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मनरेगा से होगा पौधरोपण कार्य
ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:04 AM IST
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ललितपुर। सूखे से उपजी रोजगार की समस्या से निपटने में वन विभाग मददगार साबित हो सकता है। शासन ने पौधरोपण का कार्य मनरेगा के अंतर्गत कराने का निर्णय लिया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिल सके। जिले में कुल 16,52,185 पौधे रोपे जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
बुंदेलखंड में सूखा पड़ा है, जिससे कृषि आधारित रोजगार न के बराबर रह गया है। श्रमिक काम के अभाव में दूसरे जिलों में पलायन करने को मजबूर हैं। जनपद भी इससे अछूता नहीं है। इसके मद्देनजर शासन ने पौधरोपण का कार्य मनरेगा से कराने का फैसला किया है। इसके पीछे मंशा ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम दिलाना है।
सात जुलाई को होने वाले पौधरोपण में वन विभाग को 13.35 पौधे व अन्य विभागों को 3,17,185 पौधे रोपने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस तरह जिले में कुल 16, 52, 185 पौधे रोपे जाएंगे।
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जिला वृक्षारोपण समिति ने पौधरोपण की तैयारी करने के निर्देश संबंधितों को दिए हैं। 31 मार्च तक पौधों के लिए गड्ढे खोदे जाएंगे। इसके पश्चात एक से 15 अप्रैल तक काम का मूल्यांकन किया जाएगा। पौधरोपण के कार्य से मनरेगा श्रमिकों को काम मिलने की आश जगी है।
गौरतलब है कि इससे पहले जनपद में एक दिन में 1.10 लाख पौधे रोपे गए थे। अब बड़ा लक्ष्य मिलने से वन कर्मियों के हाथ-पैर फूलने लगे हैं।
कैसे खुदेंगे कम समय में लाखों गड्ढे
शासन ने समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसमें मनरेगा श्रमिकों से गड्ढे खुदवाने के निर्देश हैं, ऐसे में कम समय में लाखों पौधे रोपे जाना आसान नहीं होगा। निर्धारित समय में गड्ढे खुद पाएंगे या नहीं।
वहीं, उच्चस्थ अधिकारी तय समय में गड्ढा खुदवाने को निर्देश दे रहे हैं, जिससे विभागीय कर्मियों को समझ नहीं रहा है कि कैसे लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
ग्राम प्रधानों का रहेेगी भूमिका
वन विभाग के पौधरोपण में ग्राम प्रधानों की भूमिका बढ़ गई है। ग्राम प्रधानों के सहयोग के बिना लक्ष्य प्राप्त करना विभागीय कर्मियों के लिए मुश्किल होगा।
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बुंदेलखंड में सूखा पड़ा है, जिससे कृषि आधारित रोजगार न के बराबर रह गया है। श्रमिक काम के अभाव में दूसरे जिलों में पलायन करने को मजबूर हैं। जनपद भी इससे अछूता नहीं है। इसके मद्देनजर शासन ने पौधरोपण का कार्य मनरेगा से कराने का फैसला किया है। इसके पीछे मंशा ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम दिलाना है।
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सात जुलाई को होने वाले पौधरोपण में वन विभाग को 13.35 पौधे व अन्य विभागों को 3,17,185 पौधे रोपने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस तरह जिले में कुल 16, 52, 185 पौधे रोपे जाएंगे।
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जिला वृक्षारोपण समिति ने पौधरोपण की तैयारी करने के निर्देश संबंधितों को दिए हैं। 31 मार्च तक पौधों के लिए गड्ढे खोदे जाएंगे। इसके पश्चात एक से 15 अप्रैल तक काम का मूल्यांकन किया जाएगा। पौधरोपण के कार्य से मनरेगा श्रमिकों को काम मिलने की आश जगी है।
गौरतलब है कि इससे पहले जनपद में एक दिन में 1.10 लाख पौधे रोपे गए थे। अब बड़ा लक्ष्य मिलने से वन कर्मियों के हाथ-पैर फूलने लगे हैं।
कैसे खुदेंगे कम समय में लाखों गड्ढे
शासन ने समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसमें मनरेगा श्रमिकों से गड्ढे खुदवाने के निर्देश हैं, ऐसे में कम समय में लाखों पौधे रोपे जाना आसान नहीं होगा। निर्धारित समय में गड्ढे खुद पाएंगे या नहीं।
वहीं, उच्चस्थ अधिकारी तय समय में गड्ढा खुदवाने को निर्देश दे रहे हैं, जिससे विभागीय कर्मियों को समझ नहीं रहा है कि कैसे लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
ग्राम प्रधानों का रहेेगी भूमिका
वन विभाग के पौधरोपण में ग्राम प्रधानों की भूमिका बढ़ गई है। ग्राम प्रधानों के सहयोग के बिना लक्ष्य प्राप्त करना विभागीय कर्मियों के लिए मुश्किल होगा।