
विज्ञापन
election news lalitpur
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन, इमारत के मालिक की अनुमति के बिना उसकी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का झंडा, बैनर, नोटिस, नारे आदि नहीं लिखे जाएं। यदि कोई ऐसा करता है तो कार्रवाई की जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने कलेक्ट्रेट में विधानसभा निर्वाचन 2017 की तैयारियों के लिए हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
उन्होंने अधिकारियों को बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के पूरा होने तक क्या करें और क्या न करें। बाढ़, सूखा, महामारी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के व्यक्तियों के लिए राहत व पुनर्वास संबंधी कार्य जारी रहेंगे। निर्वाचन संबंधी अपराध जैसे घूसखोरी, अनुचित प्रभाव, मतदाताओं को डराना, धमकाना, शराब का वितरण, मतदान केन्द्र से 200 मीटर की परिधि में प्रचार तथा मतदाताओं को मतदान केंद्र पर ले जाना बंद रहेगा।
व्यक्ति विशेष की अनुमति लिए बिना उसकी जमीन, इमारत, दीवार आदि पर झंडा फहराने, बैनर लगाने, नोटिस चिपकाने या नारे आदि नहीं लिखे जा सकेंगे। उड़नदस्तों, स्टैटिक तथा निगरानी टीमों के कार्यों की समीक्षा की गई। यह बताया गया कि सभी छह विकास खंडों के लिए उड़नदस्ता एवं टीमों का गठन कर प्रभावी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी सघन रूप से चेकिंग करेंगे।
विज्ञापन
इसके अलावा डीएम ने पोस्टर, बैनर हटाने तथा दीवारों पर लिखी गई प्रचार सामग्री को पेंट कराने की भी समीक्षा की। यदि कोई प्रत्याशी या व्यक्ति प्रचार सामग्री हटाने के बावजूद दोबारा यह सामग्री लगाता है तो उस पर एफआईआर के निर्देश दिए। अवैध गाड़ियों के संचालन, गाड़ियों पर लगे झंडा, बैनर, स्टीकर, शस्त्र जमा कराने की भी जानकारी ली। निर्वाचक नामावली से काटे गये नामों की सूचना संबंधित को प्रदान किये जाने तथा मतदाता पहचान पत्र के शत-प्रतिशत वितरण के निर्देश भी उपजिलाधिकारियों को दिये गये।
बैठक के दौरान शांति व्यवस्था एवं आदर्श आचार संहिता, निर्वाचक नामावली, मतदेय स्थल, इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन, कार्मिक व्यवस्था, निर्वाचन सामग्री की तैयारी मतदान/मतगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण, परिवहन, ईधन तथा मतपत्र व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक डी. प्रदीप कुमार ने बताया कि उड़नदस्ता तथा स्टेैटिक टीमों के प्रभारियों को वाहन चेकिंग के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करा दिया गया है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा प्रभारी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
चुनाव ड्यूटी से बचने वालों पर रहेगी नजर
प्रभारी अधिकारी कार्मिक/मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने बैठक में बताया कि विभागाध्यक्षों द्वारा एनआईसी में जो डाटा फीड किया गया है उसमें कार्मिकों के आगे उनको निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त करने के संबंध में टिप्पणी भी की गई है। इसमें अधिकांश का आधार उनकी शारीरिक अस्वस्थता या बीमारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समस्त कार्यालयाध्यक्ष जिनके कर्मचारी द्वारा शारीरिक अस्वस्थता के आधार पर निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है
उनकी जांच के लिए पांच मेडीकल टीमों का गठन किया गया है। टीमें संबंधित कर्मचारी का चिकित्सीय परीक्षण कर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे कि कर्मचारी निर्वाचन ड्यूटी के योग्य है या नहीं। मेडिकल टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी स्वयं यह निर्णय लेंगे कि कार्मिक को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त रखा जाये या नहीं।
प्रचार के लिए उपयोग नहीं होंगे धार्मिक स्थल
निर्वाचन सभाओं के लिए सार्वजनिक स्थान तथा हवाई पट्टियां, विश्राम गृह, डाक बंगले, राजनैतिक दलों व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्याय संगत तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। सभा स्थल के बारे में स्थानीय पुलिस को सूचित करते हुए आवश्यक अनुमति पूर्व से प्राप्त की जायेगी तथा धारा 144 का अनिवार्य रूप से पालन होगा।
मतदाताओं को जारी पहचान पर्ची सादे कागज की होनी चाहिए, जिस पर केवल मतदाता की क्रम संख्या, मतदाता सूची की भाग संख्या और मतदान का दिनांक लिखी होगी। नेताओं द्वारा दूसरी पार्टी के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी पर टीका टिप्पणी की इजाजत नहीं दी जायेगी। मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे या अन्य कोई पूजा स्थल को भाषण, पोस्टर या सभा स्थल आदि को निर्वाचन प्रचार हेतु इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।
