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बजाज प्लांट में बिजली उत्पादन फिर शुरू
lalitpur
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:49 AM IST
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बिजली
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। बंद चल रहे बजाज पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन फिर से शुरू हो गया। डीएम की पहल पर बजाज प्लांट से जनपद को आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। इससे जिला वासियों को अंधाधुंध हो रही बिजली कटौती से राहत मिल गई है।
जिले को बजाज पावर प्लांट और पारीछा थर्मल पावर प्लांट से बिजली सप्लाई की जाती है। सप्लाई और कटौती करने का रोस्टर पनकी कंट्रोल के आदेश पर रौंड़ा स्थित 132 केवी हाइडिल के माध्यम से लागू किया जाता है। पनकी कंट्रोल ने सात जून को जिले में कंडीशनल रोस्टर लागू किया गया था। साथ ही बजाज पावर प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद में कटौती का रोस्टर लागू नहीं किए जाने के आदेश जारी किए गए थे, जबकि पारीछा थर्मल पावर प्लांट से बिजली मिलने पर सुबह 10 से 12 और शाम को तीन से पांच बजे तक बिजली कटौती करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन, 20 जून को बिजली की डिमांड कम होने का हवाला देकर स्टेट लोड डिस्प्ले सेंटर (एसएलडीसी) लखनऊ ने बजाज पावर प्लांट की यूनिट से विद्युत उत्पादन बंद करा दिया, जिससे दिन में चार घंटे बिजली कटौती का रोस्टर स्वत: लागू हो गया। लेकिन, रौंड़ा हाइडिल द्वारा पनकी कंट्रोल से रोजाना नये आदेश बताकर रोस्टर के अलावा कभी रात तो कभी दिन में चार से पांच घंटे की अतिरिक्त कटौती शुरू कर दी गई, जबकि फाल्ट अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी जिले में तीन से चार घंटे की अतिरिक्त अघोषित कटौती होने लगी, जिससे जनपदवासियों को मुश्किल से 10 से 12 घंटे या फिर कई बार इससे कम बिजली मिल पा रही थी।
इससे आक्रोशित होकर विभिन्न संगठनों के साथ बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए ज्ञापन दिए। मंगलवार को डीएम डा. रुपेश कुमार ने ऊर्जा सचिव व एमडी स्तर पर वार्ता की, इसका असर बुधवार को दिखाई दिया और बजाज प्लांट से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया गया।
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बुधवार की सुबह रौंड़ा हाइडिल द्वारा सब स्टेशनों को पनकी कंट्रोल के आदेश पर अगले आदेशों तक कटौती मुक्त रखने के निर्देश जारी किए गए। बताया गया है कि लखनऊ कंट्रोल द्वारा डिमांड होने पर बजाज प्लांट से बिजली आपूर्ति सुचारु करा दी गई है। बजाज प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद को अब भरपूर बिजली मिल सकेगी।
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जिले को बजाज पावर प्लांट और पारीछा थर्मल पावर प्लांट से बिजली सप्लाई की जाती है। सप्लाई और कटौती करने का रोस्टर पनकी कंट्रोल के आदेश पर रौंड़ा स्थित 132 केवी हाइडिल के माध्यम से लागू किया जाता है। पनकी कंट्रोल ने सात जून को जिले में कंडीशनल रोस्टर लागू किया गया था। साथ ही बजाज पावर प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद में कटौती का रोस्टर लागू नहीं किए जाने के आदेश जारी किए गए थे, जबकि पारीछा थर्मल पावर प्लांट से बिजली मिलने पर सुबह 10 से 12 और शाम को तीन से पांच बजे तक बिजली कटौती करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन, 20 जून को बिजली की डिमांड कम होने का हवाला देकर स्टेट लोड डिस्प्ले सेंटर (एसएलडीसी) लखनऊ ने बजाज पावर प्लांट की यूनिट से विद्युत उत्पादन बंद करा दिया, जिससे दिन में चार घंटे बिजली कटौती का रोस्टर स्वत: लागू हो गया। लेकिन, रौंड़ा हाइडिल द्वारा पनकी कंट्रोल से रोजाना नये आदेश बताकर रोस्टर के अलावा कभी रात तो कभी दिन में चार से पांच घंटे की अतिरिक्त कटौती शुरू कर दी गई, जबकि फाल्ट अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी जिले में तीन से चार घंटे की अतिरिक्त अघोषित कटौती होने लगी, जिससे जनपदवासियों को मुश्किल से 10 से 12 घंटे या फिर कई बार इससे कम बिजली मिल पा रही थी।
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इससे आक्रोशित होकर विभिन्न संगठनों के साथ बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए ज्ञापन दिए। मंगलवार को डीएम डा. रुपेश कुमार ने ऊर्जा सचिव व एमडी स्तर पर वार्ता की, इसका असर बुधवार को दिखाई दिया और बजाज प्लांट से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया गया।
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बुधवार की सुबह रौंड़ा हाइडिल द्वारा सब स्टेशनों को पनकी कंट्रोल के आदेश पर अगले आदेशों तक कटौती मुक्त रखने के निर्देश जारी किए गए। बताया गया है कि लखनऊ कंट्रोल द्वारा डिमांड होने पर बजाज प्लांट से बिजली आपूर्ति सुचारु करा दी गई है। बजाज प्लांट से बिजली मिलने पर जनपद को अब भरपूर बिजली मिल सकेगी।