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Lalitpur News: गांव में आठ थानों की पुलिस फोर्स रही तैनात,
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ललितपुर। सूदखोर से परेशान होकर वृद्धा के जान देने के बाद तनाव को देखते हुए बुधवार को पठा विजयपुरा में आठ थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस की निगरानी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम पठा विजयपुरा की जगरानी (80) ने मंगलवार को अमरूद के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने गांव के हरिशंकर सोनी, उसके पुत्र आनंद सोनी, कालीचरण, दीपक सहित पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और मुख्य आरोपी हरिशंकर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
जगरानी के आत्महत्या करने के दूसरे दिन बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। एहतियातन पठा विजयपुरा में कोतवाली तालबेहट, महरौनी, नाराहट, मड़ावरा, जाखलौन, बानपुर, सौजना, जखौरा थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा। जबकि, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी गांव की स्थिति को लेकर पल-पल की जानकारी लेते रहे। पोस्टमार्टम होने के बाद शाम को पुलिस की निगरानी में शव गांव में पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में ही अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम सूत्रों के मुताबिक वृद्धा की मौत फंदे पर लटकने से होना पाया गया है।
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बेशकीमती जमीन देखकर डोल गया था सूदखोर का मन
मृतका जगरानी के पौत्र भगवानदास के मुताबिक उसकी दादी के पति हरदयाल की गांव से गुजरे नाराहट-महरौनी मार्ग पर बेशकीमती जमीन है। 80 हजार रुपये लेने के एवज में सूदखोर ने हरदयाल की इस जमीन को ले लिया था। मूलधन सहित ब्याज की धनराशि लौटाने के बाद भी सूदखोर का मन इस जमीन को लेकर डोल गया और वह लौटा नहीं रहा था। उक्त जमीन पर उसने निर्माण भी शुरू करवा दिया था। कब्जा छुड़वाने के लिए जगरानी व हरदयाल अफसरों के 5 अक्तूबर से चक्कर काट रहे थे, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और सूदखोर व उसके पुत्र ने अभद्रता की तो सात अक्तूबर को जगरानी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
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अफसर होते गंभीर तो वृद्धा नहीं करती आत्महत्या
गांव के लोगों का कहना है कि जमीन पर सूदखोर का कब्जा छुड़वाने के लिए हरदयाल व जगरानी के दो दिन तक चक्कर काटने पर अफसर गंभीर होते तो शायद जगरानी को आत्महत्या करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता। लोग प्रशासन सहित महरौनी पुलिस की शिकायत निस्तारण में गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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अंतिम संस्कार को लेकर परिजन और पुलिस में बहस
मृतका के परिजन जगरानी के शव का अंतिम संस्कार नाराहट-महरौनी रोड स्थित उक्त जमीन पर करने की बात पर अड़े थे। जबकि, पुलिस व प्रशासन दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार करने की बात कह रहा था। इसको लेकर परिजनों और पुलिस व प्रशासन के बीच काफी बहस हुई। आखिर में उक्त विवादित जमीन के बगल में ही अंतिम संस्कार करने पर बात बनी।
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कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम पठा विजयपुरा की जगरानी (80) ने मंगलवार को अमरूद के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने गांव के हरिशंकर सोनी, उसके पुत्र आनंद सोनी, कालीचरण, दीपक सहित पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और मुख्य आरोपी हरिशंकर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
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जगरानी के आत्महत्या करने के दूसरे दिन बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। एहतियातन पठा विजयपुरा में कोतवाली तालबेहट, महरौनी, नाराहट, मड़ावरा, जाखलौन, बानपुर, सौजना, जखौरा थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा। जबकि, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी गांव की स्थिति को लेकर पल-पल की जानकारी लेते रहे। पोस्टमार्टम होने के बाद शाम को पुलिस की निगरानी में शव गांव में पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में ही अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम सूत्रों के मुताबिक वृद्धा की मौत फंदे पर लटकने से होना पाया गया है।
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बेशकीमती जमीन देखकर डोल गया था सूदखोर का मन
मृतका जगरानी के पौत्र भगवानदास के मुताबिक उसकी दादी के पति हरदयाल की गांव से गुजरे नाराहट-महरौनी मार्ग पर बेशकीमती जमीन है। 80 हजार रुपये लेने के एवज में सूदखोर ने हरदयाल की इस जमीन को ले लिया था। मूलधन सहित ब्याज की धनराशि लौटाने के बाद भी सूदखोर का मन इस जमीन को लेकर डोल गया और वह लौटा नहीं रहा था। उक्त जमीन पर उसने निर्माण भी शुरू करवा दिया था। कब्जा छुड़वाने के लिए जगरानी व हरदयाल अफसरों के 5 अक्तूबर से चक्कर काट रहे थे, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और सूदखोर व उसके पुत्र ने अभद्रता की तो सात अक्तूबर को जगरानी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
अफसर होते गंभीर तो वृद्धा नहीं करती आत्महत्या
गांव के लोगों का कहना है कि जमीन पर सूदखोर का कब्जा छुड़वाने के लिए हरदयाल व जगरानी के दो दिन तक चक्कर काटने पर अफसर गंभीर होते तो शायद जगरानी को आत्महत्या करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता। लोग प्रशासन सहित महरौनी पुलिस की शिकायत निस्तारण में गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार को लेकर परिजन और पुलिस में बहस
मृतका के परिजन जगरानी के शव का अंतिम संस्कार नाराहट-महरौनी रोड स्थित उक्त जमीन पर करने की बात पर अड़े थे। जबकि, पुलिस व प्रशासन दूसरी जगह पर अंतिम संस्कार करने की बात कह रहा था। इसको लेकर परिजनों और पुलिस व प्रशासन के बीच काफी बहस हुई। आखिर में उक्त विवादित जमीन के बगल में ही अंतिम संस्कार करने पर बात बनी।