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Lalitpur News: आवासीय संपत्तियों के हस्तांतरण की थी अनुमति... बेच दी व्यावसायिक जमीनें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दान पत्र योजना के तहत सरकार ने मात्र पांच हजार के स्टांप पर लोगों को अपनी आवासीय संपत्तियां परिजनों के नाम करने की अनुमति दी थी, लेकिन शातिरों ने इसकी आड़ में व्यावसायिक और औद्योगिक भूमियों का भी बैनामा कर दिया। लाखों रुपये की स्टांप चोरी के मामलों की अब महानिरीक्षक निबंधन डॉ. रूपेश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। यहां इस योजना के तहत कुल 1504 बैनामे हुए हैं, जिनमें सदर में 776, महरौनी में 552 व तालबेहट के 176 मामले हैं।
लोगों को सहूलियत देने के लिए शासन ने बीते अगस्त में दानपत्र योजना शुरू की थी। इसके तहत मात्र आवासीय व कृषि भूमियों को अपने परिजनों के नाम बैनामा करने की अनुमति थी। स्टांप शुल्क मात्र पांच हजार रुपये रखा गया था। वहीं, व्यावसायिक व औद्योगिक भूमियों के बैनामे को इस योजना से बाहर रखा गया था। व्यावसायिक गतिविधि वाले क्षेत्रों से 50 मीटर के दायरे तक की जमीनों को भी इस योजना से दूर रखा गया था। लेकिन, कुछ लोगों ने तथ्यों को छुपा कर दान पत्र योजना के तहत अपनी व्यावसायिक भूमि का हस्तांतरण परिजनों को कर दिया। शासन स्तर पर इसकी शिकायत हुई तो दानपत्र योजना के तहत हस्तांतरित जमीनों के सत्यापन का आदेश जारी किया गया। सदर रजिस्ट्रार कार्यालय में 200 से अधिक बैनामे इस योजना के अंतर्गत किए गए हैं, जिनमें एक दर्जन से अधिक व्यावसायिक भूमियों के मामले माने जा रहे हैं। अब इनका सत्यापन होगा। साथ ही जिन लोगों ने ये कारनामे किए हैं, उन पर स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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तालबेहट में दो बैनामों पर सात लाख की पकड़ी स्टांप चोरी, मुकदमा दर्ज
दानपत्र योजना के तहत तालबेहट में 176 बैनामे हुए थे। जांच के दौरान दो प्रकरण ऐसे पाए गए, जिन्होंने व्यावसायिक भूमियों का बैनामा किया था, इसमें सात लाख 36 हजार की स्टांप चोरी पाई गई। इन दोनों के खिलाफ वाद दर्ज कर नोटिस जारी कर दिया गया है।
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दान पत्र योजना के तहत हुए बैनामों का शासन के आदेश पर सत्यापन कराया जा रहा है। अभी स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज कुमार श्रीवास्तव, सहायक महानिरीक्षक निबंधन।
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ललितपुर। दान पत्र योजना के तहत सरकार ने मात्र पांच हजार के स्टांप पर लोगों को अपनी आवासीय संपत्तियां परिजनों के नाम करने की अनुमति दी थी, लेकिन शातिरों ने इसकी आड़ में व्यावसायिक और औद्योगिक भूमियों का भी बैनामा कर दिया। लाखों रुपये की स्टांप चोरी के मामलों की अब महानिरीक्षक निबंधन डॉ. रूपेश कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। यहां इस योजना के तहत कुल 1504 बैनामे हुए हैं, जिनमें सदर में 776, महरौनी में 552 व तालबेहट के 176 मामले हैं।
लोगों को सहूलियत देने के लिए शासन ने बीते अगस्त में दानपत्र योजना शुरू की थी। इसके तहत मात्र आवासीय व कृषि भूमियों को अपने परिजनों के नाम बैनामा करने की अनुमति थी। स्टांप शुल्क मात्र पांच हजार रुपये रखा गया था। वहीं, व्यावसायिक व औद्योगिक भूमियों के बैनामे को इस योजना से बाहर रखा गया था। व्यावसायिक गतिविधि वाले क्षेत्रों से 50 मीटर के दायरे तक की जमीनों को भी इस योजना से दूर रखा गया था। लेकिन, कुछ लोगों ने तथ्यों को छुपा कर दान पत्र योजना के तहत अपनी व्यावसायिक भूमि का हस्तांतरण परिजनों को कर दिया। शासन स्तर पर इसकी शिकायत हुई तो दानपत्र योजना के तहत हस्तांतरित जमीनों के सत्यापन का आदेश जारी किया गया। सदर रजिस्ट्रार कार्यालय में 200 से अधिक बैनामे इस योजना के अंतर्गत किए गए हैं, जिनमें एक दर्जन से अधिक व्यावसायिक भूमियों के मामले माने जा रहे हैं। अब इनका सत्यापन होगा। साथ ही जिन लोगों ने ये कारनामे किए हैं, उन पर स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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तालबेहट में दो बैनामों पर सात लाख की पकड़ी स्टांप चोरी, मुकदमा दर्ज
दानपत्र योजना के तहत तालबेहट में 176 बैनामे हुए थे। जांच के दौरान दो प्रकरण ऐसे पाए गए, जिन्होंने व्यावसायिक भूमियों का बैनामा किया था, इसमें सात लाख 36 हजार की स्टांप चोरी पाई गई। इन दोनों के खिलाफ वाद दर्ज कर नोटिस जारी कर दिया गया है।
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दान पत्र योजना के तहत हुए बैनामों का शासन के आदेश पर सत्यापन कराया जा रहा है। अभी स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज कुमार श्रीवास्तव, सहायक महानिरीक्षक निबंधन।