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स्वास्थ्य और स्वच्छता पर बेझिझक करें चर्चा
ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2015 01:38 AM IST
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ललितपुर। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान में हाईजीन प्रशिक्षण के दौरान किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन, रोग व निदान पर चर्चा की गई। डायट प्राचार्य ने कहा कि शिक्षिकाएं स्वास्थ्य और स्वच्छता के संबंध में छात्राओं से बेझिझक चर्चा करें।
संदर्भदाता शंकुतला कुशवाहा ने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म के कारणों से भलीभांति अपरिचित होने की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि विद्यार्थियों के अभिभावक अज्ञानता अथवा अंधविश्वास की वजह से बच्चे का सही उपचार नहीं कराते या फिर नीम-हकीम के चक्कर में पड़ जाते हैं।
ऐसी स्थिति में अध्यापक का कर्तव्य है कि वह उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने संतुलित आहार के बारे में भी जानकारी देने कहा। प्लास्टिक से फैलने वाली गंदगी के बारे में बताया गया।
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अर्चना तिवारी ने बताया कि रुबेला वाइरस गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए समय रहते टीकाकरण जरूरी है। गीता साहू ने कहा कि टीकाकरण के जरिये विभिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है। दीप्ति जैन ने कहा कि विद्यालय की साफ-सफाई और हैंडपंप के पास की गंदगी से होने वाली बीमारियों के प्रति सचेत करते रहते हैं। अब बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी चर्चा करेंगे।
डायट प्राचार्य कीर्ति शुक्ला ने कहा कि शिक्षिकाएं अब बालिकाओं को हाईजीन संबंधी जानकारियों से जागरूक करें, जिससे बालिकाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बच सकें। तीन दिन चले इस प्रशिक्षण में स्वास्थ्य और पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक, व्यक्तिगत स्वच्छता, किशोरावस्था में स्वास्थ्य, स्वच्छता और मासिक धर्म, विद्यालय स्वच्छता, विद्यालय एवं समुदाय की भूमिका स्वास्थ्य और स्वच्छता में, स्वास्थ्य सेवाएं, रोग व निदान टॉपिक पर चर्चा की गई।
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संदर्भदाता शंकुतला कुशवाहा ने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म के कारणों से भलीभांति अपरिचित होने की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि विद्यार्थियों के अभिभावक अज्ञानता अथवा अंधविश्वास की वजह से बच्चे का सही उपचार नहीं कराते या फिर नीम-हकीम के चक्कर में पड़ जाते हैं।
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ऐसी स्थिति में अध्यापक का कर्तव्य है कि वह उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने संतुलित आहार के बारे में भी जानकारी देने कहा। प्लास्टिक से फैलने वाली गंदगी के बारे में बताया गया।
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अर्चना तिवारी ने बताया कि रुबेला वाइरस गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए समय रहते टीकाकरण जरूरी है। गीता साहू ने कहा कि टीकाकरण के जरिये विभिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है। दीप्ति जैन ने कहा कि विद्यालय की साफ-सफाई और हैंडपंप के पास की गंदगी से होने वाली बीमारियों के प्रति सचेत करते रहते हैं। अब बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी चर्चा करेंगे।
डायट प्राचार्य कीर्ति शुक्ला ने कहा कि शिक्षिकाएं अब बालिकाओं को हाईजीन संबंधी जानकारियों से जागरूक करें, जिससे बालिकाएं विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बच सकें। तीन दिन चले इस प्रशिक्षण में स्वास्थ्य और पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक, व्यक्तिगत स्वच्छता, किशोरावस्था में स्वास्थ्य, स्वच्छता और मासिक धर्म, विद्यालय स्वच्छता, विद्यालय एवं समुदाय की भूमिका स्वास्थ्य और स्वच्छता में, स्वास्थ्य सेवाएं, रोग व निदान टॉपिक पर चर्चा की गई।