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लंबे समय से परिषदीय शिक्षकों को पदोन्नति का इंतजार
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ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति अटकी है। इस वजह से प्राथमिक विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल में 500 से अधिक स्थायी प्रधानाध्यापक के पद रिक्त चल रहे हैं। तमाम शिक्षक बगैर प्रमोशन के सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कई रिटायरमेंट के करीब हैं।
नियमता परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को पांच वर्ष की सेवा उपरांत प्रमोशन दिया जाता है लेकिन लंबे समय से अध्यापकों को पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। इससे शिक्षकों को मायूसी हाथ लग रही है। इस समय जनपद में 500 से अधिक प्रधानाध्यापक के पद विद्यालयों में रिक्त हैं। वर्ष 2012 से पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन नहीं हो पाए हैं। इसी तरह वर्ष 2013 से प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति अटकी है। इस संबंध में कई बार शिक्षक संगठन विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय में मामला होने के कारण पदोन्नति अटकी हैं। उधर, शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के लिए शिक्षक दिवस जैसे आयोजन किए जाते हैं। वहीं, शिक्षकों की पदोन्नति की बारी आती है तो अधिकारी न्यायालय की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। यदि अधिकारी इसमें दिलचस्पी दिखाए तो शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ शीघ्र मिल सकता है।
वर्ष 2018 में जारी हुआ था पत्र
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने वर्ष 2018 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था। इसमें निर्देशित किया गया था कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कुल वास्तविक रिक्तियों में से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण हेते विज्ञापित पदों को छोड़कर अवशेष पदों के प्रति पदोन्नति की कार्रवाई एक माह के भीतर नियमानुसार पूर्ण कर अवगत कराएं। लेकिन इसी दौरान न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 26 मार्च 2018 के क्रम में की जाने वाली प्रोन्नति की कार्रवाई अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद से पदोन्नति अभी तक अटकी हैं।
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नियमता परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को पांच वर्ष की सेवा उपरांत प्रमोशन दिया जाता है लेकिन लंबे समय से अध्यापकों को पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। इससे शिक्षकों को मायूसी हाथ लग रही है। इस समय जनपद में 500 से अधिक प्रधानाध्यापक के पद विद्यालयों में रिक्त हैं। वर्ष 2012 से पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद पर प्रमोशन नहीं हो पाए हैं। इसी तरह वर्ष 2013 से प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति अटकी है। इस संबंध में कई बार शिक्षक संगठन विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय में मामला होने के कारण पदोन्नति अटकी हैं। उधर, शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के लिए शिक्षक दिवस जैसे आयोजन किए जाते हैं। वहीं, शिक्षकों की पदोन्नति की बारी आती है तो अधिकारी न्यायालय की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। यदि अधिकारी इसमें दिलचस्पी दिखाए तो शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ शीघ्र मिल सकता है।
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वर्ष 2018 में जारी हुआ था पत्र
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने वर्ष 2018 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था। इसमें निर्देशित किया गया था कि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कुल वास्तविक रिक्तियों में से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण हेते विज्ञापित पदों को छोड़कर अवशेष पदों के प्रति पदोन्नति की कार्रवाई एक माह के भीतर नियमानुसार पूर्ण कर अवगत कराएं। लेकिन इसी दौरान न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 26 मार्च 2018 के क्रम में की जाने वाली प्रोन्नति की कार्रवाई अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद से पदोन्नति अभी तक अटकी हैं।
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