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पीर बाबा की सवारी निकाली
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कैप्सन - नगर में निकलती पीर बाबा की सवारी
- फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। नगर में पिछले सौ से अधिक वर्षों से मनाए जा रहे पीर बाबा एवं जन्माष्टमी का मेला इस बार कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गया। हालांकि, पीर बाबा की सवारी निकली पर नगर की सड़कों पर इस बार सन्नाटा पसरा रहा।
नगर में जन्माष्टमी के पर्व पर पीर बाबा का मेला लगता है। यह मेला पिछले सौ से अधिक वर्षों से लगता आ रहा हैं। जन्माष्टमी के दूसरे दिन सरफयाना स्थित पीर बाबा की मढ़ी से एक सवारी निकलती है, जो डाक खाने की गली के सामने बने चबूतरे से होती हुई टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे बनी मढ़ी तक जाती हैं। इस सवारी में पीर बाबा के भक्त लोहे की सांकरों से लोगों की झाड फूंक करते हैं। लोगों का मानना है कि इससे कई बीमारियां और संकट दूर हो जाते हैं। इसके लिए आसपास के गॉवों से भारी संख्या में लोग आते हैं।
कोरोना संक्रमण के कारण इस बार नगर पंचायत ने मेले का आयोजन निरस्त कर दिया। पर, पीर बाबा की सवारी निकली। इसमें काफी कम संख्या में लोग नगर की सड़कों पर दिखें। बताते चलें कि हर बार पीर बाबा की सवारी में आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल का प्रबंध करना पड़ता था।
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नगर में जन्माष्टमी के पर्व पर पीर बाबा का मेला लगता है। यह मेला पिछले सौ से अधिक वर्षों से लगता आ रहा हैं। जन्माष्टमी के दूसरे दिन सरफयाना स्थित पीर बाबा की मढ़ी से एक सवारी निकलती है, जो डाक खाने की गली के सामने बने चबूतरे से होती हुई टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे बनी मढ़ी तक जाती हैं। इस सवारी में पीर बाबा के भक्त लोहे की सांकरों से लोगों की झाड फूंक करते हैं। लोगों का मानना है कि इससे कई बीमारियां और संकट दूर हो जाते हैं। इसके लिए आसपास के गॉवों से भारी संख्या में लोग आते हैं।
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कोरोना संक्रमण के कारण इस बार नगर पंचायत ने मेले का आयोजन निरस्त कर दिया। पर, पीर बाबा की सवारी निकली। इसमें काफी कम संख्या में लोग नगर की सड़कों पर दिखें। बताते चलें कि हर बार पीर बाबा की सवारी में आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल का प्रबंध करना पड़ता था।
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