विज्ञापन
उन्होंने अधिकारियों को बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के पूरा होने तक क्या करें और क्या न करें। बाढ़, सूखा, महामारी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के व्यक्तियों के लिए राहत व पुनर्वास संबंधी कार्य जारी रहेंगे। निर्वाचन संबंधी अपराध जैसे घूसखोरी, अनुचित प्रभाव, मतदाताओं को डराना, धमकाना, शराब का वितरण, मतदान केन्द्र से 200 मीटर की परिधि में प्रचार तथा मतदाताओं को मतदान केंद्र पर ले जाना बंद रहेगा।
विज्ञापन
व्यक्ति विशेष की अनुमति लिए बिना उसकी जमीन, इमारत, दीवार आदि पर झंडा फहराने, बैनर लगाने, नोटिस चिपकाने या नारे आदि नहीं लिखे जा सकेंगे। उड़नदस्तों, स्टैटिक तथा निगरानी टीमों के कार्यों की समीक्षा की गई। यह बताया गया कि सभी छह विकास खंडों के लिए उड़नदस्ता एवं टीमों का गठन कर प्रभावी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी सघन रूप से चेकिंग करेंगे।
विज्ञापन
इसके अलावा डीएम ने पोस्टर, बैनर हटाने तथा दीवारों पर लिखी गई प्रचार सामग्री को पेंट कराने की भी समीक्षा की। यदि कोई प्रत्याशी या व्यक्ति प्रचार सामग्री हटाने के बावजूद दोबारा यह सामग्री लगाता है तो उस पर एफआईआर के निर्देश दिए। अवैध गाड़ियों के संचालन, गाड़ियों पर लगे झंडा, बैनर, स्टीकर, शस्त्र जमा कराने की भी जानकारी ली। निर्वाचक नामावली से काटे गये नामों की सूचना संबंधित को प्रदान किये जाने तथा मतदाता पहचान पत्र के शत-प्रतिशत वितरण के निर्देश भी उपजिलाधिकारियों को दिये गये।
बैठक के दौरान शांति व्यवस्था एवं आदर्श आचार संहिता, निर्वाचक नामावली, मतदेय स्थल, इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन, कार्मिक व्यवस्था, निर्वाचन सामग्री की तैयारी मतदान/मतगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण, परिवहन, ईधन तथा मतपत्र व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक डी. प्रदीप कुमार ने बताया कि उड़नदस्ता तथा स्टेैटिक टीमों के प्रभारियों को वाहन चेकिंग के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करा दिया गया है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा प्रभारी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
चुनाव ड्यूटी से बचने वालों पर रहेगी नजर
प्रभारी अधिकारी कार्मिक/मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने बैठक में बताया कि विभागाध्यक्षों द्वारा एनआईसी में जो डाटा फीड किया गया है उसमें कार्मिकों के आगे उनको निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त करने के संबंध में टिप्पणी भी की गई है। इसमें अधिकांश का आधार उनकी शारीरिक अस्वस्थता या बीमारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समस्त कार्यालयाध्यक्ष जिनके कर्मचारी द्वारा शारीरिक अस्वस्थता के आधार पर निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है
उनकी जांच के लिए पांच मेडीकल टीमों का गठन किया गया है। टीमें संबंधित कर्मचारी का चिकित्सीय परीक्षण कर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे कि कर्मचारी निर्वाचन ड्यूटी के योग्य है या नहीं। मेडिकल टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी स्वयं यह निर्णय लेंगे कि कार्मिक को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त रखा जाये या नहीं।
प्रचार के लिए उपयोग नहीं होंगे धार्मिक स्थल
निर्वाचन सभाओं के लिए सार्वजनिक स्थान तथा हवाई पट्टियां, विश्राम गृह, डाक बंगले, राजनैतिक दलों व निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए न्याय संगत तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। सभा स्थल के बारे में स्थानीय पुलिस को सूचित करते हुए आवश्यक अनुमति पूर्व से प्राप्त की जायेगी तथा धारा 144 का अनिवार्य रूप से पालन होगा।
मतदाताओं को जारी पहचान पर्ची सादे कागज की होनी चाहिए, जिस पर केवल मतदाता की क्रम संख्या, मतदाता सूची की भाग संख्या और मतदान का दिनांक लिखी होगी। नेताओं द्वारा दूसरी पार्टी के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी पर टीका टिप्पणी की इजाजत नहीं दी जायेगी। मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे या अन्य कोई पूजा स्थल को भाषण, पोस्टर या सभा स्थल आदि को निर्वाचन प्रचार हेतु इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।